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Shamli News: बकाया की अनदेखी पड़ी भारी, अब कुर्की की तैयारी

Wed, 16 Jul 2025 12:34 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jul 2025 12:34 AM IST
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Ignoring the dues proved costly, now preparations are being made for attachment
शामली का जीएसटी कार्यालय ।
शामली। जिले में वैट बकाया को लेकर जीएसटी विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जिले में जीएसटी लागू होने के बाद भी कई व्यापारी अब तक वैट बकाया जमा नहीं कर रहे हैं। जीएसटी विभाग ने 1024 व्यापारियों को चिह्नित किया है, जिन पर करीब 19 करोड़ रुपये का पुराना वैट बकाया है। इनमें से 600 व्यापारियों के बैंक खाते सीज कर विभाग ने करीब तीन करोड़ रुपये की वसूली कर ली है। बाकी 200 व्यापारियों की सूची बैंकों और अन्य विभागों के अधिकारियोें को भेजी जा चुकी है, जबकि अन्य के खिलाफ कुर्की की तैयारी है।
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जिले की यदि बात की जाए तो यहां पर स्टेट और केंद्रीय जीएसटी विभाग में करीब नौ हजार व्यापारी पंजीकृत हैं। इनमें से 1024 व्यापारी ऐसे हैं, जिन पर एक जुलाई 2017 से से पहले 19 करोड़ रुपये वैट बकाया है।
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जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बकायेदारों को बार-बार नोटिस और चेतावनी भेजी गई, लेकिन अधिकांश व्यापारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। अब विभाग उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की ओर बढ़ रहा है। जीएसटी उपायुक्त डॉ. लोमेश कुमार ने बताया कि अब बकायेदारों की चल-अचल संपत्तियों की जानकारी बैंक, तहसील और नगर पालिका से जुटाई जा रही है। जल्द ही एफआईआर और कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
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उपायुक्त के अनुसार चलाए जा रहे अभियान में व्यापारियों से बकाया जमा करने की अपील की गई है। व्यापारी स्वेच्छा से भुगतान करें, नहीं तो कठोर कदम उठाए जाएंगे।
- सबसे ज्यादा बकाया कैराना खंड में
विभाग के अनुसार, अकेले कैराना खंड में नौ करोड़ रुपये का वैट बकाया है। वहीं, कैराना सदर और ऊन खंड में पांच-पांच करोड़ रुपये की बकाया राशि है।

- एक व्यापारी के कई-कई बैंकों में खाते

विभाग को मिली जानकारी में सामने आया कि कई व्यापारियों ने एक से अधिक बैंकों में खाते खोल रखे हैं, कुछ के पास 5 से 7 बैंक खातों तक हैं। अब सभी खातों से वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।




- अब तीन नहीं, केवल दो जीएसटी खंड

जीएसटी उपायुक्त डॉ. लोमेश कुमार ने बताया कि अब जिले में तीन की जगह केवल दो जीएसटी खंड होंगे। खंड-1 थानाभवन और खंड-2 ऊन, झिंझाना और शामली। इस बदलाव से वसूली और निगरानी की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जाएगा।
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