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पांच श्रमिकों की गई जान, अवैध आतिशबाजी से अफसर हैं अंजान
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शामली। कैराना में एक अक्टूबर को अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए हादसे में पांच श्रमिकों की जान चली गई। जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर मवी गांव में दो अवैध फैक्टरी पकड़कर बड़ी मात्रा में पटाखे और पांच क्विंटल बारूद व अन्य सामान बरामद किया था। गाजीपुर में एक फैक्टरी रिकॉर्ड दुरुस्त न होने के कारण बंद करा दी गई। इसके बावजूद भी थानाभवन, गढ़ीपुख्ता, कांधला, कैराना में घरों में सुरक्षा मानकों और तमाम नियमों को ताक पर रखकर दीवाली के लिए पटाखे बनाए जा रहे हैं। लेकिन अधिकारी इन सबसे अभी भी अनजान बने हुए हैं।
दीपावली से पहले ही जनपद के कई स्थानों पर अवैध रूप से आतिशबाजी बनाने का काम बड़े पैमाने पर शुरू हो जाता है। यहां से आतिशबाजी और पटाखे दूसरे जनपदों में भी सप्लाई किए जाते हैं। अवैध रूप से चलने वाली पटाखा फैक्टरियों के कारीगरों के लिए सुरक्षा के मापदंडों को भी ताक पर रख दिया जाता है। फिलहाल अधिकारी लाइसेंसी फैक्टरियों का निरीक्षण करने में जुटे हैं। इस संबंध में डीएम जसजीत कौर का कहना है कि अवैध पटाखा फैक्टरी किसी सूरत में संचालित नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों की टीम फैक्टरियों का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट देगी। यदि किसी फैक्टरी में मानक पूरे नहीं मिले तो उसका लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी। इसके अलावा टीम गठित कर घरों में पटाखे बनाने के कारोबार पर भी कार्रवाई की जाएगी।
कई विभागों की टीम कर रही जांच
कैराना में अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट में पांच लोगों की मौत के बाद डीएम ने टीम बनाकर पटाखा फैक्टरियों की जांच शुरू कराई। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से भी बात की। जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी फैक्टरियों का निरीक्षण कर रहे हैं। जबकि एसडीएम और मुख्य अग्निशमन अधिकारी की टीम अलग से जांच कर रही है।
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हादसे के इंतजार में अनजान बने हैं अफसर
पटाखा फैक्टरियों में कई हादसे हुए और कई की जान अब तक जा चुकी हैं। लेकिन अवैध फैक्टरियाें का संचालन अभी भी जारी है। हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया, जहां की सूचना मिली, वहां पर जांच की। लेकिन अभी भी तमाम गांवों और कसबों में घरों के भीतर ही आतिशबाजी बन रही है। जिसकी सूचना स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन को हैं। लेकिन सभी जानकार भी शायद किसी हादसे के इंतजार में अनजान बने हुए हैं।
जिले में कुल 27 लाइसेंसधारी फैक्टरी-
कांधला-3
कैराना-2
झिंझाना-1
बाबरी-2
गढ़ी पुख्ता-4
थानाभवन-15
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दीपावली से पहले ही जनपद के कई स्थानों पर अवैध रूप से आतिशबाजी बनाने का काम बड़े पैमाने पर शुरू हो जाता है। यहां से आतिशबाजी और पटाखे दूसरे जनपदों में भी सप्लाई किए जाते हैं। अवैध रूप से चलने वाली पटाखा फैक्टरियों के कारीगरों के लिए सुरक्षा के मापदंडों को भी ताक पर रख दिया जाता है। फिलहाल अधिकारी लाइसेंसी फैक्टरियों का निरीक्षण करने में जुटे हैं। इस संबंध में डीएम जसजीत कौर का कहना है कि अवैध पटाखा फैक्टरी किसी सूरत में संचालित नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों की टीम फैक्टरियों का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट देगी। यदि किसी फैक्टरी में मानक पूरे नहीं मिले तो उसका लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी। इसके अलावा टीम गठित कर घरों में पटाखे बनाने के कारोबार पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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कई विभागों की टीम कर रही जांच
कैराना में अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट में पांच लोगों की मौत के बाद डीएम ने टीम बनाकर पटाखा फैक्टरियों की जांच शुरू कराई। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से भी बात की। जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी फैक्टरियों का निरीक्षण कर रहे हैं। जबकि एसडीएम और मुख्य अग्निशमन अधिकारी की टीम अलग से जांच कर रही है।
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हादसे के इंतजार में अनजान बने हैं अफसर
पटाखा फैक्टरियों में कई हादसे हुए और कई की जान अब तक जा चुकी हैं। लेकिन अवैध फैक्टरियाें का संचालन अभी भी जारी है। हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया, जहां की सूचना मिली, वहां पर जांच की। लेकिन अभी भी तमाम गांवों और कसबों में घरों के भीतर ही आतिशबाजी बन रही है। जिसकी सूचना स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन को हैं। लेकिन सभी जानकार भी शायद किसी हादसे के इंतजार में अनजान बने हुए हैं।
जिले में कुल 27 लाइसेंसधारी फैक्टरी-
कांधला-3
कैराना-2
झिंझाना-1
बाबरी-2
गढ़ी पुख्ता-4
थानाभवन-15