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इंटरनेट की स्पीड हुई धीमी, वीडियो कॉल करने में भी परेशानी

Sat, 26 Feb 2022 12:05 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 12:05 AM IST
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Internet speed slowed down, trouble in making video calls
शामली : कैराना के ऊंचागांव में हिमांशु चौहान से व्हाट्सअप वॉइस कॉल पर बात करते उसके ताऊ सहेंद्र व ? - फोटो : SHAMLI
कैराना (शामली)। ऊंचागांव निवासी रविंद्र चौहान का छोटा बेटा हिमांशु चौहान यूक्रेन के पोल्टावा शहर की पोल्टावा स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस का प्रथम वर्ष का छात्र है। शुक्रवार को ऊंचागांव में हिमांशु का ताऊ सहेंद्र व बड़ा भाई रजत चौहान चिंतित मुद्रा में बैठे थे। हिमांशु से व्हाट्सअप कॉल से संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे। उसने व्हाट्सअप पर वॉइस कॉल की।
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उसने बताया कि पिछली रात से यहां इंटरनेट की स्पीड बहुत कम होने के कारण व्हाट्सअप वीडियो कॉल नहीं हो पा रही है। केवल वॉइस कॉल की जा सकती है। हिमांशु ने बताया कि उनकी यूनिवर्सिटी में भारत के करीब 500 छात्र है। यूक्रेन की राजधानी कीव यहां से 300 किमी और खार्कीव जहां पर भयंकर युद्ध हो रहा है वह 150 किमी है। उनके शहर में हर समय सायरन की आवाज गूंज रही हैं।
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आकाश में लड़ाकू जेट मंडरा रहे है। उनको हॉस्टल से बाहर आने नहीं दिया जा रहा है। खाने के सामान या एटीएम से पैसा निकालने के लिए ही बाहर आते हैं, लेकिन वहां भी लंबी लाइन लगी रहती है। हर तरफ डर का माहौल है। एटीएम से पैसे नहीं निकल रहे और लोग डर से घरों में रहने को मजबूर हैं। उसे उम्मीद है कि जल्द ही केंद्र सरकार यहां से भारतीयों को सकुशल निकाल लेगी।
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बृहस्पतिवार रात 8:40 बजे की फ्लाइट युद्ध छिड़ने के बाद हुई कैंसल
हिमांशु चौहान के बडे भाई रजत चौहान ने बताया कि 20 फरवरी को एंबेसी ने एडवाइजरी जारी की थी। जिसमें युद्ध के हालत बनने के कारण भारतीयों को यूक्रेन छोड़ने को कहा गया था। उसने तुरंत अपने भाई हिमांशु की वापसी के लिए ऑनलाइन टिकट बुक किया। लेकिन हालात खराब होने के कारण एयरलाइंस की टिकट में वेटिंग चल रही थी। जिस कारण उसके भाई को टिकट बृहस्पतिवार की रात 8:40 बजे की फ्लाइट का हुआ था। बृहस्पतिवार सुबह युद्ध छिड़ने के बाद उसके भाई हिमांशु ने ऑनलाइन फ्लाइट की स्टेटस चेक किया तो पता चला कि फ्लाइट कैंसल हो गई। अब शायद केंद्र सरकार उन्हें सड़क के रास्ते पहले पौलेंड और फिर वहां से फ्लाइट से अन्य देश के रास्ते ही वापस ला सकती है।

हिमांशु का परिवार 10 साल पहले चला गया था करनाल
ऊंचागांव में अपने ताऊ सहेंद्र के घर बैठे हिमांशु के बड़े भाई रजत ने बताया कि वह करीब 10 साल पहले करनाल चले गए थे। यहां पर उनके परिवार के लोग रहते है। पुराना घर भी गांव में है। हिमांशु के यूक्रेन में फंस जाने के कारण उनके पिता रविंद्र चौहान, मां सुलोचना व बड़ी बहन और जीजा बहुत परेशान है। बस व्हाट्सअप पर ही बात करके मन को तसल्ली दे रहे है।
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