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Shamli News: एकीकृत न्यायालय कार्यालय -आवासीय भवन निर्माण के लिए बजट का इंतजार
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शामली निर्माणाधीन जिला न्यायालय
- गोहरनी गांव में पूर्वी यमुना नहर के किनारे 50 एकड भूमि है आरक्षित
- चार साल पहले भूमि में न्यायालय कार्यालय की चाहरदीवारी का हो चुका निर्माण
- दो अगस्त को उच्च न्यायालय इलाहाबाद में लोक निर्माण भवन निर्माण खंड दे चुका अपनी रिपोर्ट
इंद्रपाल सिंह पांचाल
शामली। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रस्तावित शामली समेत दस जिलों में मॉडल एकीकृत जिला न्यायालयों के निर्माण के लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद खंडपीठ में लंबित है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की रिपोर्ट शासन को जाने के बाद शासन से धनराशि अवमुक्त होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली समेत दस जनपदों में आमजन की सुविधा के मद्देनजर न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि उच्च न्यायालय इलाहाबाद की ओर से डिजाइन कंसलटेंट नियुक्त होगा। डिजाइन कंसलटेंट इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर एकीकृत न्यायालय कार्यालयों का डिजाइन पेश करेगा। डिजाइन पेश होने के बाद शासन से प्रशासकीय वित्तीय स्वीकृति जारी होगी।
28 सितंबर 2011 को जिला बनने के बाद पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी, मुंडेट, बधेव और भैंसवाल गांव में नवीन जिला मुख्यालय घोषित किया गया था। गोहरनी गांव में जिला न्यायालय एवं आवासीय भवनों के लिए 50 एकड़ भूमि जिला प्रशासन की ओर से आरक्षित है। शासन के निर्देश पर जिला न्यायालय एवं आवासीय भवनों की चहारदीवारी का निर्माण 3.75 करोड़ की लागत से हो चुका है। तीन साल पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से जिले के न्यायालय और आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 295 करोड़ का एस्टीमेट तैयार करके तत्कालीन डीएम के माध्यम शासन को भेजा गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शामली समेत दस जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इंटीग्रेटेड कोर्ट कांप्लेक्स एकीकृत न्यायालय का चयन हो चुका है। गत छह दिसंबर 2022-23 को विधानसभा में अनुपूरक बजट के माध्यम से इस विशेष परियोजना के लिए 400 करोड़ स्वीकृत किए जाने की घोषणा जा चुकी है।
लोक निर्माण विभाग लखनऊ भवन खंड निर्माण के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मॉडल जिला न्यायालय, कार्यालय के संबंध में राज्य सरकार रिपोर्ट दो दिसंबर को 2022 को उच्च न्यायालय इलाहाबाद को भेज चुकी है। लोक निर्माण विभाग भवन खंड लखनऊ इलाहाबाद उच्च न्यायालय को अपनी रिपोर्ट पेश कर चुका है। भवन खंड लखनऊ के अधीक्षण अभियंता पवन कुमार वर्मा के मुताबिक जिला न्यायालय कार्यालय एवं आवासीय भवनों के संबंध में अपनी रिपोर्ट दो अगस्त 2023 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय को भेज चुके है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की रिपोर्ट पर डिजाइन तैयार होकर शासन को प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। स्वीकृति के बाद शासन से एकीकृत कार्यालय एवं न्यायालयों के बाद धनराशि अवमुक्त करने की अधिसूचना जारी होगी। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजेंद्र कुमार एडवोकेट का कहना है कि जिला न्यायालय कार्यालय एवं आवासीय भवनों के निर्माण के लिए बजट जारी के लिए पैरवी करेंगे। संवाद
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यह है माडल एकीकृत न्यायालय
लोक निर्माण, गृह तथा विधि एवं न्याय विभाग एक छत के नीचे एकीकृत न्यायालय कार्यालय की परियोजना पर काम कर रहे हैं। एकीकृत भवन में कोर्ट, जजों के चैंबर, मीटिंग हॉल, वीडियो कोर्ट, पार्किंग, कैंटीन सहित सभी सुविधाओं के लिए जगह होगी। न्यायालय भवन के साथ आवास भी होंगे। योजना के तहत अदालत परिसर में जिला और अधीनस्थ न्यायालय, वाणिज्यिक न्यायालय, विविध, ट्रिब्यूनल, फास्ट ट्रैक कोर्ट और लोक अदालत आदि होंगी। न्यायालय भवनों और अधिवक्ता चैंबर तथा सभागार के साथ ही न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी, पार्किंग और फूड प्लाजा भी होगा। गुजरात की तर्ज पर एक कोर्ट से दूसरे कोर्ट तक की भागदौड़ को कम करने और न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए योगी सरकार सभी अदालतों को एक छत के नीचे लाने के लिए इंटीग्रेटेड कोर्ट कांप्लेक्स निर्माण करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के कार्ययोजना तैयार की गई है।
