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गैस कांड ः हकीकत जानने के लिए घर-घर पहुंची टीम
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 30 Oct 2017 12:11 AM IST
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Gas scandal
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। सरशादी लाल शुगर मिल के डिस्टलरी से हुए गैस रिसाव के बाद से ही प्रशासनिक महकमों में खलबली मची हुई है। गैस रिसाव के कारण करीब 300 बच्चों की सेहत बिगड़ गई थी।
बच्चों के बाद जांच करने आई राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की टीम के नेतृत्व में गठित 12 टीमों ने शहर मोहल्ला दयानंदनगर में पहुंचकर निरीक्षण किया। लोगों से बातचीत कर 9 से 15 अक्तूबर के बीच कैसी स्थिति रही। सांस लेने में दिक्कत थी या नहीं, यदि दिक्कत थी, तो क्या उपचार लिया गया। इस तरह 21 बिंदुओं पर लोगों से जानकारी जुटाई गई।
10 अक्तूबर को शामली में गैस रिसाव के प्रभाव की वजह से सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज के करीब 300 छात्र और छात्राओं की सेहत बिगड़ गई थी।
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इतनी बड़ी संख्या में बच्चे बीमार से लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया था। वहीं, मामले की गंभीरता से जांच के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की टीम ने तीन दिन से शामली में डेरा जमाया हुआ है।
टीम ने मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए आरबीएसके के डॉक्टरों की 12 टीमों का गठन किया है। रविवार को उक्त 12 टीमों ने शहर मोहल्ला दयानंदनगर में सर्वे अभियान चलाया। इस दौरान टीमों ने घर-घर जाकर लोगों से बात की। टीम के सदस्यों ने यह जानने का प्रयास किया कि नौ अक्तूबर से 15 के बीच कैसा महसूस किया।
जिस दिन गैस रिसाव प्रभाव से बच्चे बीमार हुए, उस दिन उन घरों में रहने वाले लोगों को क्या कोई दिक्कत हुई। इस दौरान जानकारी मिली कि मोहल्ला दयानंदनगर की आबादी करीब सात हजार है तथा कॉलोनी में करीब 1900 घर है। रविवार शाम तक 1450 घरों में सर्वे पूरा कर लिया गया।
वहीं, एसीएमओ और प्रभारी आईडीएसपी डॉ. नेतराम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वे पूरा करने के लिये 12 टीमें लगाई गई हैं। अभी सर्वे चल रहा है और उसके बाद जांच टीम के निर्देशानुसार प्लान तैयार किया जाएगा। रविवार को टीमों ने करीब 1450 घरों का सर्वे किया।
सर्वे के बाद स्कूल के बच्चों से की जाएगी बात
अभी दयानंदनगर मोहल्ले में लोगों से बात की जा रही है। यहां का सर्वे पूरा होने के बाद टीम स्कूल में मौजूद 1900 बच्चों से भी बात करेगी और 21 सवालों से तैयार किया गया एक फार्मेट पूरा करेगी। उसके बाद ही टीम जांच का निष्कर्ष निकाल पाएगी।
सर्वे में शामिल बिंदु
1. नाम, पता, उम्र, परिवार में सदस्यों की संख्या, शिक्षा का स्तर और आमदनी क्या है।
2. नौ से 15 अक्तूबर तक किस समय परेशानी महसूस हुई, क्या सांस लेने में दिक्कत हुई।
3. जब दिक्कत हुई, तब वह कहां थे, घर पर या कहीं रास्ते में थे।
4. परेशानी महसूस होने पर क्या किया, पानी पिया, खुले में बैठे या हाथ धोए।
5. यदि बीमार हुए, तो किस अस्पताल में पहुंचे और वहां क्या उपचार लिया
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बच्चों के बाद जांच करने आई राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की टीम के नेतृत्व में गठित 12 टीमों ने शहर मोहल्ला दयानंदनगर में पहुंचकर निरीक्षण किया। लोगों से बातचीत कर 9 से 15 अक्तूबर के बीच कैसी स्थिति रही। सांस लेने में दिक्कत थी या नहीं, यदि दिक्कत थी, तो क्या उपचार लिया गया। इस तरह 21 बिंदुओं पर लोगों से जानकारी जुटाई गई।
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10 अक्तूबर को शामली में गैस रिसाव के प्रभाव की वजह से सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज के करीब 300 छात्र और छात्राओं की सेहत बिगड़ गई थी।
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इतनी बड़ी संख्या में बच्चे बीमार से लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया था। वहीं, मामले की गंभीरता से जांच के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की टीम ने तीन दिन से शामली में डेरा जमाया हुआ है।
टीम ने मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए आरबीएसके के डॉक्टरों की 12 टीमों का गठन किया है। रविवार को उक्त 12 टीमों ने शहर मोहल्ला दयानंदनगर में सर्वे अभियान चलाया। इस दौरान टीमों ने घर-घर जाकर लोगों से बात की। टीम के सदस्यों ने यह जानने का प्रयास किया कि नौ अक्तूबर से 15 के बीच कैसा महसूस किया।
जिस दिन गैस रिसाव प्रभाव से बच्चे बीमार हुए, उस दिन उन घरों में रहने वाले लोगों को क्या कोई दिक्कत हुई। इस दौरान जानकारी मिली कि मोहल्ला दयानंदनगर की आबादी करीब सात हजार है तथा कॉलोनी में करीब 1900 घर है। रविवार शाम तक 1450 घरों में सर्वे पूरा कर लिया गया।
वहीं, एसीएमओ और प्रभारी आईडीएसपी डॉ. नेतराम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वे पूरा करने के लिये 12 टीमें लगाई गई हैं। अभी सर्वे चल रहा है और उसके बाद जांच टीम के निर्देशानुसार प्लान तैयार किया जाएगा। रविवार को टीमों ने करीब 1450 घरों का सर्वे किया।
सर्वे के बाद स्कूल के बच्चों से की जाएगी बात
अभी दयानंदनगर मोहल्ले में लोगों से बात की जा रही है। यहां का सर्वे पूरा होने के बाद टीम स्कूल में मौजूद 1900 बच्चों से भी बात करेगी और 21 सवालों से तैयार किया गया एक फार्मेट पूरा करेगी। उसके बाद ही टीम जांच का निष्कर्ष निकाल पाएगी।
सर्वे में शामिल बिंदु
1. नाम, पता, उम्र, परिवार में सदस्यों की संख्या, शिक्षा का स्तर और आमदनी क्या है।
2. नौ से 15 अक्तूबर तक किस समय परेशानी महसूस हुई, क्या सांस लेने में दिक्कत हुई।
3. जब दिक्कत हुई, तब वह कहां थे, घर पर या कहीं रास्ते में थे।
4. परेशानी महसूस होने पर क्या किया, पानी पिया, खुले में बैठे या हाथ धोए।
5. यदि बीमार हुए, तो किस अस्पताल में पहुंचे और वहां क्या उपचार लिया