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गड्ढों में तब्दील हुआ मेरठ-करनाल हाईवे
Wed, 17 Apr 2019 11:03 PM IST
NAVEEN GUPTA
amarujala
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Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Wed, 17 Apr 2019 11:03 PM IST
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- फोटो : amarujala
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मेरठ-करनाल हाईवे की हालत इतनी खस्ता हो गई है कि यहां सड़क पूरी तरह खत्म हो चुकी है। इसमें इतने गड्ढे हैं कि सड़क कहीं नजर हीं नहीं आती। गड्ढों से वाहन बचाने के चक्कर में चालक गलत दिशा में चलते हैं। जिस कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। हादसों के डर से बच्चे भी स्कूल जाने से डरने लगे हैं। अमर उजाला ने हाईवे पर पड़ने वाले टिटौली गांव का दौरा कर हाल जाना और लोगों से बात की।
शामली जिला मुख्यालय से करीब चार किमी दूर टिटौली गांव में घुसते ही सड़क की दुर्दशा नजर आने लगी। एक टायर पंचर की दुकान के पास सड़क टूटी थी तो सामने हरियाणा की ओर से आए एक ट्रक चालक ने तेजी से गलत दिशा से आते हुए दूसरी ओर ट्रक निकाल लिया। कुछ ही दूर हाईवे पर उड़ रही धूल आंखों में भर गई। इक्का दुक्का जगह छोड़ पूरे हाईवे पर सड़क नजर ही नहीं आई, केवल गड्ढे ही गड्ढे थे। सड़क किनारे रहने वाले राजीव कुमार कहते हैं कि महीनों से हाईवे का यही हाल है। टूटी सड़क से इतनी धूल उड़ती है कि घर में खाने के साथ धूल भी पेट में जा रही है। लोग बीमार हो रहे हैं। ग्रामीण सड़क पर बार बार पानी डालकर धूल से बचने की कोशिश कर रहे हैं। अफसरों से कहने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं है। इसके अलावा संजीव कुमार कहते हैं कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि वाहन चालक गलत दिशा से वाहन निकालते हैं और इस चक्कर में आए दिन हादसे हो रहे हैं। दो दिन पहले ही एक बुग्गी पलट गई। सड़क पार करने में भी डर लगता है कि पता नहीं वाहन किसी ओर से निकल जाए। गांव के दो लोग तो हादसे में मारे जा चुके हैं।
दुकान में घुस गई बुग्गी
हाईवे पर ही पुराने टायरों की दुकान करने वाले दीपक कहते हैं कि टूटी सड़क की वजह से ट्रक और बस वाले रॉंग साइड से वाहन निकालते हैं, ये अचानक कट मारकर वाहन मोड़ते हैं। इस वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। दो दिन पहले एक बुग्गी वाला ट्रक की टक्कर से बचने को उनकी दुकान में बुग्गी लेकर घुस गया। चोटें आई।
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स्कूल जाते हुए भी डरते हैं बच्चे
बच्चे भी स्कूल जाने से डरने लगे हैं। गांव के दोनों तरफ से हाईवे टूटा हुआ है। धूल मिट्टी से बुरा हाल है। सड़क के दोनों तरफ स्कूल भी हैं। जिसमें बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन सड़क की हालत और आए दिन हादसों की वजह से बच्चे भी स्कूल जाने से मना करने लगते हैं। छोटे बच्चों को तो खुद स्कूल छोड़कर आना पड़ता है।
छत पर सोना हुआ बंद
सुमन देवी कहती हैं कि एक साल से तो सड़क का यही हाल है। इतनी धूल उड़ती है कि घर की रसोई तक में आती हैं। खाना पीना भी दुश्वार हो गया है। तीन दिन पहले गर्मी की वजह से छत पर सो गए धूल मिट्टी से इतना बुरा हाल हुआ कि रात को ही नीचे आना पड़ा।
आचार संहिता के चक्कर में लटका काम
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हरियाणा बॉर्डर के यमुना पुल से लेकर मेरठ के कंकरखेड़ा तक सर्वे करके इस हाईवे का करीब 85 किमी चौड़ीकरण का प्रस्ताव पिछले साल तैयार किया था। इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजा गया था। जिसे केंद्र ने मंजूरी दे दी थी। पिछले महीने आचार संहिता लागू होने से पहले केंद्रीय परिवहन उड्डयन मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रताल में इस कार्य का लोकार्पण किया था, लेकिन आचार संहिता लगने की वजह से ये काम अधर में लटका हुआ है।
बढ़ जाएगी सड़क की चौड़ाई
अभी तक फोरलेन हाईवे की चौड़ाई केवल 15 मीटर है। चौड़ीकरण के बाद इसकी चौड़ाई 24 मीटर हो जाएगी। शामली जनपद में लांक गांव से लेकर सिंभालखा और इसके बाद टिटौली गांव से लेकर बिड़ौली हरियाणा बॉर्डर तक ये काम होगा। बीच में शहर का करीब पांच किमी हिस्से को बाईपास निकलने की वजह से छोड़ा जाएगा।
गलत दिशा में चलने से हो रहे हादसे
