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शहर में डाक कांवड़ की रही धूम, मुख्य मार्ग रहा कांवड़ियों के हवाले
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कैराना में अपने पिता के साथ गंगाजल लेकर दौड़ता बाल कांवड़िया।
- फोटो : SHAMLI
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शिवरात्रि पर्व पर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए हरिद्वार से हरियाणा व राजस्थान जा रहे डाक कांवड़ियों के वाहनों की शहर में धूम रही। आलम यह रहा कि पलक झपकते ही डाक कांवड़ियों के वाहन गुजर रहे थे। डीजे लगे डाक कांवड़ वाहनों पर भगवान शंकर का जयघोष गूंजता रहा।
रविवार सुबह शुरू हुआ डाक कांवड़ वाहनों का रैला देर रात के बाद रफ्तार पकड़ गया। हरिद्वार से आ रहे डाक कांवड़ियों के वाहनों का सोमवार को एमएसके रोड पर कब्जा रहा। हरिद्वार से लेकर शामली होकर हरियाणा और राजस्थान जा रहे शिवभक्त तेजी से अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहे। गोमुख, गंगौत्री, हरिद्वार, ऋषिकेश आदि से निर्धारित समय में मंजिल तक पहुंचने का संकल्प लेकर डाक कांवड़िये सड़क पर दौड़ते रहे। राजस्थान के हनुमानगढ़, राजगढ़, खाटू, सीकर, लोहारू, हरियाणा के सिरसा, हिसार, हांसी, रोहतक, भिवानी, महेंद्रगढ़, जींद, फतेहाबाद रेवाड़ी आदि जिलों के लिए शहर से होकर जाने का सिलसिला देर रात्रि तक चलता रहा।
शामली से राजपुरा, पहलादगढ़, खरबला, नचार खेड़ा, आंवल, पुढाल, खेड़ा, पालवां, लजवाड़ा कलां, राजरा साहनी, जाट महकला, मुरादपुरा, रूपगढ़ सिटी, मुरादपुरा, डोहरकला, गढ़ीरुथल, किरतान, बुचावास, हांसी, ललित पड़ा, जुलाना, बड़ छप्पर, सोहाना, शिव रादनगर, धर्मगढ़, रिवासा, बड़ौदा, टिटौली, फरमाणा खास, शेखपुरा, खरबला, पालवां, खेड़ा आदि गांव, कस्बों और शहरों के डाक कांवड़ वाहन गुजरे।
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साइकिल सवार कांवड़ियां भी खूब आए
शिवरात्रि से एक दिन पहले बाइकों और साइकिल पर भी बड़ी संख्या में कांवड़िये आए। दिनभर उनकी बाइकों की आवाज गूंजती रही। बाइक और साइकिल सवार शिवभक्तों की पूरे दिन भरमार रही। ज्यादातर डाक कांवड़ वाहन और बाइक-साइकिल सवार कांवड़ियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के संपूर्ण कांवड़ मार्ग पर पैदल कांवड़ियों के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग को रविवार शाम हटवा दिया था।
शहर में आने वाले ग्रामीण मार्ग किए बंद
डाक कांवड़ वाहनों की अधिक संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने शामली शहर आने वाले करनाल मार्ग, टिटौली, मुंडेट, करमूखेड़ी, गोहरनी, भैंसवाल, सिंभालका, बनत और सिक्का से आने वाले ई-रिक्शाओं को शहर में आने से रोक दिया है। ई-रिक्शाओं का संचालन रोकने से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हेलिकॉप्टर से नहीं हो पाई पुष्पवर्षा