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- चार साल पहले भूमि में न्यायालय कार्यालय की चाहरदीवारी का हो चुका निर्माण
- दो अगस्त को उच्च न्यायालय इलाहाबाद में लोक निर्माण भवन निर्माण खंड दे चुका अपनी रिपोर्ट
इंद्रपाल सिंह पांचाल
शामली। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रस्तावित शामली समेत दस जिलों में मॉडल एकीकृत जिला न्यायालयों के निर्माण के लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद खंडपीठ में लंबित है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की रिपोर्ट शासन को जाने के बाद शासन से धनराशि अवमुक्त होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली समेत दस जनपदों में आमजन की सुविधा के मद्देनजर न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि उच्च न्यायालय इलाहाबाद की ओर से डिजाइन कंसलटेंट नियुक्त होगा। डिजाइन कंसलटेंट इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर एकीकृत न्यायालय कार्यालयों का डिजाइन पेश करेगा। डिजाइन पेश होने के बाद शासन से प्रशासकीय वित्तीय स्वीकृति जारी होगी।
28 सितंबर 2011 को जिला बनने के बाद पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी, मुंडेट, बधेव और भैंसवाल गांव में नवीन जिला मुख्यालय घोषित किया गया था। गोहरनी गांव में जिला न्यायालय एवं आवासीय भवनों के लिए 50 एकड़ भूमि जिला प्रशासन की ओर से आरक्षित है। शासन के निर्देश पर जिला न्यायालय एवं आवासीय भवनों की चहारदीवारी का निर्माण 3.75 करोड़ की लागत से हो चुका है। तीन साल पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से जिले के न्यायालय और आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 295 करोड़ का एस्टीमेट तैयार करके तत्कालीन डीएम के माध्यम शासन को भेजा गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शामली समेत दस जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इंटीग्रेटेड कोर्ट कांप्लेक्स एकीकृत न्यायालय का चयन हो चुका है। गत छह दिसंबर 2022-23 को विधानसभा में अनुपूरक बजट के माध्यम से इस विशेष परियोजना के लिए 400 करोड़ स्वीकृत किए जाने की घोषणा जा चुकी है।
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लोक निर्माण विभाग लखनऊ भवन खंड निर्माण के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मॉडल जिला न्यायालय, कार्यालय के संबंध में राज्य सरकार रिपोर्ट दो दिसंबर को 2022 को उच्च न्यायालय इलाहाबाद को भेज चुकी है। लोक निर्माण विभाग भवन खंड लखनऊ इलाहाबाद उच्च न्यायालय को अपनी रिपोर्ट पेश कर चुका है। भवन खंड लखनऊ के अधीक्षण अभियंता पवन कुमार वर्मा के मुताबिक जिला न्यायालय कार्यालय एवं आवासीय भवनों के संबंध में अपनी रिपोर्ट दो अगस्त 2023 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय को भेज चुके है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की रिपोर्ट पर डिजाइन तैयार होकर शासन को प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। स्वीकृति के बाद शासन से एकीकृत कार्यालय एवं न्यायालयों के बाद धनराशि अवमुक्त करने की अधिसूचना जारी होगी। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजेंद्र कुमार एडवोकेट का कहना है कि जिला न्यायालय कार्यालय एवं आवासीय भवनों के निर्माण के लिए बजट जारी के लिए पैरवी करेंगे। संवाद
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यह है माडल एकीकृत न्यायालय
लोक निर्माण, गृह तथा विधि एवं न्याय विभाग एक छत के नीचे एकीकृत न्यायालय कार्यालय की परियोजना पर काम कर रहे हैं। एकीकृत भवन में कोर्ट, जजों के चैंबर, मीटिंग हॉल, वीडियो कोर्ट, पार्किंग, कैंटीन सहित सभी सुविधाओं के लिए जगह होगी। न्यायालय भवन के साथ आवास भी होंगे। योजना के तहत अदालत परिसर में जिला और अधीनस्थ न्यायालय, वाणिज्यिक न्यायालय, विविध, ट्रिब्यूनल, फास्ट ट्रैक कोर्ट और लोक अदालत आदि होंगी। न्यायालय भवनों और अधिवक्ता चैंबर तथा सभागार के साथ ही न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी, पार्किंग और फूड प्लाजा भी होगा। गुजरात की तर्ज पर एक कोर्ट से दूसरे कोर्ट तक की भागदौड़ को कम करने और न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए योगी सरकार सभी अदालतों को एक छत के नीचे लाने के लिए इंटीग्रेटेड कोर्ट कांप्लेक्स निर्माण करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के कार्ययोजना तैयार की गई है।