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आधे दाम भी मिले तो छोड़ दें कस्बा
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:53 PM IST
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कांधला के गोरव जैन का बंद पडा मकान
- फोटो : अमर उजाला
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शामली के कांधला में रेलवे रोड पर ही व्यापारी सतीश जैन अपने दो बेटों के साथ दुकान पर बैठे हैं। उन्हें दो सितंबर 2014 को रंगदारी की चिट्ठी भेजी गई थी। इसके बाद फोन पर पैसे मांगे गए। न देने पर दुकान में लूट कर दी गई। रोजाना फोन पर धमकाया गया।
तमाम डर के बावजूद वे अपने प्रतिष्ठान पर बैठे हैं। चूंकि वे गए नहीं हैं तो उनका नाम पलायन करने वालों की सूची में नहीं है। उनके बेटे विक्की का कहना है कि इतना बड़ा व्यापार और प्रापर्टी सालों की मेहनत से खड़ा हुआ है। सालों से डर में जी रहे हैं। एक नामचीन अपराधी के जेल में जाने के बाद भी उसके नाम से फोन आया।
अब हालत यह है कि यदि आधे दाम पर भी उनकी प्रापर्टी बिक जाए तो वे जाने को तैयार हैं। पिछले दो साल में कई बार आवेदन देने के बावजूद उनका भी शस्त्र लाइसेंस आज तक नहीं बना है। कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं।
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बेटों ने छोड़ दिया, अब मैं भी जाऊंगा
मोहल्ला सरावज्ञान के लोहा व्यापारी सतेंद्र जैन के सात बेटे शहर छोड़कर जा चुके हैं। पीड़ा उनकी भी यही है कि कोई मदद नहीं मिली। किसी ने उनका दर्द नहीं सुना और अब जल्द ही व्यापार समेटकर वह भी जाने की तैयारी में हैं। जैन कहते हैं कि कांधला के हालात बहुत खराब है। उनकी दुकान पर कुछ लोगों ने आकर दबंगई दिखाई। शिकायत करने थाने पहुंचे, तो थाने के बाहर ही मारपीट कर दी। ऐसी पुलिस पर कैसे भरोसा करें, जो अपने गेट पर भी सुरक्षा नहीं कर सकती।
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तमाम डर के बावजूद वे अपने प्रतिष्ठान पर बैठे हैं। चूंकि वे गए नहीं हैं तो उनका नाम पलायन करने वालों की सूची में नहीं है। उनके बेटे विक्की का कहना है कि इतना बड़ा व्यापार और प्रापर्टी सालों की मेहनत से खड़ा हुआ है। सालों से डर में जी रहे हैं। एक नामचीन अपराधी के जेल में जाने के बाद भी उसके नाम से फोन आया।
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अब हालत यह है कि यदि आधे दाम पर भी उनकी प्रापर्टी बिक जाए तो वे जाने को तैयार हैं। पिछले दो साल में कई बार आवेदन देने के बावजूद उनका भी शस्त्र लाइसेंस आज तक नहीं बना है। कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं।
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बेटों ने छोड़ दिया, अब मैं भी जाऊंगा
मोहल्ला सरावज्ञान के लोहा व्यापारी सतेंद्र जैन के सात बेटे शहर छोड़कर जा चुके हैं। पीड़ा उनकी भी यही है कि कोई मदद नहीं मिली। किसी ने उनका दर्द नहीं सुना और अब जल्द ही व्यापार समेटकर वह भी जाने की तैयारी में हैं। जैन कहते हैं कि कांधला के हालात बहुत खराब है। उनकी दुकान पर कुछ लोगों ने आकर दबंगई दिखाई। शिकायत करने थाने पहुंचे, तो थाने के बाहर ही मारपीट कर दी। ऐसी पुलिस पर कैसे भरोसा करें, जो अपने गेट पर भी सुरक्षा नहीं कर सकती।