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तेंदुए की आहट से लोग सहमे
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 23 Oct 2017 12:17 AM IST
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Panic
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। हैदरपुर में तेंदुए जैसा दिखने वाला जानवर दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। उधर, कोतवाली पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने भी जंगल में जानवर की तलाश में छानबीन की।
रविवार सुबह करीब सात बजे गांव हैदरपुर निवासी अंकित की पत्नी नीलम अपनी बेटी जानवी के साथ गांव के पास ही अपने खेत के नलकूप पर बने देवोत्थान पूजने गई थी।
महिला नीलम ने बताया कि उसे खेत पर तेंदुआ जैसा जानवर दिखाई दिया। उसने अपनी बेटी के साथ वहां से भागकर गांव पहुंची। परिजनों को इसके बारे में बताया। सैकड़ों ग्रामीण हाथों में लाठी डंडे लेकर खेतों में पहुंच गए। खेत में नील गाय के पैरों के निशान भी बने हुए थे। इससे लग रहा था कि जानवर शिकार करने के लिए नील गाय का पीछा करते हुए गांव के नजदीक आ गया होगा।
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सूचना पर कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पंवार व डायल-100 पुलिस भी मौके पर पहुंची। जंगलों में जानवर की तलाश की। नील गाय व तेंदुए जैसे जानवर के पैरों के निशान खेतों में काफी दूर तक बने हुए थे। पुलिस व ग्रामीणों ने जानवर के पैरों के निशान के आधार पर उसकी काफी दूर तक तलाश किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
ग्रामीण धर्मवीर ने बताया कि पास के गांव मवी निवासी शहजाद आठ दिन पहले जंगल में गया था। शहजाद ने जंगल में तेंदुआ जैसा मिलता जुलता जानवर देखा था, लेकिन उसकी बात पर किसी ने विश्वास नहीं किया था। इसके अलावा पिछले 15 दिनों से जंगल में सूअर आदि छोटे जानवरों के अवशेष मिल रहे हैं, जिन्हें जानवरों ने खाया हुआ था।
सूचना पर वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और जानवर के पैरों के निशान की जांच की। वन क्षेत्राधिकारी राकेश बालियान ने बताया कि निशान दिखने में फिसिंग केट के लग रहे हैं। उनके विभाग की छह सदस्य टीम क्षेत्र पर नजर रखे हुए है।
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रविवार सुबह करीब सात बजे गांव हैदरपुर निवासी अंकित की पत्नी नीलम अपनी बेटी जानवी के साथ गांव के पास ही अपने खेत के नलकूप पर बने देवोत्थान पूजने गई थी।
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महिला नीलम ने बताया कि उसे खेत पर तेंदुआ जैसा जानवर दिखाई दिया। उसने अपनी बेटी के साथ वहां से भागकर गांव पहुंची। परिजनों को इसके बारे में बताया। सैकड़ों ग्रामीण हाथों में लाठी डंडे लेकर खेतों में पहुंच गए। खेत में नील गाय के पैरों के निशान भी बने हुए थे। इससे लग रहा था कि जानवर शिकार करने के लिए नील गाय का पीछा करते हुए गांव के नजदीक आ गया होगा।
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सूचना पर कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पंवार व डायल-100 पुलिस भी मौके पर पहुंची। जंगलों में जानवर की तलाश की। नील गाय व तेंदुए जैसे जानवर के पैरों के निशान खेतों में काफी दूर तक बने हुए थे। पुलिस व ग्रामीणों ने जानवर के पैरों के निशान के आधार पर उसकी काफी दूर तक तलाश किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
ग्रामीण धर्मवीर ने बताया कि पास के गांव मवी निवासी शहजाद आठ दिन पहले जंगल में गया था। शहजाद ने जंगल में तेंदुआ जैसा मिलता जुलता जानवर देखा था, लेकिन उसकी बात पर किसी ने विश्वास नहीं किया था। इसके अलावा पिछले 15 दिनों से जंगल में सूअर आदि छोटे जानवरों के अवशेष मिल रहे हैं, जिन्हें जानवरों ने खाया हुआ था।
सूचना पर वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और जानवर के पैरों के निशान की जांच की। वन क्षेत्राधिकारी राकेश बालियान ने बताया कि निशान दिखने में फिसिंग केट के लग रहे हैं। उनके विभाग की छह सदस्य टीम क्षेत्र पर नजर रखे हुए है।