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Shamli News: तेज हवा और ओलावृष्टि के साथ एक घंटा बरसे मेघ
Mon, 12 Oct 2026 01:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 12 Oct 2026 01:12 AM IST
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जलालाबाद क्षेत्र में बारिश व तूफान के कारण गिरी धान की फसल। संवाद
शामली। जिले में रविवार को दोपहर दो बजे तेज हवा के साथ करीब एक घंटे तक बारिश हुई। थानाभवन क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। बारिश से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक-एक डिग्री सेल्सियस की कमी आई। जिले में 18 एमएम बारिश हुई।
सुबह को बादल छाए हुए थे। दस बजे धूप निकल गई। इसके बाद कभी धूप तो कभी बादल आते रहे। दोपहर दो बजे अचानक काले बादल छाए और तेज हवा चलने लगी। इसके कुछ देर बाद बारिश शुरू हो गई। जिले में एक घंटे तक बारिश होने से जलभराव की समस्या बन गई। बारिश के साथ तेज हवा चली। अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा। पूर्वी यमुना नहर लोअर खंड के सहायक अमरजीत ने बताया कि जिले में 18 एमएम बारिश हुई। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि सोमवार को बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार है।
ऊन में नालों की सफाई न होने के कारण जलभराव की स्थिति बन गई। कस्बे में डीएवी इंटर कॉलेज जूनियर हाई स्कूल व कई सड़कों पर जल भराव हो गया बस स्टैंड व पुराने बाईपास पर सड़क निर्माण के चलते क्षेत्र के लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ी। झिंझाना में दिन में ही अंधेरा होने पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। जलालाबाद में मोती बाजार, जैन मंदिर निकट मार्ग, न्यू बस स्टैंड, मोहम्दीगंज, मोहल्ला हरीनगर में सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं।
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बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान, किसान चिंतित
जलालाबाद/थानाभवन/ऊन। बारिश के साथ चली तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी धान की पकी फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होने का अंदेशा है। इसके अलावा गोभी व अन्य सब्जियों के खेतों में भारी जलभराव हो गया है। किसानों का कहना है कि पानी भरने से उड़द, आलू, गोभी की फसल के गलने और सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। खेतों में लगाई जा रही लहसुन की फसल में बारिश का पानी भर गया जिससे फसल उगने से पहले ही नष्ट होने की आशंका है।
किसान पंकज नायक ने कहा कि धान की फसल पूरी तरह पककर तैयार थी और दो-चार दिन में कटाई शुरू होनी थी। तेज हवा और बारिश ने पूरी फसल जमीन पर गिरा दी है। सब्जी उत्पादक किसान राकेश सैनी ने बताया कि गोभी की अगेती फसल तैयार की थी। खेत में पानी भर गया है। दो दिन भी पानी नहीं निकला तो पौधे गलकर सड़ जाएंगे।
किसान सचिन सैनी ने कहा कि हाल ही में लहसुन की बुआई की थी। अभी जमाव भी ठीक से नहीं हुआ था कि मूसलाधार बारिश ने खेत को तालाब बना दिया। इससे नुकसान होने की आशंका है।
बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति रही बाधित
बारिश के साथ हवा चलने से बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। इसके चलते 33 केवी की आदर्श मंडी व खेड़ीकरमू की लाइन ट्रांसमिशन से बंद कर दी गई। कई स्थानों पर फाल्ट आने की समस्या बनी रही। मौसम सामान्य होने पर विद्युत आपूर्ति चालू हुई। एसडीओ बिनीत कुमार ने बताया कि बारिश के साथ हवा चलने के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रही। बारिश थमने पर बिजली आपूर्ति चालू हो गई।
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सुबह को बादल छाए हुए थे। दस बजे धूप निकल गई। इसके बाद कभी धूप तो कभी बादल आते रहे। दोपहर दो बजे अचानक काले बादल छाए और तेज हवा चलने लगी। इसके कुछ देर बाद बारिश शुरू हो गई। जिले में एक घंटे तक बारिश होने से जलभराव की समस्या बन गई। बारिश के साथ तेज हवा चली। अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा। पूर्वी यमुना नहर लोअर खंड के सहायक अमरजीत ने बताया कि जिले में 18 एमएम बारिश हुई। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि सोमवार को बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार है।
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ऊन में नालों की सफाई न होने के कारण जलभराव की स्थिति बन गई। कस्बे में डीएवी इंटर कॉलेज जूनियर हाई स्कूल व कई सड़कों पर जल भराव हो गया बस स्टैंड व पुराने बाईपास पर सड़क निर्माण के चलते क्षेत्र के लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ी। झिंझाना में दिन में ही अंधेरा होने पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। जलालाबाद में मोती बाजार, जैन मंदिर निकट मार्ग, न्यू बस स्टैंड, मोहम्दीगंज, मोहल्ला हरीनगर में सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं।
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बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान, किसान चिंतित
जलालाबाद/थानाभवन/ऊन। बारिश के साथ चली तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी धान की पकी फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होने का अंदेशा है। इसके अलावा गोभी व अन्य सब्जियों के खेतों में भारी जलभराव हो गया है। किसानों का कहना है कि पानी भरने से उड़द, आलू, गोभी की फसल के गलने और सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। खेतों में लगाई जा रही लहसुन की फसल में बारिश का पानी भर गया जिससे फसल उगने से पहले ही नष्ट होने की आशंका है।
किसान पंकज नायक ने कहा कि धान की फसल पूरी तरह पककर तैयार थी और दो-चार दिन में कटाई शुरू होनी थी। तेज हवा और बारिश ने पूरी फसल जमीन पर गिरा दी है। सब्जी उत्पादक किसान राकेश सैनी ने बताया कि गोभी की अगेती फसल तैयार की थी। खेत में पानी भर गया है। दो दिन भी पानी नहीं निकला तो पौधे गलकर सड़ जाएंगे।
किसान सचिन सैनी ने कहा कि हाल ही में लहसुन की बुआई की थी। अभी जमाव भी ठीक से नहीं हुआ था कि मूसलाधार बारिश ने खेत को तालाब बना दिया। इससे नुकसान होने की आशंका है।
बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति रही बाधित
बारिश के साथ हवा चलने से बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। इसके चलते 33 केवी की आदर्श मंडी व खेड़ीकरमू की लाइन ट्रांसमिशन से बंद कर दी गई। कई स्थानों पर फाल्ट आने की समस्या बनी रही। मौसम सामान्य होने पर विद्युत आपूर्ति चालू हुई। एसडीओ बिनीत कुमार ने बताया कि बारिश के साथ हवा चलने के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रही। बारिश थमने पर बिजली आपूर्ति चालू हो गई।

जलालाबाद क्षेत्र में बारिश व तूफान के कारण गिरी धान की फसल। संवाद

जलालाबाद क्षेत्र में बारिश व तूफान के कारण गिरी धान की फसल। संवाद