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जीवन शैली के बदलाव से लोग बन रहे दिल की बीमारी के मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम की हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. महजूबा मजूमदार ने बताया कि ज्यादातर लोग कार्डियोवेस्कुलर (सीवीडी) से अनजान रहते हैं। यह बिना किसी चेतावनी के हमला करती है। इंडियन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार हृदय रोग कम उम्र में भारतीयों को प्रभावित करता है। ऐसा पिछले कुछ दशकों में जीवनशैली में आए बदलाव की वजह से हुआ है।
कलक्ट्रेट परिसर में मेदांता हॉस्पिटल और जिला प्रशासन के सहयोग से शुक्रवार आयोजित शिविर में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. महजूबा मजूमदार ने कहा कि आंकड़ों के अनुसार भारत में हृदय रोग से होने वाली सभी मौतों का लगभग पांचवां हिस्सा है। दिल के अनुकूल दिनचर्या की मूल बातें समझाई। बताया कि सबसे महत्वपूर्ण शारीरिक रूप से सक्रिय रहना है। चलने और व्यायाम करने के कारण खोजें। संतुलित आहार का सेवन करें। कैलोरी की संख्या सीमित करें। स्वादिष्ट भोजन के बजाय पौष्टिक भोजन करें। वजन, कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और रक्तचाप की नियमित जांच कराएं और धूम्रपान न करें।
डीएम जसजीत कौर ने कहा कि व्यस्त जीवनशैली में पता नहीं चलता कि स्वास्थ्य में क्या समस्या है। इसलिए सभी अपनी जांच कराएं। जिससे बीमारी का समय से इलाज हो सके। शिविर में हृदय एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल यादव और फिजियोथेरेपी से डॉ. रवि सैनी ने सेवाएं दीं। शिविर में डीएम, एडीएम संतोष कुमार सिंह, एसडीएम सदर विशु राजा, डिप्टी कलक्टर मणि अरोरा समेत अधिकारियों व कर्मचारियों ने विभिन्न जांच कराईं। शिविर में ब्लड प्रेशर, रैंडम ब्लड शुगर, ईसीजी, हृदय की जांच, फेफड़ों की जांच, हड्डियों में कैल्शियम की जांच, बीएमआई की सुविधा निशुल्क प्रदान की गई। मेदांता हॉस्पिटल की तरफ से अनिमेष कुमार, अमित भगत मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य शिविर में 250 अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य ने स्वास्थ्य लाभ उठाया। शामली से डॉ. अब्दुल बासित ने प्रशासनिक अधिकारियों समेत 140 लोगों की नेत्र जांच की। इस अवसर पर 100 चश्मों का भी वितरण किया गया। शिविर में विनोद अरोरा, आशुतोष सिंघल आदि सहयोग रहा।
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शामली। मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम की हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. महजूबा मजूमदार ने बताया कि ज्यादातर लोग कार्डियोवेस्कुलर (सीवीडी) से अनजान रहते हैं। यह बिना किसी चेतावनी के हमला करती है। इंडियन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार हृदय रोग कम उम्र में भारतीयों को प्रभावित करता है। ऐसा पिछले कुछ दशकों में जीवनशैली में आए बदलाव की वजह से हुआ है।
कलक्ट्रेट परिसर में मेदांता हॉस्पिटल और जिला प्रशासन के सहयोग से शुक्रवार आयोजित शिविर में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. महजूबा मजूमदार ने कहा कि आंकड़ों के अनुसार भारत में हृदय रोग से होने वाली सभी मौतों का लगभग पांचवां हिस्सा है। दिल के अनुकूल दिनचर्या की मूल बातें समझाई। बताया कि सबसे महत्वपूर्ण शारीरिक रूप से सक्रिय रहना है। चलने और व्यायाम करने के कारण खोजें। संतुलित आहार का सेवन करें। कैलोरी की संख्या सीमित करें। स्वादिष्ट भोजन के बजाय पौष्टिक भोजन करें। वजन, कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और रक्तचाप की नियमित जांच कराएं और धूम्रपान न करें।
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डीएम जसजीत कौर ने कहा कि व्यस्त जीवनशैली में पता नहीं चलता कि स्वास्थ्य में क्या समस्या है। इसलिए सभी अपनी जांच कराएं। जिससे बीमारी का समय से इलाज हो सके। शिविर में हृदय एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल यादव और फिजियोथेरेपी से डॉ. रवि सैनी ने सेवाएं दीं। शिविर में डीएम, एडीएम संतोष कुमार सिंह, एसडीएम सदर विशु राजा, डिप्टी कलक्टर मणि अरोरा समेत अधिकारियों व कर्मचारियों ने विभिन्न जांच कराईं। शिविर में ब्लड प्रेशर, रैंडम ब्लड शुगर, ईसीजी, हृदय की जांच, फेफड़ों की जांच, हड्डियों में कैल्शियम की जांच, बीएमआई की सुविधा निशुल्क प्रदान की गई। मेदांता हॉस्पिटल की तरफ से अनिमेष कुमार, अमित भगत मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य शिविर में 250 अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य ने स्वास्थ्य लाभ उठाया। शामली से डॉ. अब्दुल बासित ने प्रशासनिक अधिकारियों समेत 140 लोगों की नेत्र जांच की। इस अवसर पर 100 चश्मों का भी वितरण किया गया। शिविर में विनोद अरोरा, आशुतोष सिंघल आदि सहयोग रहा।