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बीएसएल-2 लैब में सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की बढ़ी गति
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शामली। जिले में चल रही बीएसएल-2 लैब में अब सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की गति बढ़ गई है। अभी तक जिले में मात्र 94 सैंपलों की जांच हो पा रही थी। अब 400 से 450 सैंपलों की जांच रोजाना हो रही है।
दूसरी लहर में कोरोना ने जमकर कहर बरपाया था। इस दौरान सैंपलों की जांच की समस्या सामने आई थी। जिले में लिए जाने वाले सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच के लिए मेरठ भेजा जाता था, जिसकी रिपोर्ट आने में एक सप्ताह से भी ज्यादा का समय लगता था। बाद में सैंपलों को मुजफ्फरनगर भेजा जाने लगा था। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने शामली जनपद में बीएसएल-2 लैब बनाने के निर्देश दिए थे। जिले में रोजाना 2100 सैंपल लेने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें लगभग 1100 सैंपल आरटीपीसीआर जांच को भेजे जाते हैं।
गांव जसाला में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन में बीएसएल-2 लैब बनाई गई। नवंबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लैब का लखनऊ से वर्चुअल उद्घाटन किया था। इसके बाद तीन दिसंबर से लैब में सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच शुरू हुई थी। शुरूआत में मैन्युअल तरीके से जांच की जा रही थी, जिसमें समय ज्यादा लगने के कारण मात्र 94 सैंपलों की ही जांच हो पा रही थी। अब लैब में आरएनए की पांच प्लेट उपलब्ध हो गई, जिससे सैंपलों की ऑटोमेटिक जांच शुरू हो गई है। अब लैब में एक दिन में 400 से 450 सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच होनी शुरू हो गई है।
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बृहस्पतिवार को लैब में आरटीपीसीआर जांच के लिए 405 सैंपल लगाए गए। सीएचसी शामली के वरिष्ठ लैब पर्यवेक्षक रोहित कुमार ने बताया कि जसाला की बीएसएल-2 लैब में अब 400 से 450 सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच हो गई है। अब तक लैब में मात्र 94 सैंपलों की जांच हो पा रही थी। बीएसएल-2 लैब के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. जगमोहन ने बताया कि बीएसएल-2 लैब में बिजली की समस्या थी। जांच के दौरान बीच में अगर बिजली चली जाती थी तो सैंपलों को दोबारा लगाना पड़ता था, जिस वजह से एक तो कम सैंपलों की जांच हो पाती थी और दूसरा ये कि समय भी ज्यादा लगता था। अब लैब पर जेनरेटर की व्यवस्था हो गई है। बिजली की समस्या दूर हो होने से सैंपलों की जांच की गति बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही लैब में सैंपलों की जांच की संख्या और बढ़ाई जाएगी। इसके बाद आरटीपीसीआर जांच के लिए मेरठ पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
5021 सैंपलों की जांच में मिले 520 संक्रमित
शामली। एसीएमओ डॉ. जगमोहन ने बताया कि तीन दिसंबर से 26 जनवरी तक जसाला बीएसएल-2 लैब में 5021 सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच हो चुकी है, जिनमें 520 में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
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दूसरी लहर में कोरोना ने जमकर कहर बरपाया था। इस दौरान सैंपलों की जांच की समस्या सामने आई थी। जिले में लिए जाने वाले सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच के लिए मेरठ भेजा जाता था, जिसकी रिपोर्ट आने में एक सप्ताह से भी ज्यादा का समय लगता था। बाद में सैंपलों को मुजफ्फरनगर भेजा जाने लगा था। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने शामली जनपद में बीएसएल-2 लैब बनाने के निर्देश दिए थे। जिले में रोजाना 2100 सैंपल लेने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें लगभग 1100 सैंपल आरटीपीसीआर जांच को भेजे जाते हैं।
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गांव जसाला में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन में बीएसएल-2 लैब बनाई गई। नवंबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लैब का लखनऊ से वर्चुअल उद्घाटन किया था। इसके बाद तीन दिसंबर से लैब में सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच शुरू हुई थी। शुरूआत में मैन्युअल तरीके से जांच की जा रही थी, जिसमें समय ज्यादा लगने के कारण मात्र 94 सैंपलों की ही जांच हो पा रही थी। अब लैब में आरएनए की पांच प्लेट उपलब्ध हो गई, जिससे सैंपलों की ऑटोमेटिक जांच शुरू हो गई है। अब लैब में एक दिन में 400 से 450 सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच होनी शुरू हो गई है।
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बृहस्पतिवार को लैब में आरटीपीसीआर जांच के लिए 405 सैंपल लगाए गए। सीएचसी शामली के वरिष्ठ लैब पर्यवेक्षक रोहित कुमार ने बताया कि जसाला की बीएसएल-2 लैब में अब 400 से 450 सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच हो गई है। अब तक लैब में मात्र 94 सैंपलों की जांच हो पा रही थी। बीएसएल-2 लैब के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. जगमोहन ने बताया कि बीएसएल-2 लैब में बिजली की समस्या थी। जांच के दौरान बीच में अगर बिजली चली जाती थी तो सैंपलों को दोबारा लगाना पड़ता था, जिस वजह से एक तो कम सैंपलों की जांच हो पाती थी और दूसरा ये कि समय भी ज्यादा लगता था। अब लैब पर जेनरेटर की व्यवस्था हो गई है। बिजली की समस्या दूर हो होने से सैंपलों की जांच की गति बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही लैब में सैंपलों की जांच की संख्या और बढ़ाई जाएगी। इसके बाद आरटीपीसीआर जांच के लिए मेरठ पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
5021 सैंपलों की जांच में मिले 520 संक्रमित
शामली। एसीएमओ डॉ. जगमोहन ने बताया कि तीन दिसंबर से 26 जनवरी तक जसाला बीएसएल-2 लैब में 5021 सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच हो चुकी है, जिनमें 520 में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।