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नाज है हम भी किसी के काम आ रहे
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शामली नानूपुरा तिमरसे पर युवक को सब्जी देता जिम्मेदार युसूफ
- फोटो : SHAMLI
नाज है हम भी किसी के काम आ रहे
शामली। सुबह करीब पौने नौ बजे का वक्त। हॉट स्पॉट क्षेत्र तैमूरशाह मोहल्ले की गली के बाहर एक सब्जी का ठेला खड़ा है। अंदर गली में मोहल्ले वाले प्रशासन द्वारा गली के जिम्मेदार बनाए गए लोगों के जरिए सब्जी मंगा रहे थे। जिम्मेदार एक एक कर आते और सब्जी वाले को नगद देकर सब्जी ले जाते। इसी बीच एक जिम्मेदार ने सब्जी वाले को आवाज लगाकर कहा बडे़ मियां, एक दो लोग हैं कहते हैं पैसे नहीं हैं, बताओ क्या करें। चलो आप सब्जी दे दो, पैसे में दे दूंगा, सब्जी वाले बड़े मियां भी बड़े रहमदिल निकले। बोले अरे भाई जान खुदा की रहमत है, दो वक्त की रोटी हमें मजे से मिलती है। दो लोगों से पैसे नहीं लिए तो क्या हुआ, अल्लाह ताल्हा और देगा। नाज है कि मैं भी किसी के काम सकता हूूं।
दरअसल कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद सीलिंग के दायरे में आए हॉट स्पॉट क्षेत्रों में कुछ परिवार मजदूरी पेशा हैं। दैनिक मजदूरी से ही इनके घर का चूल्हा जलता है। लॉकडाउन में सब कुछ बंद है। काम धंधा भी नहीं रहा। अब चार दिन से मोहल्ला सील होने की वजह से ओर मुश्किलें बढ़ गई हैं। इन्हें ये भी नहीं पता कि ये सब ओर कितने दिनों तक चलेगा। कुछ परिवारों के सामने आर्थिक समस्या भी आने लगी है। दूध, सब्जी सामान मंगाने के लिए भी आर्थिक तंगी, लेकिन गली के अच्छी आर्थिक स्थिति वाले और प्रशासन द्वारा जिम्मेदार बनाए गए लोग इनकी मदद कर रहे हैं। इनके लिए सब्जी, फल और रसोई का सामान का इंतजाम ये लोग मिलजुलकर कर रहे हैं। कभी कोई जिम्मेदार सब्जी फल मंगा देता है तो कभी दूसरा राशन का सामान दे देता है।
दुख तकलीफ में काम आना चाहिए : आसिफ
मोहल्ले के आसिफ मंसूरी कहते हैं कि कुछ लोग मजदूर पेशा हैं। इनके सामने आर्थिक दिक्कत है, लेकिन मोहल्ले के जिम्मेदार लोग सब इनकी मदद कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा जिम्मेदार बनाए गए लोग भी उन्हें उनकी जरूरत का सामान उपलब्ध करा रहे हैं। भाईचारा बनाकर सब मदद को तैयार हैं। किसी को कोई दुख तकलीफ नही है।
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खुशी है हम किसी के काम आए : यूसुफ
सब्जी विक्रेता यूसुफ कहते हैं कि मोहल्ले में एक दो लोगों के सामने ये समस्या आई थी। जिम्मेदारों ने जब उन्हें ये बताया तो उन्होंने बिना पैसे लिए उन्हें सब्जी दी। दुख तकलीफ के वक्त इंसान ही इंसान के काम आता है। उनके पास खुदा का दिया सब है।
व्हाट्सएप ग्रुप से निगरानी
हाट स्टॉप किए गए क्षेत्रों में ड्यूटी पर लगाए गए अफसर भी मुस्तैद नजर आए। प्रशासन ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इसमें ड्यूटी पर लगाए गए सभी अधिकारियों को जोड़ा गया है। ये अधिकारी सुबह छह से शाम छह बजे तक ड्यूटी करते हैं। सुबह आते ही अपने क्षेत्र की लोकेशन दिखाते हुए सभी को अपना फोटो भेजना होता है, ताकि पता चले कि अधिकारी ड्यूटी पर हैं। इस ग्रुप पर डीएम खुद निगरानी रखती हैं। इसी पर समय समय पर अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी किए जाते हैं।
