UP: इस बॉलीवुड फिल्म की तर्ज पर नेटवर्क बढ़ा रहा ISI, कई आतंकी संगठनों से जुड़े थे कलीम और तहसीम
एसटीएफ को जांच में आईएसआई एजेंट कलीम को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि कलीम और उसका भाई तहसीम सिर्फ आईएसआई के ही संपर्क में नहीं थे, बल्कि कई अन्य आतंकी संगठनों से भी जुड़े थे।
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शामली शहर के मोमीनपुर से पकड़े गए आईएसआई एजेंट कलीम से पूछताछ में प्रतिदिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब एसटीएफ को जांच में पता चला है कि कलीम और उसका भाई तहसीम सिर्फ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के ही संपर्क में नहीं थे, बल्कि पाकिस्तान के ही अन्य आतंकी संगठनों के भी संपर्क में थे। व्हाट्सएप पर देश की सुरक्षा से संंबंधित फोटो भेजे थे।
भारतीय सेना के जवानों, राफेल और सैन्य संस्थानों के भी भेजे फोटो
आतंकी संगठनों के लोगों को अनूपगढ़ के भारतीय सेना के जवानों, राफेल और अन्य सैन्य स्थानों के 15 से अधिक फोटो भेजे गए थे।
हालांकि, एसटीएफ अभी यह खुलासा नहीं कर रही कि दोनों पाकिस्तान के किन-किन आतंकी संगठनों के संपर्क में थे। वहीं कलीम के संपर्क में रहने वाले कई अन्य लोग भी एसटीएफ के रडार पर आ गए हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
व्हाट्सएप ग्रुपों से अहम सुराग लगे हाथ
कलीम का भाई तहसीम पाकिस्तान के कई व्हाट्सएप ग्रुपों में भी शामिल है। ग्रुपों के माध्यम से एसटीएफ को एजेंटों के संबंध में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। एसटीएफ ने इस प्रकरण में जल्द बड़ा खुलासा करने का दावा किया है।
बॉलीवुड फिल्म सूर्यवंशी से ले रहे प्रेरणा
पाकिस्तान से भारत आने वाले लोगों की आईएसआई के सदस्य पूरी मदद करते हैं। उन्हें सीमा तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। सूर्यवंशी फिल्म में भी ऐसा ही दिखाया गया।सूर्यवंशी फिल्म में पाकिस्तान में बैठे आतंकी भारत में रहने वाले एजेंटों को हथियार से लेकर बारूद देने का दावा करते हैं। साथ ही कई शहरों में दंगा, बवाल कराने के आदेश देते हैं।
ठीक इसी तरह कलीम और उसके भाई तहसीम को भी आईएसआई एजेंट दिलशाद मिर्जा ने बारूद, हथियार देने का वायदा किया था। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ने की बात कही थी। वहीं कलीम ने भी मुस्लिम लोगों को चुंगल में फंसाने का खुलासा किया है। इसके अलावा भारत में बनाए गए एजेंट मोबाइल पर एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं।