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व्यापारियों को समझाई जीएसटी प्रक्रिया
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 27 May 2017 12:21 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जलालाबाद। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले जीएसटी कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें वाणिज्य कर अधिकारियों ने जीएसटी के लाभों के बारे में बताया।
विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों, मेडिकल संचालकों से कहा कि यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। जिसमें कंप्यूटर की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया वैट से काफी आसान है।
जिसका व्यापारियों को लाभ होगा। वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे, एके राय ने कहा कि सभी अपना पंजीकरण शीघ्र करा लें। जिनके पास कंप्यूटर नहीं है, फिलहाल ऑफ लाइन हाथ से भरा जाने वाला परफोर्मा से काम होगा। बेचे गए माल की डिटेल माह की 10 तारीख तक भर कर अपलोड करनी होगी।
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खरीदे गए सामान की डिटेल 15 तारीख तक फीड और छूट गए बिल का डाटा 18 तारीख अपलोड करना होगा। जिसके बाद 20 तारीख तक पूरा टेक्स जमा करना होगा। ऑफलाइन प्रक्रिया का टैक्स चालान से जमा करना होगा। इस दौरान विभाग के असिस्टेंट रविकुमार, ऋषिपाल सिंह, अभिषेक कुमार, माजिद मलिक, नरेश शर्मा, डॉ. धर्मवीर पाल, अस्लम मंसूरी, बोबी शर्मा, अनिल कुमार, अमित गोयल, डॉ. देवेंद्र आर्य, राकेशपाल, राशिद चौधरी, विपिन कुमार, डॉ. जौहर सिंह राणा मौजूद रहे।
ईंट भट्ठा मालिकों को दी जानकारी
शामली। ईंट निर्माता समिति एवं वाणिज्य कर विभाग के तत्वावधान में एक कार्यशाला आयोजित की गई। असिस्टेंट कमिश्नर एसपी मलिक, पीडी गुप्ता, रवि कुमार ने ईंट भट्ठा उद्योग पर जीएसटी के बारे में जानकारी दी गई।
बताया कि बाहर से माल मंगाने पर किसी भी फार्म की जरूरत नहीं पड़ेगी। देश के किसी क्षेत्र में पंजीकृत व्यापारियों द्वारा खरीदे गए किसी भी माल पर टैक्स क्रेडिट का लाभ मिलेगा।
आनलॉइन व्यवस्था होने से वाणिज्य कर विभाग के कार्यालय, व्यापारी, उद्यमी को जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस मौके पर जिला ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मलिक, सुनील गोयल, हरेंद्र सिंह, सतेंद्र मलिक, रोहताश सिंह, संजय प्रधान, योगेंद्र प्रधान, वीरपाल सिंह किवाना, महीपाल सिंह, सुधीर, मांगेराम, अनिल कुमार, गुलजार, इमरान, प्रेम सिंह, राजेंद्र कुमार, ब्रजपाल, भोपाल, जसवंत सिंह, मंजूर अली मौजूद रहे।
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विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों, मेडिकल संचालकों से कहा कि यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। जिसमें कंप्यूटर की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया वैट से काफी आसान है।
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जिसका व्यापारियों को लाभ होगा। वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे, एके राय ने कहा कि सभी अपना पंजीकरण शीघ्र करा लें। जिनके पास कंप्यूटर नहीं है, फिलहाल ऑफ लाइन हाथ से भरा जाने वाला परफोर्मा से काम होगा। बेचे गए माल की डिटेल माह की 10 तारीख तक भर कर अपलोड करनी होगी।
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खरीदे गए सामान की डिटेल 15 तारीख तक फीड और छूट गए बिल का डाटा 18 तारीख अपलोड करना होगा। जिसके बाद 20 तारीख तक पूरा टेक्स जमा करना होगा। ऑफलाइन प्रक्रिया का टैक्स चालान से जमा करना होगा। इस दौरान विभाग के असिस्टेंट रविकुमार, ऋषिपाल सिंह, अभिषेक कुमार, माजिद मलिक, नरेश शर्मा, डॉ. धर्मवीर पाल, अस्लम मंसूरी, बोबी शर्मा, अनिल कुमार, अमित गोयल, डॉ. देवेंद्र आर्य, राकेशपाल, राशिद चौधरी, विपिन कुमार, डॉ. जौहर सिंह राणा मौजूद रहे।
ईंट भट्ठा मालिकों को दी जानकारी
शामली। ईंट निर्माता समिति एवं वाणिज्य कर विभाग के तत्वावधान में एक कार्यशाला आयोजित की गई। असिस्टेंट कमिश्नर एसपी मलिक, पीडी गुप्ता, रवि कुमार ने ईंट भट्ठा उद्योग पर जीएसटी के बारे में जानकारी दी गई।
बताया कि बाहर से माल मंगाने पर किसी भी फार्म की जरूरत नहीं पड़ेगी। देश के किसी क्षेत्र में पंजीकृत व्यापारियों द्वारा खरीदे गए किसी भी माल पर टैक्स क्रेडिट का लाभ मिलेगा।
आनलॉइन व्यवस्था होने से वाणिज्य कर विभाग के कार्यालय, व्यापारी, उद्यमी को जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस मौके पर जिला ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मलिक, सुनील गोयल, हरेंद्र सिंह, सतेंद्र मलिक, रोहताश सिंह, संजय प्रधान, योगेंद्र प्रधान, वीरपाल सिंह किवाना, महीपाल सिंह, सुधीर, मांगेराम, अनिल कुमार, गुलजार, इमरान, प्रेम सिंह, राजेंद्र कुमार, ब्रजपाल, भोपाल, जसवंत सिंह, मंजूर अली मौजूद रहे।