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Shamli News: श्मशान में अंतिम संस्कार, कब्रिस्तान में अस्थियां हुईं सुपुर्द-ए-खाक
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अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। रेलवे ट्रैक के पास मिले व्यक्ति के शव का चार दिन बाद पुलिस ने लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया। अब मृतक की पहचान रुड़की के रामपुर निवासी इनाम के रूप में हुई। रविवार को बेटे राकिब ने परिजनों के साथ श्मशानघाट में पहुंचकर अस्थियां चुगीं, जिसके बाद अपने गांव के कब्रिस्तान में ले जाकर उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया।
दरअसल, 26 जनवरी को नागल थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास एक व्यक्ति का शव मिला था, जिसकी उम्र करीब 46 साल थी। काफी प्रयास के बाद भी शव की पहचान नहीं हो सकी। कई दिनों तक वह पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया।
पहचान नहीं होने पर पुलिस ने नियमानुसार, 31 जनवरी को हकीकत नगर स्थित श्मशानघाट में शव का लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया। हालांकि पुलिस फिर भी प्रयास करती है कि मृतक के परिजनों का पता चल सके।
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राकिब ने बताया कि उसके पिता मानसिक रूप से कमजोर थे। इसीलिए फोन भी साथ नहीं रखते थे। उनकी जेब में अक्सर आइडी डालकर रखते थे, लेकिन उसे भी गुम कर देते थे। जब वह गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचा, तब पिता की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस के साथ जाकर श्मशानघाट से पिता की अस्थियां चुगीं और उन्हें गांव के कब्रिस्तान में लाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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सहारनपुर। रेलवे ट्रैक के पास मिले व्यक्ति के शव का चार दिन बाद पुलिस ने लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया। अब मृतक की पहचान रुड़की के रामपुर निवासी इनाम के रूप में हुई। रविवार को बेटे राकिब ने परिजनों के साथ श्मशानघाट में पहुंचकर अस्थियां चुगीं, जिसके बाद अपने गांव के कब्रिस्तान में ले जाकर उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया।
दरअसल, 26 जनवरी को नागल थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास एक व्यक्ति का शव मिला था, जिसकी उम्र करीब 46 साल थी। काफी प्रयास के बाद भी शव की पहचान नहीं हो सकी। कई दिनों तक वह पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया।
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पहचान नहीं होने पर पुलिस ने नियमानुसार, 31 जनवरी को हकीकत नगर स्थित श्मशानघाट में शव का लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया। हालांकि पुलिस फिर भी प्रयास करती है कि मृतक के परिजनों का पता चल सके।
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राकिब ने बताया कि उसके पिता मानसिक रूप से कमजोर थे। इसीलिए फोन भी साथ नहीं रखते थे। उनकी जेब में अक्सर आइडी डालकर रखते थे, लेकिन उसे भी गुम कर देते थे। जब वह गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचा, तब पिता की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस के साथ जाकर श्मशानघाट से पिता की अस्थियां चुगीं और उन्हें गांव के कब्रिस्तान में लाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया।