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लिसाढ़ थांबेदार की पगड़ी बदलने को लेकर उपजा विवाद

Mon, 01 Nov 2021 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Nov 2021 12:30 AM IST
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Lisadh Thamedar's turban tied to  mahipal singh
शामली क्षेत्र के गांव हसनपुर में महिपाल सिंह मलिक को पगड़ी पहनाते चौधरी। - फोटो : SHAMLI
शामली। गठवाला खाप के गांव लिसाढ़ थांबा के थांबेदार की पगड़ी बदलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हसनपुर गांव में हुई पंचायत में कुछ लोगों ने रिटायर पुलिसकर्मी महिपाल सिंह को थांबेदार घोषित कर दिया। इस दौरान गांव में भारी पुलिसबल भी तैनात रहा।
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इस कार्यक्रम को गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेंद्र मलिक ने ड्रामा और समाज को तोड़ने वाला कृत्य करार दिया है। उन्होंने कहा है कि पंचायत में खाप का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति शामिल नहीं हुआ है। कोतवाली क्षेत्र के गांव हसनपुर में रविवार को गठवाला खाप के 11 गांव के थांबेदार की पगड़ी का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें रिटायर यूपी के दीवान महिपाल सिंह मलिक को गठवाला खाप का थाबेंदार बनाया गया। इसका उनके ही परिवार के कुछ लोगों ने भी विरोध जताया। विवाद को देखते हुए मौके पर पुलिस व पीएसी भी तैनात रही।
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11 गांवों के लोगों ने सौंपी है जिम्मेदारी : महीपाल सिंह
पंचायत के बाद महिपाल सिंह ने बताया कि उनके परदादा के पिता के पास यह पगड़ी थी। बाद में थांबा खाली चला आ रहा है। आज 11 गांवों के लोगों ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी ईनामदारी और मजबूती से निभाएंगे। परिवार के जो लोग नाराज हैं, उन्हें भी मनाया जाएगा।
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यह समाज को तोड़ने की कोशिश: खाप चौधरी
गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेंद्र मलिक ने इस संबंध में कहा कि खाप के साथ लिसाढ़ थांबे की पगड़ी भी मेरे पास है। हसनपुर में हुए कार्यक्रम में खाप का कोई चौधरी या फिर थांबेदार मौजूद नहीं था। वहां कुछ विवाद होने की आशंका भी थी। ऐसे में हमने फोन करके गांव में पुलिस भेजी थी। कुछ दिन पहले भभीसा गांव में बुड़ियान खाप चौधरी की पगड़ी इसी अंदाज में बदली गई थी। जिस पर समाज के जिम्मेदारों ने काफी नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने इस परंपरा को गलत करार दिया था। लेकिन कुछ लोग षड्यंत्र के तहत बार-बार समाज को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। खाप के सभी थांबेदार इस मामले को लेकर काफी नाराज हैं। वह जल्द ही पंचायत बुलाने की बात कह रहे हैं। पंचायत में हमें बुलाया गया तो हम भी पंचायत में जाएंगे।
किसान पंचायत के मुद्दे पर बंट गई थी खाप
मुजफ्फरनगर में पांच सितबर को हुई संयुक्त किसान मोर्चा की किसान महापंचायत के बाद से गठवाला खाप के मतभेद सामने आने लगे थे। खाप चौधरी राजेंद्र सिंह ने किनारा कर लिया था और खाप के कई थांबेदार महापंचायत में शामिल हुए थे। बाद में राजेंद्र सिंह ने हिंद किसान मजदूर समिति के साथ मिलकर एक और पंचायत की थी।

खाप के सम्मान से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त
कांधला। क्षेत्र के गांव मखमुलपुर में सुधीर मलिक के आवास पर ग्रामीणों की बैठक हुई। जिसमें हसनपुर में गठवाला खाप के सम्मान का प्रतीक पगड़ी को कुछ लोगों के द्वारा गांव हसनपुर में अन्य व्यक्ति बांधने की कड़े शब्दों में निंदा की गई। वक्ताओं ने कहा कि कुछ लोग खाप के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास कर रहे हैं। इसे बर्दाश्त नही होगा। उन्होने इसे लेकर जल्द ही रणनिति बनाकर एक महापंचायत करने की घोषणा की है। इस मौके पर सुधीर मलिक, मलिक जयदेव सिंह, राज सिंह, बाबा मनोज मलिक, सुशील मलिक, कालू मलिक आदि मौजूद थे।
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