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विरोध के बीच ध्वस्त किए कई मकान-दुकान
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विरोध के बीच ध्वस्त किए मकान और दुकान
शामली, झिंझाना। मेरठ-करनाल हाईवे की जद में गांव टपराना में आ रहे भवनों को शनिवार को प्रशासन और निर्माण कंपनी की टीम ने विरोध के बीच ध्वस्त करना शुरू कर दिया। एसडीएम ऊन निकिता शर्मा ने मदरसे का गेट पीछे हटाने को दो दिन का समय दिया। आधा दर्जन भवनों पर जेसीबी चली। दुकानें तोड़ने के बाद टपराना का मेन गेट को तोड़ा जाएगा। प्रधान पति नौशाद कुरैशी ने कहा कि गांव का गेट नहीं तोड़ने देंगे।
गांव टपराना में एसडीएम निकिता शर्मा की अगुवाई में मेरठ-करनाल हाईवे निर्माण कंपनी ने आधा दर्जन भवनों व दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त किया। प्रधान पति नौशाद ने बताया कि जिन ग्रामीणों को मुआवजा मिला है, उन्हीं के भवन को तोड़ा जा रहा है। ग्रामीण अजीम, ऋषिपाल, शाहिद, माशूक, मौसम, प्रमोद आदि के यहां जेसीबी से मकानों व दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई हुई। ग्रामीण राशिद ने बताया कि हल्का लेखपाल बार-बार मकान तोड़ने का दबाव बना रहा है। जबकि निर्माण कंपनी के अधिकारी अजय सिंह ने कहा कि यहां पर फ्लाईओवर का मोड़ लगेगा इसलिए तुम्हारा मकान जद से बाहर है।
मदरसे का गेट तोड़ने के लिए जिम्मेदारों ने दो दिन का समय मांगा है। गांव के मुख्य द्वार के बारे में एसडीएम निकिता शर्मा ने कहा कि दोनों ओर से पहले सभी भवन व दुकानें तोड़ी जाएंगी। बाद में मुख्य गेट का नंबर आएगा। गांव का गेट तोड़ने के बारे में प्रधान पति नौशाद कुरैशी ने कहा कि यह हमारे गांव की शान है। मुख्य गेट को हरगिज नहीं तोड़ने देंगे। पहले गेट का मुआवजा दे या फिर गेट का निर्माण पीछे कराया जाए, तभी गेट तोड़ने दिया जाएगा। टीम में नायब तहसीलदार सचिन वर्मा, संजय शर्मा, मुकेश कुमार आदि शामिल रहे।
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शामली, झिंझाना। मेरठ-करनाल हाईवे की जद में गांव टपराना में आ रहे भवनों को शनिवार को प्रशासन और निर्माण कंपनी की टीम ने विरोध के बीच ध्वस्त करना शुरू कर दिया। एसडीएम ऊन निकिता शर्मा ने मदरसे का गेट पीछे हटाने को दो दिन का समय दिया। आधा दर्जन भवनों पर जेसीबी चली। दुकानें तोड़ने के बाद टपराना का मेन गेट को तोड़ा जाएगा। प्रधान पति नौशाद कुरैशी ने कहा कि गांव का गेट नहीं तोड़ने देंगे।
गांव टपराना में एसडीएम निकिता शर्मा की अगुवाई में मेरठ-करनाल हाईवे निर्माण कंपनी ने आधा दर्जन भवनों व दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त किया। प्रधान पति नौशाद ने बताया कि जिन ग्रामीणों को मुआवजा मिला है, उन्हीं के भवन को तोड़ा जा रहा है। ग्रामीण अजीम, ऋषिपाल, शाहिद, माशूक, मौसम, प्रमोद आदि के यहां जेसीबी से मकानों व दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई हुई। ग्रामीण राशिद ने बताया कि हल्का लेखपाल बार-बार मकान तोड़ने का दबाव बना रहा है। जबकि निर्माण कंपनी के अधिकारी अजय सिंह ने कहा कि यहां पर फ्लाईओवर का मोड़ लगेगा इसलिए तुम्हारा मकान जद से बाहर है।
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मदरसे का गेट तोड़ने के लिए जिम्मेदारों ने दो दिन का समय मांगा है। गांव के मुख्य द्वार के बारे में एसडीएम निकिता शर्मा ने कहा कि दोनों ओर से पहले सभी भवन व दुकानें तोड़ी जाएंगी। बाद में मुख्य गेट का नंबर आएगा। गांव का गेट तोड़ने के बारे में प्रधान पति नौशाद कुरैशी ने कहा कि यह हमारे गांव की शान है। मुख्य गेट को हरगिज नहीं तोड़ने देंगे। पहले गेट का मुआवजा दे या फिर गेट का निर्माण पीछे कराया जाए, तभी गेट तोड़ने दिया जाएगा। टीम में नायब तहसीलदार सचिन वर्मा, संजय शर्मा, मुकेश कुमार आदि शामिल रहे।

टपराना में भवन ध्वस्त करती जेसीबी।- फोटो : SHAMLI
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