{"_id":"610834d58ebc3e84261ca55d","slug":"hockey-magic-in-shamli-too-shamli-news-mrt5501776117","type":"story","status":"publish","title_hn":"शामली में भी सिर चढ़कर बोलता रहा हॉकी का जादू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शामली में भी सिर चढ़कर बोलता रहा हॉकी का जादू
विज्ञापन
शामली में भी सिर चढ़कर बोलता रहा हॉकी का जादू
शामली। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने 49 साल के लंबे अंतराल के बाद ग्रेट ब्रिटेन का हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। हॉकी के खेल से जिले का भी नाता रहा है। 1986 से शुरू हुए अखिल भारतीय स्तर का हॉकी टूर्नामेंट 2005 तक 18 बार हुआ है। इस हॉकी टूर्नामेंट ने राष्ट्रीय स्तर पर शामली को पहचान दिलाई है।
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के सेमीफाइनल में प्रवेश करने पर शामली में पूर्व में होने वाले अखिल भारतीय सर शादीलाल राजेंद्र लाल हॉकी टूर्नामेंट की याद दिला दी है। अपर दोआब शुगर मिल शामली के खेल मैदान पर सबसे पहला राष्ट्रीय स्तर का हॉकी टूर्नामेंट 27 फरवरी 1986 से शुरू हुआ था।
इसका उद्घाटन हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के पुत्र ओलंपिक अशोक कुमार ने किया था। यह टूर्नामेंट चार दिन तक चला था। इसके बाद लगभग हर साल हॉकी टूर्नामेंट होता रहा। इस खेल मैदान पर दो मार्च 2005 से छह मार्च 2005 तक अंतिम 18वां टूर्नामेंट हुआ। इसका उद्घाटन ओलंपियन पदमश्री मोहम्मद शाहिद ने किया था। पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक केपीएस गिल भी टूर्नामेंट के दौरान शामली आ आए थे।
विज्ञापन
इसके बाद राष्ट्रीय स्तर के हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन नहीं हुआ। हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन शामली शुगर मिल द्वारा किया जाता था। इस हॉकी टूर्नामेंट को लोग आज भी याद करते हैं। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम को पदक मिलने की उम्मीद के साथ शामली में होने वाले हॉकी टूर्नामेंट की चर्चा कर रहे हैं।
हॉकी टूर्नामेंट में देेशभर से ये टीमें करती थी प्रतिभाग
हॉकी टूर्नामेंट में बीएसएफ, सीआईएडोसएफ, रेलवे, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूपी-11, बीईजी, पीएनबी, आईटीबीपी आदि टीमें प्रतिभाग करती थी। देश की उच्च कोटि की आने वाली टीमों के ठहरने व खाने-पीने समेत सभी व्यवस्था मिल की तरफ से की जाती थी। इसके अलावा एक बार आस्ट्रेलिया की टीम का भारतीय टीम के साथ शामली के मैदान पर हॉकी का मैत्री मैच भी हुआ था। टूर्नामेंट को देखने के लिए मैदान के चारों तरफ दर्शकों की भीड़ जमा रहती थी। टूर्नामेंट के आयोजन की तैयारी दो माह पहले शुरू हो जाती थी।
विज्ञापन
शामली। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने 49 साल के लंबे अंतराल के बाद ग्रेट ब्रिटेन का हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। हॉकी के खेल से जिले का भी नाता रहा है। 1986 से शुरू हुए अखिल भारतीय स्तर का हॉकी टूर्नामेंट 2005 तक 18 बार हुआ है। इस हॉकी टूर्नामेंट ने राष्ट्रीय स्तर पर शामली को पहचान दिलाई है।
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के सेमीफाइनल में प्रवेश करने पर शामली में पूर्व में होने वाले अखिल भारतीय सर शादीलाल राजेंद्र लाल हॉकी टूर्नामेंट की याद दिला दी है। अपर दोआब शुगर मिल शामली के खेल मैदान पर सबसे पहला राष्ट्रीय स्तर का हॉकी टूर्नामेंट 27 फरवरी 1986 से शुरू हुआ था।
विज्ञापन
इसका उद्घाटन हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के पुत्र ओलंपिक अशोक कुमार ने किया था। यह टूर्नामेंट चार दिन तक चला था। इसके बाद लगभग हर साल हॉकी टूर्नामेंट होता रहा। इस खेल मैदान पर दो मार्च 2005 से छह मार्च 2005 तक अंतिम 18वां टूर्नामेंट हुआ। इसका उद्घाटन ओलंपियन पदमश्री मोहम्मद शाहिद ने किया था। पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक केपीएस गिल भी टूर्नामेंट के दौरान शामली आ आए थे।
विज्ञापन
इसके बाद राष्ट्रीय स्तर के हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन नहीं हुआ। हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन शामली शुगर मिल द्वारा किया जाता था। इस हॉकी टूर्नामेंट को लोग आज भी याद करते हैं। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम को पदक मिलने की उम्मीद के साथ शामली में होने वाले हॉकी टूर्नामेंट की चर्चा कर रहे हैं।
हॉकी टूर्नामेंट में देेशभर से ये टीमें करती थी प्रतिभाग
हॉकी टूर्नामेंट में बीएसएफ, सीआईएडोसएफ, रेलवे, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूपी-11, बीईजी, पीएनबी, आईटीबीपी आदि टीमें प्रतिभाग करती थी। देश की उच्च कोटि की आने वाली टीमों के ठहरने व खाने-पीने समेत सभी व्यवस्था मिल की तरफ से की जाती थी। इसके अलावा एक बार आस्ट्रेलिया की टीम का भारतीय टीम के साथ शामली के मैदान पर हॉकी का मैत्री मैच भी हुआ था। टूर्नामेंट को देखने के लिए मैदान के चारों तरफ दर्शकों की भीड़ जमा रहती थी। टूर्नामेंट के आयोजन की तैयारी दो माह पहले शुरू हो जाती थी।