प्रशासन का दावा था कि इस बार शहर से होकर गुजर रहे शिवभक्तों पर हेलिकॉप्टर से पुष्प कराई जाएगी। पहले रविवार को हेलिकॉप्टर आने का दावा किया गया था। बाद में खराब मौसम का हवाला देकर इसे टाल दिया था। सोमवार को एक बार फिर प्रशासन ने हेलिकॉप्टर आने की बात कही, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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शामली। शिवरात्रि पर्व पर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए हरिद्वार से हरियाणा व राजस्थान जा रहे डाक कांवड़ियों के वाहनों की शहर में धूम रही। आलम यह रहा कि पलक झपकते ही डाक कांवड़ियों के वाहन गुजर रहे थे। डीजे लगे डाक कांवड़ वाहनों पर भगवान शंकर का जयघोष गूंजता रहा।
रविवार सुबह शुरू हुआ डाक कांवड़ वाहनों का रैला देर रात के बाद रफ्तार पकड़ गया। हरिद्वार से आ रहे डाक कांवड़ियों के वाहनों का सोमवार को एमएसके रोड पर कब्जा रहा। हरिद्वार से लेकर शामली होकर हरियाणा और राजस्थान जा रहे शिवभक्त तेजी से अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहे। गोमुख, गंगौत्री, हरिद्वार, ऋषिकेश आदि से निर्धारित समय में मंजिल तक पहुंचने का संकल्प लेकर डाक कांवड़िये सड़क पर दौड़ते रहे। राजस्थान के हनुमानगढ़, राजगढ़, खाटू, सीकर, लोहारू, हरियाणा के सिरसा, हिसार, हांसी, रोहतक, भिवानी, महेंद्रगढ़, जींद, फतेहाबाद रेवाड़ी आदि जिलों के लिए शहर से होकर जाने का सिलसिला देर रात्रि तक चलता रहा।
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शामली से राजपुरा, पहलादगढ़, खरबला, नचार खेड़ा, आंवल, पुढाल, खेड़ा, पालवां, लजवाड़ा कलां, राजरा साहनी, जाट महकला, मुरादपुरा, रूपगढ़ सिटी, मुरादपुरा, डोहरकला, गढ़ीरुथल, किरतान, बुचावास, हांसी, ललित पड़ा, जुलाना, बड़ छप्पर, सोहाना, शिव रादनगर, धर्मगढ़, रिवासा, बड़ौदा, टिटौली, फरमाणा खास, शेखपुरा, खरबला, पालवां, खेड़ा आदि गांव, कस्बों और शहरों के डाक कांवड़ वाहन गुजरे।
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साइकिल सवार कांवड़ियां भी खूब आए
शिवरात्रि से एक दिन पहले बाइकों और साइकिल पर भी बड़ी संख्या में कांवड़िये आए। दिनभर उनकी बाइकों की आवाज गूंजती रही। बाइक और साइकिल सवार शिवभक्तों की पूरे दिन भरमार रही। ज्यादातर डाक कांवड़ वाहन और बाइक-साइकिल सवार कांवड़ियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के संपूर्ण कांवड़ मार्ग पर पैदल कांवड़ियों के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग को रविवार शाम हटवा दिया था।
शहर में आने वाले ग्रामीण मार्ग किए बंद
डाक कांवड़ वाहनों की अधिक संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने शामली शहर आने वाले करनाल मार्ग, टिटौली, मुंडेट, करमूखेड़ी, गोहरनी, भैंसवाल, सिंभालका, बनत और सिक्का से आने वाले ई-रिक्शाओं को शहर में आने से रोक दिया है। ई-रिक्शाओं का संचालन रोकने से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हेलिकॉप्टर से नहीं हो पाई पुष्पवर्षा
प्रशासन का दावा था कि इस बार शहर से होकर गुजर रहे शिवभक्तों पर हेलिकॉप्टर से पुष्प कराई जाएगी। पहले रविवार को हेलिकॉप्टर आने का दावा किया गया था। बाद में खराब मौसम का हवाला देकर इसे टाल दिया था। सोमवार को एक बार फिर प्रशासन ने हेलिकॉप्टर आने की बात कही, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

कैराना में गंगाजल लेकर दौड़ते डाक कांवड़िये।- फोटो : SHAMLI