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जिले के पांच थानों में बनेगी चार मंजिला बैरक

Wed, 03 Aug 2022 12:51 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 12:51 AM IST
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Four storey barracks will be built in five police stations of the district
जिले के पांच थानों में बनेगी चार मंजिला बैरक
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शामली। जिले के पांच थानों में चार मंजिला पुलिस बैरक के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। राजकीय निर्माण निगम इन थानों में 32-32 सिपाहियों की बैरक ट्रांजिट हॉस्टल की तर्ज पर निर्माण कराएगा। चार मंजिला पुलिस बैरक में आठ महिला सिपाहियों की आवास की सुविधा होगी। राजकीय निर्माण निगम ने बैरकों का डिजाइन तैयार कर लिया है। जिसे जल्द ही मंजूरी के लिए प्रदेश मुख्यालय को भेजा जाएगा।
जिले के थानाभवन, कैराना, कांधला, झिंझाना और बाबरी थानों में सिपाहियों के आवास जरूरत के हिसाब से काफी कम हैं। जिसके चलते इन पांच थानों में तैनात सिपाहियों को अक्सर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इन थानों में पुलिसकर्मियों के आवास की सुविधा दिए जाने के लिए 32-32 सिपाहियों की क्षमता की बैरक का निर्माण प्रस्तावित है। प्रत्येक थाने की पुलिस बैरक ग्राउंड फ्लोर समेत चार मंजिला होगी। जिसमें प्रथम तल पर आठ-आठ महिला सिपाहियों के आवास की सुविधा होगी। पुलिस बैरक के निर्माण किए जाने के लिए राजकीय निर्माण निगम को डिजाइन व एस्टीमेट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। राजकीय निर्माण निगम के अवर अभियंता कृष्ण कुमार गौरव ने बताया कि जिले के थानाभवन, कैराना, कांधला, झिंझाना और बाबरी आदि पुलिस थानों में 32-32 सिपाहियों के आवास क्षमता की बैरकों का ट्रांजिट हॉस्टल की तर्ज पर डिजाइन तैयार कर लिया गया है। शीघ्र डिजाइन पुलिस अनुभाग से स्वीकृत हो जाने के बाद एस्टीमेट तैयार करके शासन को भेजा जाएगा।
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हर बैरक में किचन, बाथरूम और शौचालय की सुविधा
राजकीय निर्माण निगम के अवर अभियंता कृष्ण कुमार गौरव ने बताया कि हर बैरक में सिपाहियों के लिए किचन, बाथरूम और शौचालय का निर्माण भी कराया जाएगा। इसके अलावा अन्य सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा।
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थानों में आवासों पर रहता है अवैध कब्जा
थानों में बने आवासों पर अक्सर पुलिसकर्मियों का अवैध कब्जा रहता है। कई पुलिसकर्मी आसपास के जनपदों में ट्रांसफर होने के बाद भी आवास से अपना कब्जा नहीं छोड़ते हैं। ऐसे में दूसरे जनपद से आए पुलिसकर्मियों को सरकारी आवास न मिलने पर किराए के मकानों में भी रहना पड़ता है।
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