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Shamli News: पिछले तीन साल से पीएफ में हो रही थी लाखों की धोखाधड़ी
Sat, 09 Aug 2025 12:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 09 Aug 2025 12:50 AM IST
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कैराना। नगर पालिका के एक कर्मचारी द्वारा पिछले तीन वर्षों से पालिका कर्मचारियों के पीएफ (प्रॉविडेंट फंड) में भारी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कर्मचारी ने लाखों रुपये अपनी पत्नी और भाभी के खातों में जमा करवा लिए। मामले का पता चलते ही पालिका कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
नगर पालिका के जलकल विभाग के लिपिक तासिम अली, निर्माण विभाग के लिपिक इरशाद अली तथा कार्यालय अधीक्षक जैगम हुसैन ने बताया कि कर्मचारियों के वेतन से हर माह 12 प्रतिशत पीएफ कटता है, जो सीधे उनके खातों में जमा होना चाहिए। लेकिन 2023 से 2025 के बीच वेतन विभाग के एक कर्मचारी ने बैंक को भेजी गई पीएफ लाभार्थी सूची में कर्मचारियों के नामों की जगह अपनी पत्नी और भाभी के नाम दर्ज कर दिए। इस धोखाधड़ी की वजह से कई कर्मचारियों के पीएफ राशि उनकी पत्नी और भाभी के खातों में जमा हो गई।
जैगम हुसैन ने बताया कि उनकी 18,880 रुपये, इरशाद अली की 1,05,000 रुपये और तासिम अली की 50,000 रुपये की पीएफ राशि हड़प ली गई। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों के साथ भी ऐसी धोखाधड़ी हुई है। जब कर्मचारियों को इस बात का पता चला तो उन्होंने बैंक से स्टेटमेंट मांगा और पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ। इस धोखाधड़ी की शिकायत पालिका प्रशासन को की गई।
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी समीर कुमार कश्यप ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी शिकायतें लिखित में प्रस्तुत करें। यह मामला गंभीर है और जांच के बाद दोषी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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नगर पालिका के जलकल विभाग के लिपिक तासिम अली, निर्माण विभाग के लिपिक इरशाद अली तथा कार्यालय अधीक्षक जैगम हुसैन ने बताया कि कर्मचारियों के वेतन से हर माह 12 प्रतिशत पीएफ कटता है, जो सीधे उनके खातों में जमा होना चाहिए। लेकिन 2023 से 2025 के बीच वेतन विभाग के एक कर्मचारी ने बैंक को भेजी गई पीएफ लाभार्थी सूची में कर्मचारियों के नामों की जगह अपनी पत्नी और भाभी के नाम दर्ज कर दिए। इस धोखाधड़ी की वजह से कई कर्मचारियों के पीएफ राशि उनकी पत्नी और भाभी के खातों में जमा हो गई।
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जैगम हुसैन ने बताया कि उनकी 18,880 रुपये, इरशाद अली की 1,05,000 रुपये और तासिम अली की 50,000 रुपये की पीएफ राशि हड़प ली गई। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों के साथ भी ऐसी धोखाधड़ी हुई है। जब कर्मचारियों को इस बात का पता चला तो उन्होंने बैंक से स्टेटमेंट मांगा और पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ। इस धोखाधड़ी की शिकायत पालिका प्रशासन को की गई।
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी समीर कुमार कश्यप ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी शिकायतें लिखित में प्रस्तुत करें। यह मामला गंभीर है और जांच के बाद दोषी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।