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सुबह कोहरा छाया, सर्द हवा ने ठिठुराया

Mon, 18 Jan 2021 11:56 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jan 2021 11:56 PM IST
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Fog shadow in the morning, cold wind choked
शामली में सोमवार सुबह घने कोहरे धीमी गति से अपने गंतव्य की ओर जाती बस। - फोटो : SHAMLI
शामली। जिले में सर्दी का सितम लगातार बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार सुबह घना कोहरा छाया रहा और दिनभर बादल छाए रहे। दोपहर करीब एक बजे हल्की धूप निकली। शीतलहर चलने से लोग दिन में भी ठिठुरने को मजबूर हैं। ठंड अधिक होने के कारण बाजार भी सुबह देर से खुल रहे हैं और शाम हो जल्दी बंद हो जाते हैं।
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पिछले 24 घंटे में दिन का दो डिग्री सेल्सियस पारा में बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि रात का पारा स्थिर रहा। सोमवार दिन का पारा 19 डिग्री सेल्सियस और रात का पारा आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे दिन बादल छाए रहने और छह किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने मौसम में ठिठुुरन बरकरार रही। पूरा दिन सर्दी की आगोश मेें रहा। बादल छाए रहने के बाद सर्दी का सितम जारी रहा।
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मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मंगलवार को दिन के पारे में दो सेल्सियस ओर बढ़ोत्तरी दर्ज की जाएगी। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के निदेशक डॉ. पीके सिंह ने बताया कि अगले दो दिन मौसम मिश्रित रहेगा। उसके बाद मौसम में सुधार होने की संभावना है।
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मौसम में बदलाव से फसलों के लिए बढ़ा रहा खतरा
शामली। पल-पल मौसम में बदलाव फसलों में रोग का खतरा मंडरा रहा है। सरसों एवं सब्जियों की फसल को इससे नुकसान हो रहा है।
शामली कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. शीशपाल सिंह ने बताया कि पिछले साल सर्दी के मौसम में अधिक बूंदाबांदी होने से सरसों के उत्पादन में गिरावट दर्ज हुई थी। सरसों कम पानी की फसल है। सरसों का उत्पादन एक हेक्टेयर में 20-25 क्विंटल का उत्पादन का औसत होता है, लेकिन गत वर्ष सरसों का उत्पादन 20- 22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का औसत आया था। इस बार कई दिनों तक कोहरा रहने से गेहूं, गन्ना की पौधे की बढ़वर कम होगी।

सरसों की फसल में हलका पीलापन आ जाएगा। सरसों की फसल में जिले के शामली क्षेत्र के बनत, काबड़ौत, झाल आदि गांव मेें माहू का प्रकोप बढ़ गया है। टमाटर, पालक, पत्ता गोभी, लहसुन, प्याज की फसल की मौसम के कारण पत्तियां सूखनी शुरू हो गई हैं। सब्जी की बढ़वार रुकनी शुरू हो गई है।
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