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Shamli News: पंचकल्याणक में गर्भ से लेकर निर्वाण तक की पूजा का महत्व

Sun, 09 Feb 2025 12:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2025 12:57 AM IST
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Importance of worship from womb to nirvana in Panch Kalyanak
संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। जैन आचार्य 108 सौरभ सागर महाराज ने कहा कि जैन दर्शन में पंचकल्याण सर्वोत्कृष्ठ महोत्सव है। इसमें गर्भ से लेकर निर्वाण तक की पूजा का महत्व है।
जैन धर्मशाला में शनिवार को पत्रकार वार्ता में जैन मुनि ने कहा कि पंच कल्याणक मानवीय चेतना पर नैतिकता, धार्मिकता, सामाजिकता को प्रदर्शित करने का एक प्रयास है। इसमें सबसे पहले गर्भ कल्याणक की आराधना होती है। जीयो और जीने दो का संदेश जन्म लेने के बाद ही जीने की शिक्षा नहीं देता, बल्कि उसे गर्भ में रहकर भी उसकी सुरक्षा का उत्तरदायित्व अपने जीवन में स्वीकरता है।
आज पाश्चात्य संस्कृति का अनुकरण करते हुए भ्रूण हत्या बढ़ी है। जब इंसान ही इंसान को मारने के लिए प्रेरित हो जाता है तो फिर जानवरों को मारने, पर्यावरण को मिटाने में संकोच नहीं करता। जन्म के पश्चात उसकी मानवीय प्रवृत्ति, सामजिक आचरण, नैतिक व्यवहार और राजनैतिक रूप से जो सम्राट होते हैं। वह देश का संचालन किस प्रकार से करें, जिसमें प्रजा पर सुख हो, वातावरण में सौहार्द पनपे, धार्मिक सहिष्णुता का जागरण हो, उसके लिए जन्म कल्याण महोत्सव का रूप होता है।
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तीसरे स्थान पर तप कल्याणक होता है, इंसान संसार की प्रवृत्ति को पूर्ण करके या उससे पहले अपने जीवन में संन्यास को धारण करें। चौथे ज्ञान कल्याणक की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जब साधना बढ़ती चली जाती है तो दिव्य ज्ञान का प्रकाश होता है, जिसके माध्यम से संपूर्ण सृष्टि को दिव्य ध्वनि के माध्यम से संदेश दिया जाता है।
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आयु का अंतिम क्षण आने पर संसार में रहने वाला इंसान तो शमशान तक पहुंच जाता है, लेकिन भगवतता को जो उपलब्ध हो जाते हैं। वह शमशान नहीं पहुंचते, सीधे निर्वाण को पहुंच जाते हैं।
जैन मुनि ने कहा कि जैन समाज को धार्मिक कार्यों के साथ शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी जाती है। मुरादनगर में बनाए गए दिव्यांग हॉस्पिटल में अब तक छह हजार लोगों को अंग दिए जा चुके हैं। 80 हजार लोगों का उपचार हो चुका है। शिक्षा और चिकित्सा का व्यवसायीकरण रोकने के लिए सरकार अनुशासन और ऐसा कानून बनाए, जिससे लोगों को सस्ती सुविधा मिल सके।

इस अवसर पर पंचकल्याण महोत्सव समिति के संयोजक प्रवीण जैन, अध्यक्ष मयंक जैन, महामंत्री वैभव जैन, कोषाध्यक्ष प्रवीण जैन, वीरेश जैन, रवि जैन, अनिल जैन, राहुल जैन, पंकज जैन आदि मौजूद रहे।
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