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Shamli News: चीन के नए वैरिएंट को लेकर अस्पतालों में आने वाले मरीजों पर पैनी नजर

Tue, 05 Dec 2023 12:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Tue, 05 Dec 2023 12:32 AM IST
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Keeping a close eye on the patients coming to hospitals due to the new variant of China
शामली जिला अस्पताल में मरीजो की लगी भीड
शामली। चीन के नए वैरिएंट को लेकर अस्पतालों में आने वाले सांस और निमोनियां रोगियों पर चिकित्सक नजर रख रहे हैं और इसकी रिपोर्ट डॉक्टरों द्वारा अधिकारियों को भेजी जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने अलर्ट रहने के निर्देश दिए और साथ ही आशा, एएनएम को भी जिम्मेदारी सौंपी है कि यदि कोई संदिग्ध मरीज दिखाई देता है तो सूचना डॉक्टरों को दे, ताकि उनका समय रहते उपचार किया जा सकें।
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नए वायरस से संक्रमित बच्चों से चीन के अस्पताल भरने लगे हैं। इस नए वायरस को रहस्यमयी निमोनिया वायरस इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि इसके कुछ लक्षण आम निमोनिया से मिलते-जुलते हैं और कुछ अलग भी हैं। इसको देखते हुए जनपद में भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिला अस्पताल में पहुंच रहे आठ सौ मरीजों में तीन सौ मरीज सांस और निमोनिया के पहुंच रहे हैं। वहीं शामली सीएचसी में भी सौ से अधिक मरीज सांस व निमोनिया के पहुंचकर दवाई ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी सांस व निमोनिया के मरीजों पर पल-पल की नजर रख रहा है और यदि कोई मरीज गंभीर मिलता है तो उसकी जांच कराने के आदेश दे रखे है, ताकि यह बीमारी अन्य मरीजों में न फैल सके।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि अगर निमोनिया की बात करें तो उसमें पीड़ित बच्चों को बलगम वाली खांसी, तेज बुखार और फेफड़ों में सूजन की शिकायत होती है। वहीं, दूसरी ओर चीन के इस रहस्यमयी निमोनिया में बच्चों को बिना बलगम वाली खांसी के ही तेज बुखार और फेफड़ों में सूजन की शिकायत हो रही है।
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जानलेवा साबित हो जाते हैं मामले

निमोनिया यूं तो आम बुखार की ही तरह है, जिसे एंटीबैक्टीरियल और एंटीबायोटिक दवाओं की मदद से कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक, फेफड़ों में तरल पदार्थ भरने लगता है, जो मवाद बन जाता है और यह धीरे-धीरे पूरे फेफड़े में भर जाता है, जिससे पीड़ित सांस लेने में असक्षम हो जाता है। यह बीमारी ज्यादातर बच्चों और बुजुर्गों को अपना शिकार बनाती है।

सांस व निमोनिया के मरीजों पर नजर रखी जा रही है। जनपद में अभी ऐसा कुछ नहीं है। इसके लिए चिकित्सकाें, एएनएम व आशा को जिम्मेदारी साैंपी गई है। यदि कोई गंभीर मरीज मिलता है तो उनकी जांच कराई जाएगी।
डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ शामली
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