फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   ISI agents also showed the splendor of wealth to the prisoners in jails.

Shamli News: आईएसआई एजेंटों ने जेलों में कैदियों को भी अमीरी के सब्जबाग दिखाए

Sat, 13 Jan 2024 01:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sat, 13 Jan 2024 01:43 AM IST
विज्ञापन
ISI agents also showed the splendor of wealth to the prisoners in jails.
शामली। मुजफ्फरनगर से पकड़े गए आईएसआई एजेंट की पूछताछ में एक और नया खुलासा हुआ है। दिल्ली, अमृतसर और अन्य जेलों में बंद रहने के दौरान भी आईएसआई एजेंट शाहिद और तहसीम पाकिस्तान से नकली नोट, हथियारों की सप्लाई, भारत देश में सौहार्द बिगाड़ने की न सिर्फ प्लानिंग तैयार करते थे बल्कि अन्य कैदियों को भी साथ जोड़कर अमीर आदमी बनाने का सब्जबाग दिखाया जाता था। खुलासा होने के बाद एसटीएफ अब आईएसआई एजेंटों के जेल में बंद रहने के दौरान उनसे मिलने वालों का ब्योरा जुटा रही है, ताकि उनसे पूछताछ की जा सके और उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सके।
विज्ञापन


आईएसआई एजेंट तहसीम पूर्व में कैराना के ही रहने वाले अमीर अहमद के साथ 70 हजार की नकली करेंसी के साथ दिल्ली में पकड़ा गया था। पता चला है कि जेल में रहने के दौरान भी वह नकली नोट और हथियारों की तस्करी के लिए अन्य कैदियों को अमीर बनने के सब्जबाग दिखाते हुए झांसे में लेता था। जेल से छूटने के बाद तहसीम दूसरी बार रमन शर्मा के साथ आठ लाख की नकली करेंसी के साथ पकड़ा गया था।
विज्ञापन

तीसरी बार पंजाब के अमृतसर में गाड़ी में 22 लाख की नकली करेंसी के साथ पकड़ा गया। अमृतसर जेल में उसकी मुलाकात आईएसआई एजेंट कैराना के ही शाहिद से हुई थी। दोनों ने जेल में ही अन्य कैदियों को भी धंधे में शामिल करने के लिए मोटीवेट किया। जेल में दोनों आईएसआई एजेंटों से कौन- कौन लोग मिलते थे, उनके साथ कौन-कौन बंदी और कैदी बंद रहे। एसटीएफ उनका पता लगाने में जुट गई है। बताया गया कि ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

माना यह भी जा रहा है कि दोनों जेल से बंद रहने के दौरान भी गुर्गों के माध्यम से हथियार और नकली नोट सप्लाई करा रहे थे। एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि गिरोह के फरार सदस्य युसुफ समसी और अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। इसके अलावा गिरोह के फरार सदस्यों का पता लगाकर उन पर शिकंजा कसा जाएगा।

जेल से छूटने पर आईएसआई हैंडलर दिलशाद और इकबाल बढ़ाते थे हौंसला

तहसीम ने पूछताछ में खुलासा किया है कि जेल से छूटने के तुरंत बाद ही आईएसआई हैंडलर दिलशाद मिर्जा और इकबाल काना शाहिद और तहसीम का हौसला बढ़ाते थे। कहा जाता था कि काम में लगे रहे, जेल भी तो अपना ही घर है। मालामाल कर दिए जाओगे।


घर पर आता रहता था तहसीम

कोतवाली पुलिस के अनुसार तहसीम पुलिस, एसटीएफ और एलआईयू के अधिकारियों के सभी सवालों के जवाब दे रहा था। फरारी के दौरान पंजाब और उत्तराखंड में रहने के दौरान वह शामली में अपने घर पर मोहल्ला नौ कुआं पर भी आता रहता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed