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Shamli News: महार जाति के लोगों की गुमशुदगी दर्ज नहीं हुई तो करेंगे अनिश्चित कालीन आंदोलन

Mon, 03 Jul 2023 01:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jul 2023 01:06 AM IST
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If the missing people of Mahar caste are not registered then they will do indefinite movement
- सरकार से 2011 की जनगणना में विलुप्त हुए करीब 1.26 लाख परिवारों को तलाश करने की उठाई मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। अखिल भारतीय कश्यप निषाद युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व राज्यमंत्री सुधाकर सिंह कश्यप ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने हर वर्ग के लोगों को हक व अधिकार दिलाने का काम किया। आज उत्तर प्रदेश में उन्हीं की महार जाति के लगभग एक लाख 26 हजार परिवारों को 2011 की जनगणना में विलुप्त कर दिया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से महार जाति के लोगों की गुमशुदगी दर्ज करा उनकी तलाश करने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी कि अगर महार जाति के लोगों की गुमशुदगी दर्ज नहीं की जाती तो कांवड़ यात्रा के बाद वे समाज के लोगों के साथ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
नगरपालिका सभागार में रविवार को पूर्व राज्यमंत्री सुधाकर सिंह कश्यप ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 1891 की जनगणना में शामली, मुजफ्फरनगर में महार जाति के लगभग 42 हजार परिवार थे। इसी तरह देहरादून में 10020 परिवार, सहारनपुर में 32 हजार और मेरठ में 36030 परिवार महार जाति के थे। इसके अलावा अलीगढ़ व बुलंदशहर जिले में भी इस जाति के परिवार थे। ये परिवार 2011 की जनगणना मे विलुप्त हो गए। वे सरकार से जानना चाहते हैं कि महार जाति के ये परिवार कहां गए और कैसे विलुप्त हो गए। उनकी सरकार से मांग है कि इन परिवारों को तलाश किया जाए।
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गुम हुए परिवारों की तलाश व गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए पिछले महीने 14 जून को समाज की महापंचायत कर शामली जनपद के पुलिस प्रशासन से महार जाति के लोगों की गुमशुदगी दर्ज कराने की मांग की गई थी। इसके बाद 16 जून को एसपी शामली को पत्र देकर गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक गुमशुदगी दर्ज नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 1891 की जनगणना में तुरहा जाति के 107475 परिवार थे, जो अब घटकर 28055 परिवार रहे गए हैं। पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि पुलिस-प्रशासन ने अगर महार जाति के गुम हुए लोगों की गुमशुदगी दर्ज नहीं की तो कांवड़ यात्रा संपन्न होने के बाद शामली में महापंचायत होगी और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।
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उन्होंने कहा शामली के बाद पश्चिमी उप्र के अन्य जिलों में भी समाज के लोगों की महापंचायत की जाएगी। इस अवसर पर रणकुमार, राजेश कुमार, पवन कश्यप, वीरपाल, तानसिंह कश्यप, रामवीर कश्यप, गौरव कश्यप, सुनील कश्यप आदि मौजूद रहे।
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