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Shamli News: इकरा की रणनीति और पार्टी के अंतिम निर्णय ने दिलाई सफलता
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शामली। कैराना लोकसभा चुनाव 2019 में 92160 मतों से हारने वाली सपा की उस समय खूब फजीहत हुई थी, मगर पिछली बार से सबक लेते हुए पार्टी ने हसन परिवार की बेटी इकरा को टिकट दिया। इकरा और पार्टी की सटीक रणनीति ने जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा से तबस्सुम हसन और भाजपा से प्रदीप चौधरी चुनाव मैदान में थे। तबस्सुम हसन 92160 मतों से हार गई थीं। सपा दोबारा से यह सब दोहराना नहीं चाहती थी, लिहाज इकरा को टिकट देने का निर्णय लिया, क्योंकि इकरा विस चुनाव में अपने भाई नाहिद हसन को चुनाव जिताने में कामयाब हुई थीं। साथ ही धरातल भी काम कर रही थीं। हालांकि इकरा का पहले खूब विरोध हुआ था, लेकिन बाद में बस सामान्य हो गया।
दूसरा, इकरा ने मुस्लिमों मतों में बिखराव न हो, इसके लिए पूर्व सीएम अखिलेश यादव या फिर पार्टी के अन्य किसी भी पदाधिकारी को शामली, कैराना में नहीं बुलाया। इकरा की इस प्लानिंग का असर भी जीत के रूप में देखने को मिला। इकरा ने कैराना, गंगोह और नकुड़ में भी अपनी मां और पिता के प्रभाव का फायदा उठाया।
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-जाट और अनुसूचित जाति का भी मिला साथ
विधानसभा वार नतीजों से लग रहा है कि इस बार सपा को मुस्लिमों के अलावा जाट और अनुसूचित जाति के वोटरों का भी पूरा साथ मिला। नकुड़ और गंगोह की सीटों पर अनुसूचित जाति के मतदाता भी काफी हैं। रालोद सुप्रीमो चौधरी जयंत सिंह के भाजपा के साथ गठबंधन के साथ जाने पर भी कुछ लोग नाराज नजर आए, जिसका सीधा फायदा इकरा हसन को हुआ।
जानिए.. किस प्रत्याशी को कितने मिले वोट.....
प्रत्याशी दल मत डाक मतपत्र वोट...
इकरा हसन सपा 526887 1126
प्रदीप चौधरी भाजपा 456075 2822
श्रीपाल राणा बसपा : 75978 222
ओमबीर आजाद अधिकार सेना 1088 8
जाहिद सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी 3316 4
नंद किशोर आपकी अपनी पार्टी पीपल्स 420 7
प्रीति कश्यप राष्ट्रीय मजदूर एकता पार्टी 781 10
विक्रम सैनी अखंड भारत स्वतंत्र पार्टी 776 4
मौ. कादिर निर्दलीय 436 6
मनोज राणा निर्दलीय 1925 11
योगेश निर्दलीय 664 6
विकास कुमार निर्दलीय 1098 2
विक्रम सिंह निर्दलीय 897 3
शोकिन्द्र कुमार निर्दलीय 1983 2
नोटा : नोटा 3213 36
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वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा से तबस्सुम हसन और भाजपा से प्रदीप चौधरी चुनाव मैदान में थे। तबस्सुम हसन 92160 मतों से हार गई थीं। सपा दोबारा से यह सब दोहराना नहीं चाहती थी, लिहाज इकरा को टिकट देने का निर्णय लिया, क्योंकि इकरा विस चुनाव में अपने भाई नाहिद हसन को चुनाव जिताने में कामयाब हुई थीं। साथ ही धरातल भी काम कर रही थीं। हालांकि इकरा का पहले खूब विरोध हुआ था, लेकिन बाद में बस सामान्य हो गया।
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दूसरा, इकरा ने मुस्लिमों मतों में बिखराव न हो, इसके लिए पूर्व सीएम अखिलेश यादव या फिर पार्टी के अन्य किसी भी पदाधिकारी को शामली, कैराना में नहीं बुलाया। इकरा की इस प्लानिंग का असर भी जीत के रूप में देखने को मिला। इकरा ने कैराना, गंगोह और नकुड़ में भी अपनी मां और पिता के प्रभाव का फायदा उठाया।
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-जाट और अनुसूचित जाति का भी मिला साथ
विधानसभा वार नतीजों से लग रहा है कि इस बार सपा को मुस्लिमों के अलावा जाट और अनुसूचित जाति के वोटरों का भी पूरा साथ मिला। नकुड़ और गंगोह की सीटों पर अनुसूचित जाति के मतदाता भी काफी हैं। रालोद सुप्रीमो चौधरी जयंत सिंह के भाजपा के साथ गठबंधन के साथ जाने पर भी कुछ लोग नाराज नजर आए, जिसका सीधा फायदा इकरा हसन को हुआ।
जानिए.. किस प्रत्याशी को कितने मिले वोट.....
प्रत्याशी दल मत डाक मतपत्र वोट...
इकरा हसन सपा 526887 1126
प्रदीप चौधरी भाजपा 456075 2822
श्रीपाल राणा बसपा : 75978 222
ओमबीर आजाद अधिकार सेना 1088 8
जाहिद सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी 3316 4
नंद किशोर आपकी अपनी पार्टी पीपल्स 420 7
प्रीति कश्यप राष्ट्रीय मजदूर एकता पार्टी 781 10
विक्रम सैनी अखंड भारत स्वतंत्र पार्टी 776 4
मौ. कादिर निर्दलीय 436 6
मनोज राणा निर्दलीय 1925 11
योगेश निर्दलीय 664 6
विकास कुमार निर्दलीय 1098 2
विक्रम सिंह निर्दलीय 897 3
शोकिन्द्र कुमार निर्दलीय 1983 2
नोटा : नोटा 3213 36