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शामली में जाम से मुक्ति की योजना को झटका -दो हाईवों को जोड़ने वाली पूर्वी यमुनानहर की पटरी सड़क का निर्माण अधर में लटका

Sat, 15 Feb 2020 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 12:24 AM IST
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Lack of budget halts connectivity of two highways
बजट के अभाव ने रोकी दो हाइवे की कनेक्टिविटी
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शामली। मेरठ - करनाल और पानीपत - खटीमा हाइवे को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना बजट के अभाव में पूरी नहीं हो पा रही है। शामली शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने में इस परियोजना की अहम भूमिका होगी। क्योंकि दोनों हाइवे को पूर्वी यमुना नहर पटरी के जरिये जोड़ा जाना है। 44 करोड़ की परियोजना में 38 करोड़ खर्च भी हो चुके हैं, लेकिन छह करोड़ रुपये के अभाव में करीब ढाई किलोमीटर का कार्य अधर में लटका हुआ है।
शामली जिला बनने के बाद पूर्वी यमुना नहर के किनारे मुंडेट, गोहरनी, बधेव, भैंसवाल गांव की 265 एकड भूमि में जिला मुख्यालय घोषित किया गया। जिला संयुक्त अस्पताल, कलक्ट्रेट, विकास भवन, जिला न्यायालय, बीएसए और डीआईओएस कार्यालय, डीएम और एसपी समेत जिलास्तरीय अधिकारियों के आवास, जवाहर नवोदय विद्यालय का निर्माण भी यहीं हो रहा है।
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वहीं, शहर के जाम और नहर पटरी पर सभी विभागों के कार्यालय को देखते हुए पूर्वी यमुना नहर पटरी को मेरठ - करनाल और पानीपत- खटीमा हाइवे से जोड़ने के लिए गांव भैंसवाल से करमूखेडी पुल तक 10 किमी लंबाई की सड़क विकसित की गई। 44 करोड़ की परियोजना में से 38 करोड़ रुपये से दो पुल, भैंसवाल गांव से लेकर मुंडेट कला पुल तक लाइनिंग, भैंसवाल पुल से लेकर करमू खेडी पुल तक एक साइड की पटरी, करनाल मार्ग के नहर पुल तक नहर की दूसरी पटरी की सड़क और मिट्टी डलाव का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन ढाई किलोमीटर की सड़क कार्य अधूरा पड़ा है। इसके अलावा हाईवे को जोड़ने वाली नहर पटरी पर विद्युत खंभे भी नहीं हटाए गए हैं तथा पटरी की जद में आए पेड़ भी नहीं काटे गए हैं। इस कारण परियोजना पूर्ण नहीं हो पा रही है।
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कोट
- पूर्वी यमुना नहर पटरी परियोजना के छह करोड़ रुपये अवशेष धनराशि की मांग शासन से की गई है। मई 2020 में अवशेष धनराशि आने की उम्मीद है, जिसके बाद अधूरे कार्य पूरे कराए जाएंगे। - अमित कुमार चौधरी, सहायक अभियंता पूर्वी यमुना नहर खंड
- वापस ली जाएगी खंभे हटाने को दी धनराशि
पूर्वी यमुना नहर पटरी से विद्युत खंभे हटाने के लिए पावर कारपोरेशन को 98 लाख रुपये जारी किए गए थे। पावर कारपोरेशन ने खंभे नहीं हटाए। अधिकारियों से उक्त धनराशि वापस मांगी जाएगी। - रविंद्र सिंह राणा, अधिशासी अभियंता, पूर्वी यमुना नहर खंड

- बैठक में होगा समाधान
पूर्वी यमुना नहर खंड पटरी से खंभे हटाने के लिए पावर कारपोरेशन और पूर्वी यमुुना नहर खंड के अफसरों की बैठक बुलाकर समस्या का समाधान किया जाएगा- जेके पाल अधीक्षण अभियंता
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