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शामली। सुबह करीब पौने नौ बजे का वक्त। हॉट स्पॉट क्षेत्र तैमूरशाह मोहल्ले की गली के बाहर एक सब्जी का ठेला खड़ा है। अंदर गली में मोहल्ले वाले प्रशासन द्वारा गली के जिम्मेदार बनाए गए लोगों के जरिए सब्जी मंगा रहे थे। जिम्मेदार एक एक कर आते और सब्जी वाले को नगद देकर सब्जी ले जाते। इसी बीच एक जिम्मेदार ने सब्जी वाले को आवाज लगाकर कहा बडे़ मियां, एक दो लोग हैं कहते हैं पैसे नहीं हैं, बताओ क्या करें। चलो आप सब्जी दे दो, पैसे में दे दूंगा, सब्जी वाले बड़े मियां भी बड़े रहमदिल निकले। बोले अरे भाई जान खुदा की रहमत है, दो वक्त की रोटी हमें मजे से मिलती है। दो लोगों से पैसे नहीं लिए तो क्या हुआ, अल्लाह ताल्हा और देगा। नाज है कि मैं भी किसी के काम सकता हूूं।
दरअसल कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद सीलिंग के दायरे में आए हॉट स्पॉट क्षेत्रों में कुछ परिवार मजदूरी पेशा हैं। दैनिक मजदूरी से ही इनके घर का चूल्हा जलता है। लॉकडाउन में सब कुछ बंद है। काम धंधा भी नहीं रहा। अब चार दिन से मोहल्ला सील होने की वजह से ओर मुश्किलें बढ़ गई हैं। इन्हें ये भी नहीं पता कि ये सब ओर कितने दिनों तक चलेगा। कुछ परिवारों के सामने आर्थिक समस्या भी आने लगी है। दूध, सब्जी सामान मंगाने के लिए भी आर्थिक तंगी, लेकिन गली के अच्छी आर्थिक स्थिति वाले और प्रशासन द्वारा जिम्मेदार बनाए गए लोग इनकी मदद कर रहे हैं। इनके लिए सब्जी, फल और रसोई का सामान का इंतजाम ये लोग मिलजुलकर कर रहे हैं। कभी कोई जिम्मेदार सब्जी फल मंगा देता है तो कभी दूसरा राशन का सामान दे देता है।
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दुख तकलीफ में काम आना चाहिए : आसिफ
मोहल्ले के आसिफ मंसूरी कहते हैं कि कुछ लोग मजदूर पेशा हैं। इनके सामने आर्थिक दिक्कत है, लेकिन मोहल्ले के जिम्मेदार लोग सब इनकी मदद कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा जिम्मेदार बनाए गए लोग भी उन्हें उनकी जरूरत का सामान उपलब्ध करा रहे हैं। भाईचारा बनाकर सब मदद को तैयार हैं। किसी को कोई दुख तकलीफ नही है।
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खुशी है हम किसी के काम आए : यूसुफ
सब्जी विक्रेता यूसुफ कहते हैं कि मोहल्ले में एक दो लोगों के सामने ये समस्या आई थी। जिम्मेदारों ने जब उन्हें ये बताया तो उन्होंने बिना पैसे लिए उन्हें सब्जी दी। दुख तकलीफ के वक्त इंसान ही इंसान के काम आता है। उनके पास खुदा का दिया सब है।
व्हाट्सएप ग्रुप से निगरानी
हाट स्टॉप किए गए क्षेत्रों में ड्यूटी पर लगाए गए अफसर भी मुस्तैद नजर आए। प्रशासन ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इसमें ड्यूटी पर लगाए गए सभी अधिकारियों को जोड़ा गया है। ये अधिकारी सुबह छह से शाम छह बजे तक ड्यूटी करते हैं। सुबह आते ही अपने क्षेत्र की लोकेशन दिखाते हुए सभी को अपना फोटो भेजना होता है, ताकि पता चले कि अधिकारी ड्यूटी पर हैं। इस ग्रुप पर डीएम खुद निगरानी रखती हैं। इसी पर समय समय पर अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी किए जाते हैं।