23 मार्च को करनाल हाईवे पर दीपचंद पुत्र मांगेराम निवासी अहमदगढ़ की मौत हो गई थी। सेवापुर में भी गलत दिशा में ट्रक की चपेट में आकर बाइक सवार पति-पत्नी की मौत हो गई थी। बिड़ौली में एक ट्रैक्टर चालक की मौत हुई थी। फरवरी माह में अहमदगढ़ में एक ट्रक चालक की सड़क पार करते हुए मौत हुई थी। इसके अलावा आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं जो रिकार्ड में भी दर्ज नहीं होते। कई बार लोगों ने गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं हुआ।
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शामली जिला मुख्यालय से करीब चार किमी दूर टिटौली गांव में घुसते ही सड़क की दुर्दशा नजर आने लगी। एक टायर पंचर की दुकान के पास सड़क टूटी थी तो सामने हरियाणा की ओर से आए एक ट्रक चालक ने तेजी से गलत दिशा से आते हुए दूसरी ओर ट्रक निकाल लिया। कुछ ही दूर हाईवे पर उड़ रही धूल आंखों में भर गई। इक्का दुक्का जगह छोड़ पूरे हाईवे पर सड़क नजर ही नहीं आई, केवल गड्ढे ही गड्ढे थे। सड़क किनारे रहने वाले राजीव कुमार कहते हैं कि महीनों से हाईवे का यही हाल है। टूटी सड़क से इतनी धूल उड़ती है कि घर में खाने के साथ धूल भी पेट में जा रही है। लोग बीमार हो रहे हैं। ग्रामीण सड़क पर बार बार पानी डालकर धूल से बचने की कोशिश कर रहे हैं। अफसरों से कहने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं है। इसके अलावा संजीव कुमार कहते हैं कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि वाहन चालक गलत दिशा से वाहन निकालते हैं और इस चक्कर में आए दिन हादसे हो रहे हैं। दो दिन पहले ही एक बुग्गी पलट गई। सड़क पार करने में भी डर लगता है कि पता नहीं वाहन किसी ओर से निकल जाए। गांव के दो लोग तो हादसे में मारे जा चुके हैं।
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दुकान में घुस गई बुग्गी
हाईवे पर ही पुराने टायरों की दुकान करने वाले दीपक कहते हैं कि टूटी सड़क की वजह से ट्रक और बस वाले रॉंग साइड से वाहन निकालते हैं, ये अचानक कट मारकर वाहन मोड़ते हैं। इस वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। दो दिन पहले एक बुग्गी वाला ट्रक की टक्कर से बचने को उनकी दुकान में बुग्गी लेकर घुस गया। चोटें आई।
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स्कूल जाते हुए भी डरते हैं बच्चे
बच्चे भी स्कूल जाने से डरने लगे हैं। गांव के दोनों तरफ से हाईवे टूटा हुआ है। धूल मिट्टी से बुरा हाल है। सड़क के दोनों तरफ स्कूल भी हैं। जिसमें बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन सड़क की हालत और आए दिन हादसों की वजह से बच्चे भी स्कूल जाने से मना करने लगते हैं। छोटे बच्चों को तो खुद स्कूल छोड़कर आना पड़ता है।
छत पर सोना हुआ बंद
सुमन देवी कहती हैं कि एक साल से तो सड़क का यही हाल है। इतनी धूल उड़ती है कि घर की रसोई तक में आती हैं। खाना पीना भी दुश्वार हो गया है। तीन दिन पहले गर्मी की वजह से छत पर सो गए धूल मिट्टी से इतना बुरा हाल हुआ कि रात को ही नीचे आना पड़ा।
आचार संहिता के चक्कर में लटका काम
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हरियाणा बॉर्डर के यमुना पुल से लेकर मेरठ के कंकरखेड़ा तक सर्वे करके इस हाईवे का करीब 85 किमी चौड़ीकरण का प्रस्ताव पिछले साल तैयार किया था। इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजा गया था। जिसे केंद्र ने मंजूरी दे दी थी। पिछले महीने आचार संहिता लागू होने से पहले केंद्रीय परिवहन उड्डयन मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रताल में इस कार्य का लोकार्पण किया था, लेकिन आचार संहिता लगने की वजह से ये काम अधर में लटका हुआ है।
बढ़ जाएगी सड़क की चौड़ाई
अभी तक फोरलेन हाईवे की चौड़ाई केवल 15 मीटर है। चौड़ीकरण के बाद इसकी चौड़ाई 24 मीटर हो जाएगी। शामली जनपद में लांक गांव से लेकर सिंभालखा और इसके बाद टिटौली गांव से लेकर बिड़ौली हरियाणा बॉर्डर तक ये काम होगा। बीच में शहर का करीब पांच किमी हिस्से को बाईपास निकलने की वजह से छोड़ा जाएगा।
गलत दिशा में चलने से हो रहे हादसे
23 मार्च को करनाल हाईवे पर दीपचंद पुत्र मांगेराम निवासी अहमदगढ़ की मौत हो गई थी। सेवापुर में भी गलत दिशा में ट्रक की चपेट में आकर बाइक सवार पति-पत्नी की मौत हो गई थी। बिड़ौली में एक ट्रैक्टर चालक की मौत हुई थी। फरवरी माह में अहमदगढ़ में एक ट्रक चालक की सड़क पार करते हुए मौत हुई थी। इसके अलावा आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं जो रिकार्ड में भी दर्ज नहीं होते। कई बार लोगों ने गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं हुआ।