{"_id":"627bfb15d986ed242f4a56cb","slug":"kairana-hospital-with-the-help-of-two-doctors-shamli-news-mrt5881973192","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो चिकित्सकों के सहारे ही कैराना का अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो चिकित्सकों के सहारे ही कैराना का अस्पताल
विज्ञापन
कैराना सीएचसी पर मरीजों की लगी लाइन।
- फोटो : SHAMLI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैराना। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। कैराना ब्लाक क्षेत्र में चिकित्सा अधीक्षक सहित चार चिकित्सक हैं, इनमें से दो की ड्यूटी गांव के अस्पताल में लगाई गई है। केवल दो चिकित्सकों के सहारे ही कैराना का अस्पताल चल रहा है। यहां पर प्रतिदिन 300 से 400 तक मरीज आते हैं।
एनएच 709 एडी का निर्माण कार्य चलने के कारण अधूरी सड़कों पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। दुर्घटना में घायल सीएचसी आते हैं, लेकिन सीएचसी पर सर्जन नहीं होने के कारण उनके जख्मों की पट्टी भी वार्ड ब्वॉय करते हैं। इसके बाद मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। घायल की जिंदगी के लिए एक-एक मिनट कीमती होती है। ऐसे में कैराना सीएचसी पर सर्जन की बहुत जरूरत है।
सीएचसी पर महिला चिकित्सक भी नहीं है। यहां पर प्रतिदिन पांच से दस तक डिलीवरी के केस आते हैं। एक स्थायी स्टाफ नर्स और तीन संविदा स्टाफ नर्स ही डिलीवरी कराती है। केस सीरियस है तो उसे भी रेफर करना पड़ता है। सीएचसी पर बाल रोग विशेषज्ञ की भी तैनाती नहीं होने के कारण लोग अपने बच्चों को प्राइवेट चिकित्सक के पास ही ले जाते हैं, लेकिन गरीब परिवार प्राइवेट चिकित्सकों का खर्चा उठाने में समर्थ नहीं है। जिस कारण उन्हें झोलाछाप के पास ही जाना पड़ता है।
विज्ञापन
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र चौरसिया ने बताया कि कैराना सीएचसी सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे खुली रहती है। स्टाफ की बेहद कमी है। जिस कारण भूरा व कंडेला में तैनात डॉ. विकास चंद व डॉ. विकास वर्णवाल को भी कैराना सीएचसी पर भी ड्यूटी देनी पड़ती है।
क्या कहते हैं मरीज
- बड़ी बीमारी में सरकारी अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिलते। गरीब जनता के लिए यहां अच्छे चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए। - श्याम सिंह चौहान, मोहल्ला आलकलां
- अगर किसी का एक्सीडेंट हो जाए तो कैराना में कोई सुविधा नहीं है। यहां पर अच्छा सर्जन होनी जरूरी है। - तेजपाल सिंह, कैराना
- कैराना सीएचसी पर महिला चिकित्सक, बाल रोग विशेषज्ञ व सर्जन होना चाहिए। जिससे यहां की गरीब जनता को फायदा मिल सके। - विपुल जैन, अध्यक्ष व्यापार मंडल
- अस्पताल में स्टाफ की कमी है। गरीबों को बेहतर इलाज दिलाने के लिए नए चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए। - चौधरी जतन सिंह, आलकलां
विज्ञापन
एनएच 709 एडी का निर्माण कार्य चलने के कारण अधूरी सड़कों पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। दुर्घटना में घायल सीएचसी आते हैं, लेकिन सीएचसी पर सर्जन नहीं होने के कारण उनके जख्मों की पट्टी भी वार्ड ब्वॉय करते हैं। इसके बाद मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। घायल की जिंदगी के लिए एक-एक मिनट कीमती होती है। ऐसे में कैराना सीएचसी पर सर्जन की बहुत जरूरत है।
विज्ञापन
सीएचसी पर महिला चिकित्सक भी नहीं है। यहां पर प्रतिदिन पांच से दस तक डिलीवरी के केस आते हैं। एक स्थायी स्टाफ नर्स और तीन संविदा स्टाफ नर्स ही डिलीवरी कराती है। केस सीरियस है तो उसे भी रेफर करना पड़ता है। सीएचसी पर बाल रोग विशेषज्ञ की भी तैनाती नहीं होने के कारण लोग अपने बच्चों को प्राइवेट चिकित्सक के पास ही ले जाते हैं, लेकिन गरीब परिवार प्राइवेट चिकित्सकों का खर्चा उठाने में समर्थ नहीं है। जिस कारण उन्हें झोलाछाप के पास ही जाना पड़ता है।
विज्ञापन
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र चौरसिया ने बताया कि कैराना सीएचसी सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे खुली रहती है। स्टाफ की बेहद कमी है। जिस कारण भूरा व कंडेला में तैनात डॉ. विकास चंद व डॉ. विकास वर्णवाल को भी कैराना सीएचसी पर भी ड्यूटी देनी पड़ती है।
क्या कहते हैं मरीज
- बड़ी बीमारी में सरकारी अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिलते। गरीब जनता के लिए यहां अच्छे चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए। - श्याम सिंह चौहान, मोहल्ला आलकलां
- अगर किसी का एक्सीडेंट हो जाए तो कैराना में कोई सुविधा नहीं है। यहां पर अच्छा सर्जन होनी जरूरी है। - तेजपाल सिंह, कैराना
- कैराना सीएचसी पर महिला चिकित्सक, बाल रोग विशेषज्ञ व सर्जन होना चाहिए। जिससे यहां की गरीब जनता को फायदा मिल सके। - विपुल जैन, अध्यक्ष व्यापार मंडल
- अस्पताल में स्टाफ की कमी है। गरीबों को बेहतर इलाज दिलाने के लिए नए चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए। - चौधरी जतन सिंह, आलकलां