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विदेशी दुल्हन को भाया हिंदुस्तानी दूल्हा
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:39 AM IST
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marriage
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। बर्लिन की रहने वाली मारिया हॉफमेन और शामली के गांव लिसाढ़ निवासी अरविंद के बीच तीन साल पूर्व मर्चेंट नेवी में नौकरी के दौरान दोस्ती हुई, जो प्यार में बदली और शादी का फैसला हो गया। दो दिन पूर्व ही दोनों परिवार के लोग इकट्ठा हुए और हिंदू रीति रिवाज के मुताबिक शादी संपन्न करा दी गई।
गांव लिसाढ़ निवासी सोमपाल मलिक एयरफोर्स में हैं और इन दिनों वह दिल्ली में तैनात हैं। उनका बेटा अरविंद कुमार (28) 2014 में मर्चेंट नेवी में भर्ती हुआ था, जिसके चलते वह जर्मनी गया था।
इसी दौरान उसकी मुलाकात केनित्जर बर्लिन निवासी मारिया हॉफमेन से हुई और दोस्ती हो गई। एक साल पूर्व ही अरविंद ने मर्चेंट नेवी से नौकरी छोड़ दी और दिल्ली आकर उच्च शिक्षा ग्रहण करने लगा।
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इसके बाद भी उसका संपर्क मारिया से बना रहा। इसी बीच मारिया भी ट्रांसफर होकर मुंबई आ गई, तो अरविंद से मुलाकात का सिलसिला चल निकला। करीब पांच माह पूर्व दोनों के परिवार के लोगों में अरविंद और मारिया की शादी को लेकर बातचीत शुरू हुई और रिश्ता पक्का कर दिया गया।
एक सप्ताह पूर्व मारिया हॉफमेन के माता पिता और अन्य लोग शामली आए। यहां लिसाढ़ गांव में रहकर दीपावली का त्योहार मनाया और शादी की तारीख
तय करके 21 अक्तूबर को शामली में कैराना रोड स्थित होटल में विवाह संपन्न करा दिया गया। शादी समारोह में अरविंद के रिश्तेदारों के अलावा अन्य परिचित भी शामिल हुए।
उधर, सोमवार को नवदंपति विवाह पंजीकरण कराने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां अधिवक्ता सतेंद्र धीरयान और प्रदीप पंवार से मुलाकात करने के बाद विवाह पंजीकरण कराया गया। इस दौरान अरविंद मलिक और उसके पिता सोमपाल, मां मुनेश के अलावा मारिया हॉफमेन, उसके पिता जेन हॉफमेन और मां सिगरुन हॉफमेन भी मौजूद रहीं।
सत्कार की सराहना करते रहे विदेशी
मारिया और उसके परिवार के लोगों ने करीब सात दिन शामली में बिताए। अरविंद के पैतृक गांव लिसाढ़ गए। शादी संपन्न होने के बाद वहां पर देवस्थान पर पूजन किया। इसके अलावा दीपावली का त्योहार भी परिवार ने हर्ष पूर्वक मनाया। इसके अलावा गन्ना चूसने से लेकर गांव में होने वाले अन्य देहाती रीति रिवाज को भी अपनाया। विदेशी परिवार का कहना था कि गांव में उन्हें खूब प्यार मिला।
खुद ही कार चलाकर पहुंची मारिया
21 अक्तूबर को जब कैराना रोड स्थित होटल में विवाह संपन्न हुआ, तो कार को मारिया हॉफमेन खुद ही चलाकर वहां पहुंची। उनके साथ अरविंद साइड वाली सीट पर बैठे थे। शादी समारोह में पंडित को बुलाकर फेरे और पूजन की रस्म पूरी कराई गई। अरविंद ने मारिया को मंगलसूत्र पहनाया और मांग में सिंदूर भरा।
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गांव लिसाढ़ निवासी सोमपाल मलिक एयरफोर्स में हैं और इन दिनों वह दिल्ली में तैनात हैं। उनका बेटा अरविंद कुमार (28) 2014 में मर्चेंट नेवी में भर्ती हुआ था, जिसके चलते वह जर्मनी गया था।
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इसी दौरान उसकी मुलाकात केनित्जर बर्लिन निवासी मारिया हॉफमेन से हुई और दोस्ती हो गई। एक साल पूर्व ही अरविंद ने मर्चेंट नेवी से नौकरी छोड़ दी और दिल्ली आकर उच्च शिक्षा ग्रहण करने लगा।
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इसके बाद भी उसका संपर्क मारिया से बना रहा। इसी बीच मारिया भी ट्रांसफर होकर मुंबई आ गई, तो अरविंद से मुलाकात का सिलसिला चल निकला। करीब पांच माह पूर्व दोनों के परिवार के लोगों में अरविंद और मारिया की शादी को लेकर बातचीत शुरू हुई और रिश्ता पक्का कर दिया गया।
एक सप्ताह पूर्व मारिया हॉफमेन के माता पिता और अन्य लोग शामली आए। यहां लिसाढ़ गांव में रहकर दीपावली का त्योहार मनाया और शादी की तारीख
तय करके 21 अक्तूबर को शामली में कैराना रोड स्थित होटल में विवाह संपन्न करा दिया गया। शादी समारोह में अरविंद के रिश्तेदारों के अलावा अन्य परिचित भी शामिल हुए।
उधर, सोमवार को नवदंपति विवाह पंजीकरण कराने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां अधिवक्ता सतेंद्र धीरयान और प्रदीप पंवार से मुलाकात करने के बाद विवाह पंजीकरण कराया गया। इस दौरान अरविंद मलिक और उसके पिता सोमपाल, मां मुनेश के अलावा मारिया हॉफमेन, उसके पिता जेन हॉफमेन और मां सिगरुन हॉफमेन भी मौजूद रहीं।
सत्कार की सराहना करते रहे विदेशी
मारिया और उसके परिवार के लोगों ने करीब सात दिन शामली में बिताए। अरविंद के पैतृक गांव लिसाढ़ गए। शादी संपन्न होने के बाद वहां पर देवस्थान पर पूजन किया। इसके अलावा दीपावली का त्योहार भी परिवार ने हर्ष पूर्वक मनाया। इसके अलावा गन्ना चूसने से लेकर गांव में होने वाले अन्य देहाती रीति रिवाज को भी अपनाया। विदेशी परिवार का कहना था कि गांव में उन्हें खूब प्यार मिला।
खुद ही कार चलाकर पहुंची मारिया
21 अक्तूबर को जब कैराना रोड स्थित होटल में विवाह संपन्न हुआ, तो कार को मारिया हॉफमेन खुद ही चलाकर वहां पहुंची। उनके साथ अरविंद साइड वाली सीट पर बैठे थे। शादी समारोह में पंडित को बुलाकर फेरे और पूजन की रस्म पूरी कराई गई। अरविंद ने मारिया को मंगलसूत्र पहनाया और मांग में सिंदूर भरा।