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Shamli News: दवाई का पर्चा लगाया, कोरे कागज से भी हिसाब चुकाया
Wed, 16 Sep 2026 01:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 16 Sep 2026 01:11 AM IST
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एक्सक्लूसिव... ई ग्राम स्वराज पर अपलोड किया गया धुंधला बिल।
शामली। जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर किए गए भुगतान में ई-स्वराज पोर्टल पर अपलोड दस्तावेजों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पड़ताल में कहीं धुंधले बिल मिले तो कहीं बिना हस्ताक्षर के दस्तावेज अपलोड किए गए हैं। कई भुगतानों में कोरा कागज तक लगा दिया। झाल गांव में 24 हजार के भुगतान के लिए मरीज के दवाई का पर्चा ही अपलोड कर दिया गया। इसके अलावा एक ही बिल को 20 से अधिक अलग-अलग भुगतानों के साथ लगा दिया गया। संवाद
24 हजार के मानदेय में मरीज की दवाई का पर्चा
झाल गांव में अगस्त माह के भुगतानों में 11,000 रुपये के भुगतान के साथ कोरा बिल अपलोड किया गया। 24,000 रुपये के मानदेय के नाम पर भी कोरा कागज अपलोड किया गया। 20 अगस्त को 24,000, 36,000, 24,000 और 11,000 रुपये के भुगतान दर्ज हैं। इनके साथ कोरे बिल लगाए गए हैं। इसके अलावा 24,000 रुपये के भुगतान में मरीज का आधा कटा हुआ दवाई का पर्चा अपलोड किया गया।
बिना हस्ताक्षर के बिल किए अपलोड
आदमपुर गांव में मई माह में बिजली कार्य के नाम पर 90,565 रुपये के विकास कार्य का भुगतान दर्शाया गया है। जिसमें बिना हस्ताक्षर का बिल अपलोड किया गया। 25,488 रुपये में कैमरा लगाने का भुगतान दर्शाया गया, लेकिन इसका बिल भी बिना हस्ताक्षर का है। 34,493 रुपये के रिक्शा मरम्मत कार्य के भुगतान में भी बिना हस्ताक्षर का बिल अपलोड किया गया।
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धुंधले बिल से किया खेल
यारपुर गांव में निर्माण कार्य में 1,850 रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इसमें धुंधला बिल अपलोड किया गया। अप्रैल माह में 1,510 और 3,166 रुपये समेत करीब दो लाख रुपये के भुगतान दर्ज हैं। इनमें भी धुंधले बिल अपलोड किए गए हैं। मई माह में 39,808, 1,991, 12,000, 1,93,746, 9,350, 12,509, 36,300, 56,100, 49,500, 19,800 और 29,700 रुपये के भुगतान दर्ज हैं। इन भुगतानों में भी धुंधले बिल अपलोड किए गए हैं। गुराना गांव में सितंबर माह में ग्राम कार्य के नाम पर 55,530 रुपये का भुगतान में धुंधला बिल अपलोड किया गया। इसी दिन 6,000, 25,587, 21,529, 25,900, 55,530 और 51,123 रुपये के भुगतान में धुंधले बिल अपलोड किए गए हैं।
बिल पर हस्ताक्षर तक नहीं
नोजल नोजली गांव में 53,500 रुपये में नाला निर्माण कार्य के भुगतान में अपलोड दस्तावेज में हस्ताक्षर नहीं है। ऊंचा गांव में 28,790 रुपये के भुगतान में कैशबुक के नाम पर धुंधला दस्तावेज अपलोड किया गया। बुंटा गांव में जुलाई माह में ग्राम कार्य के नाम पर 1,36,650 रुपये के भुगतान में धुंधला बिल अपलोड किया गया। इसी माह 4,756, 19,205, 1,67,061, 1,26,280, 12,000, 4,255, 39,793 और 16,467 रुपये के भुगतान में धुंधले बिल अपलोड किए गए हैं।
मामला गंभीर, होगी जांच
डीपीआरओ संदीप अग्रवाल ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर दवाई का पर्चा, कोरा कागज या फिर एक ही बिल को कई जगह अपलोड करने का मामला गंभीर है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। इस संबंध में संबंधित ग्राम सचिवों से भी जवाब तलब किया जाएगा।
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24 हजार के मानदेय में मरीज की दवाई का पर्चा
झाल गांव में अगस्त माह के भुगतानों में 11,000 रुपये के भुगतान के साथ कोरा बिल अपलोड किया गया। 24,000 रुपये के मानदेय के नाम पर भी कोरा कागज अपलोड किया गया। 20 अगस्त को 24,000, 36,000, 24,000 और 11,000 रुपये के भुगतान दर्ज हैं। इनके साथ कोरे बिल लगाए गए हैं। इसके अलावा 24,000 रुपये के भुगतान में मरीज का आधा कटा हुआ दवाई का पर्चा अपलोड किया गया।
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बिना हस्ताक्षर के बिल किए अपलोड
आदमपुर गांव में मई माह में बिजली कार्य के नाम पर 90,565 रुपये के विकास कार्य का भुगतान दर्शाया गया है। जिसमें बिना हस्ताक्षर का बिल अपलोड किया गया। 25,488 रुपये में कैमरा लगाने का भुगतान दर्शाया गया, लेकिन इसका बिल भी बिना हस्ताक्षर का है। 34,493 रुपये के रिक्शा मरम्मत कार्य के भुगतान में भी बिना हस्ताक्षर का बिल अपलोड किया गया।
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धुंधले बिल से किया खेल
यारपुर गांव में निर्माण कार्य में 1,850 रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इसमें धुंधला बिल अपलोड किया गया। अप्रैल माह में 1,510 और 3,166 रुपये समेत करीब दो लाख रुपये के भुगतान दर्ज हैं। इनमें भी धुंधले बिल अपलोड किए गए हैं। मई माह में 39,808, 1,991, 12,000, 1,93,746, 9,350, 12,509, 36,300, 56,100, 49,500, 19,800 और 29,700 रुपये के भुगतान दर्ज हैं। इन भुगतानों में भी धुंधले बिल अपलोड किए गए हैं। गुराना गांव में सितंबर माह में ग्राम कार्य के नाम पर 55,530 रुपये का भुगतान में धुंधला बिल अपलोड किया गया। इसी दिन 6,000, 25,587, 21,529, 25,900, 55,530 और 51,123 रुपये के भुगतान में धुंधले बिल अपलोड किए गए हैं।
बिल पर हस्ताक्षर तक नहीं
नोजल नोजली गांव में 53,500 रुपये में नाला निर्माण कार्य के भुगतान में अपलोड दस्तावेज में हस्ताक्षर नहीं है। ऊंचा गांव में 28,790 रुपये के भुगतान में कैशबुक के नाम पर धुंधला दस्तावेज अपलोड किया गया। बुंटा गांव में जुलाई माह में ग्राम कार्य के नाम पर 1,36,650 रुपये के भुगतान में धुंधला बिल अपलोड किया गया। इसी माह 4,756, 19,205, 1,67,061, 1,26,280, 12,000, 4,255, 39,793 और 16,467 रुपये के भुगतान में धुंधले बिल अपलोड किए गए हैं।
मामला गंभीर, होगी जांच
डीपीआरओ संदीप अग्रवाल ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर दवाई का पर्चा, कोरा कागज या फिर एक ही बिल को कई जगह अपलोड करने का मामला गंभीर है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। इस संबंध में संबंधित ग्राम सचिवों से भी जवाब तलब किया जाएगा।

एक्सक्लूसिव... ई ग्राम स्वराज पर अपलोड किया गया धुंधला बिल।