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पहले लॉकडाउन, अब जाम ने चौपट किया काम

Wed, 10 Jun 2020 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2020 11:33 PM IST
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First lockdown, now jam has broken work
शामली में टीकाराम मार्केट सुनसान पड़ी हुई। - फोटो : SHAMLI
शामली। ढाई महीने बाद बाजार खुले। कुछ काम निकलना शुरू हुआ तो इस जाम से काम बिगाड़ दिया। दुकानों से सटाकर गन्ने से लदे वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। आने जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। ग्राहक आए कहां से। जाम की वजह पूूरा मार्केट परेशान है, मगर कोई सुनने वाला नहीं। ये कहना है कि शहर के टीकाराम मार्केट के व्यापारियों का। जाम से बेहाल इन व्यापारियों को इस बात का मलाल है कि जाम की समस्या हर साल की है, पर कोई इसे गंभीरता से नहीं लेता। अमर उजाला ने शहर के टीकाराम मार्केट के व्यापारियों का हाल जाना। पेश है रिपोर्ट...
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सटकर खड़े होते हैं गन्ने के वाहन
रेडीमेड गारमेंट व्यापारी अतुल बंसल कहते हैं कि लॉकडाउन में दो महीने से बाजार बंद थे। अब खुले हैं तो जाम से काम खत्म कर दिया है। गन्ने के वाहन दुकान से सटकर खडेे़ होते हैं। इस कारण महिला ग्राहक तो आना ही नहीं चाहती। पहले 15-18 हजार तक की सेल हो जाती थी। अब घटकर छह सात हजार का काम रह गया है।
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महिला ग्राहक तो आती ही नहीं
जनरल मर्चेंट व्यापारी संदीप गोयल कहते हैं कि लॉकडाउन के बाद दो जून से बाजार खुले तो कुछ उम्मीद जगी, लेकिन तभी से गन्ने का जाम लगा है। उनकी दुकानदारी अधिकतर महिलाओं की है, लेकिन जाम की वजह से महिलाएं आना ही पसंद नहीं करती। उनके तो ग्राहक भी टूटने का डर है।
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दुकान खुली ना खुुली बराबर है
रेडीमेड कपड़ा व्यापारी सुरेश संगल कहते हैं कि लॉकडाउन में दो महीने दुकान बंद रही। बिजली के बिल पूरे आए। भरना मजबूरी है। अब दुकान खुली तो गन्ने का जाम लग गया। दुकान खुली या ना खुली बराबर है। पहले सात आठ हजार का माल निकल जाता था, अब तीन हजार का बिकना भी मुश्किल हो रहा है। हर साल जाम से जूझते हैं कोई सुनने वाला नहीं।
हर साल की समस्या, कोई नहीं सुनता
जूता व्यापारी संदीप गर्ग कहते हैं कि लॉकडाउन के दो महीने निकल गए हैं, काम बंद है अब बाजार खुला तो गन्ने का जाम है। हालत ये है कि दो जून से बाजार खुलने से लेकर अब तक 20 हजार का माल नहीं निकला। हर साल की समस्या है, कोई सुनने वाला नहीं।
अधिकतर रेडीमेड की दुकानें हैं बाजार में
शहर के एमएसके रोड पर बिजलीघर के निकट है। इसमें कुछ दुकानें मुख्य मार्ग पर हैं जबकि अधिकांश दुकानें अंदर गली में हैं। व्यापार संघ अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग के अनुसार मार्केट में करीब 70 दुकानें होंगी। इनमें अधिकांश रेडीमेड गारेमेंट, जनरल मर्चेंट आदि की दुकानें हैं।
प्रति दुकान औसत आमदनी
लॉकडाउन से पूर्व 8-12 हजार
आज 4-5 हजार
कोट
जाम की समस्या से सबसे ज्यादा एमएसके रोड पर अग्रसेन पार्क वाली साइड के बाजार प्रभावित हैं। टीकाकरण मार्केट भी यहां है। जाम की समस्या हर साल की है। हर साल प्रशासन के समक्ष समस्या रखी जाती है, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। इसका मिल बैठकर स्थायी समाधान जरूरी है। - घनश्याम दास गर्ग, अध्यक्ष व्यापार संघ

शुगर मिल एक दो दिन में बंद हो जाएगी। मिल बंदी के आखिरी दिनों में ये समस्या बनी है। इसके बाद इस समस्या के समाधान पर विचार किया जाएगा। - जसजीत कौर, डीएम शामली

शामली के एमएसके रोड पर गन्ने के वाहनों से लगा भीषण जाम।

शामली के एमएसके रोड पर गन्ने के वाहनों से लगा भीषण जाम।- फोटो : SHAMLI

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