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सीएचसी का गर्मी में हाल, वार्ड में भर्ती मरीजों को भी नहीं पंखे की सुविधा
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शामली सीएचसी में बिजली न होने पर मोबाइल की लाइट में कार्य करते एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी ललि?
- फोटो : SHAMLI
शामली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में बिजली है, तो पंखे चलेंगे। बिजली जाते ही पंखे बंद हो जाते हैं। यह हाल ओपीडी की गैलरी से लेकर वार्ड तक रहता है। वार्ड में भर्ती मरीज भी गर्मी में परेशान रहते हैं। कहीं पर दिन में ही अंधेरा छाया रहता है तो, कहीं पर स्वास्थ्यकर्मी हाथ के पंखे से हवा करते नजर आते हैं।
सीएचसी में बिजली की व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। भीषण गर्मी में मरीजों का हाल बेहाल रहता है। शनिवार को पूर्वान्ह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक सीएचसी का हाल देखा गया। उस समय बिजली न होने के कारण ओपीडी की गैलरी में सभी पंखे बंद थे। मरीज गर्मी में परेशान थे। बिजली के बिना एक्स रे भी नहीं हो रहे थे। महिला वार्ड में भी पंखे बंद मिले। वहां डिलीवरी के बाद भर्ती महिला के तीमारदार दिनेश ने बताया कि सुबह जब बिजली थी तो पंखे चल रहे थे, लेकिन बिजली जाते ही पंखे बंद हो जाते हैं। इसी वार्ड में गर्भवती महिला आरती ने बताया कि बिजली के बिना पंखे बंद रहते हैं। पंखे न चलने से गर्मी में परेशानी होती है।
टॉर्च की रोशनी में करना पड़ रहा काम
जनरल वार्ड के बराबर में एक कक्ष में बनाए गए सरकारी एंबुलेंस के कार्यालय में बिजली न होने से अंधेरा छाया था। एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी ललित मोहन जोशी मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में काम करते मिले। नियमित टीकाकरण और कोरोनारोधी टीकाकरण कक्ष में महिला स्वास्थ्यकर्मी हाथ के पंखे से हवा करते नजर आई। रक्त संग्रह केंद्र में लैब टैक्नीशियन अभिषेक मौजूद थे, लेकिन पंखा नहीं चल रहा था। उनका कहना था कि बिजली जाने पर पंखा बंद हो जाता है।
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43 डिग्री तापमान में बिना पंखे कैसे रहें
इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। जिसके चलते पंखे और कूलरों में भी लोगों को चैन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में बिना पंखे मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों का लाइट जाते ही बुरा हाल हो जाता है। मरीजों का कहना है कि इतनी गर्मी में पंखे चलाने के लिए इंतजाम अधिकारियों को करने चाहिए।
कोट-
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है कि गर्मी में बिजली कम आने की वजह से यह समस्या बनी हुई है। जनरेटर की क्षमता कम होने के कारण पूरी सीएचसी का भार नहीं उठा पाता। जनरेटर को ऑपरेशन के समय व कोल्ड चेन आदि जरूरी कार्यों के लिए चलाया जाता है।
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सीएचसी में बिजली की व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। भीषण गर्मी में मरीजों का हाल बेहाल रहता है। शनिवार को पूर्वान्ह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक सीएचसी का हाल देखा गया। उस समय बिजली न होने के कारण ओपीडी की गैलरी में सभी पंखे बंद थे। मरीज गर्मी में परेशान थे। बिजली के बिना एक्स रे भी नहीं हो रहे थे। महिला वार्ड में भी पंखे बंद मिले। वहां डिलीवरी के बाद भर्ती महिला के तीमारदार दिनेश ने बताया कि सुबह जब बिजली थी तो पंखे चल रहे थे, लेकिन बिजली जाते ही पंखे बंद हो जाते हैं। इसी वार्ड में गर्भवती महिला आरती ने बताया कि बिजली के बिना पंखे बंद रहते हैं। पंखे न चलने से गर्मी में परेशानी होती है।
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टॉर्च की रोशनी में करना पड़ रहा काम
जनरल वार्ड के बराबर में एक कक्ष में बनाए गए सरकारी एंबुलेंस के कार्यालय में बिजली न होने से अंधेरा छाया था। एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी ललित मोहन जोशी मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में काम करते मिले। नियमित टीकाकरण और कोरोनारोधी टीकाकरण कक्ष में महिला स्वास्थ्यकर्मी हाथ के पंखे से हवा करते नजर आई। रक्त संग्रह केंद्र में लैब टैक्नीशियन अभिषेक मौजूद थे, लेकिन पंखा नहीं चल रहा था। उनका कहना था कि बिजली जाने पर पंखा बंद हो जाता है।
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43 डिग्री तापमान में बिना पंखे कैसे रहें
इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। जिसके चलते पंखे और कूलरों में भी लोगों को चैन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में बिना पंखे मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों का लाइट जाते ही बुरा हाल हो जाता है। मरीजों का कहना है कि इतनी गर्मी में पंखे चलाने के लिए इंतजाम अधिकारियों को करने चाहिए।
कोट-
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है कि गर्मी में बिजली कम आने की वजह से यह समस्या बनी हुई है। जनरेटर की क्षमता कम होने के कारण पूरी सीएचसी का भार नहीं उठा पाता। जनरेटर को ऑपरेशन के समय व कोल्ड चेन आदि जरूरी कार्यों के लिए चलाया जाता है।

शामली सीएचसी की गैलरी में बिजली न होने पर बंद पड़े पंखे ।- फोटो : SHAMLI