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अब भी धधक रही आग
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
Updated Sun, 01 May 2016 12:16 AM IST
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fire
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। अपर दोआब शुगर मिल के बैगास में लगी आग 24 घंटे बीतने पर भी ठंडी नहीं हुई। शुक्रवार रात भर सात जिलों के दमकल वाहन आग बुझाने में लगे रहे, लेकिन बैगास के ढेरों में आग सुलगती रही।
गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे बुढ़ाना रोड पर अपर दोआब शुगर मिल शामली के बैगास में आग लग गई थी। एक एक करके बैगास के छह ढेरों में दहकी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। इसके चलते शामली के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बागपत और हरियाणा के करनाल और पानीपत जिले से दमकल वाहन आग बुझाने को बुलाए गए थे।
शुक्रवार दोपहर तक चले बचाव कार्य के बाद आग की लपटें तो शांत हो गई, लेकिन बैगास के भीतर आग सुलगती रही। शनिवार शाम छह बजे हरियाणा के चार दमकल वाहन वापस भेज दिए गए। मुजफ्फरनगर की एक, बागपत के दो, मेरठ की दो, सहारनपुर की एक और शामली के चार दमकल वाहन बैगास के ढेरों पर पानी बरसाने में लगे रहे। फायर स्टेशन आफिसर सुरेशपाल ढाका ने बताया कि बैगास (खोई) के ढेर में ऊपर की आग तो बुझ जाती है, लेकिन भीतर आग सुलगने के कारण धुआं उठता रहा।
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जेसीबी लगाकर बिखेरी गई बैगास
हवा चलने के कारण बैगास के भीतर सुलगी आग भड़क सकती थी। इसी वजह से बैगास के भीतर सुलग रही आग को बुझाने के लिए शनिवार शाम छह बजे शुगर मिल प्रबंधन ने जेसीबी मशीन मंगाई। जेसीबी के जरिये बैगास के ढेर के हटाकर पानी बरसाया गया। ताकि बैगास के भीतर लग रही आग पूरी तरह शांत हो सके। वहीं, अपर दोआब शुगर मिल के बैगास में आग लगने के कारण आसपास के इलाके में रहने वाले लोग भी भयभीत रहे। पड़ोस के मोहल्ले दयानंदनगर में रात 12 बजे तक भी लोगों की आंखों से नींद उड़ी रही, क्योंकि रात में बैगास से आग की ऊंची लपटें उठ रही थीं। तेज हवा के कारण आग की चिंगारी आसपास इलाके में फैलने का खतरा बना हुआ था।
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गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे बुढ़ाना रोड पर अपर दोआब शुगर मिल शामली के बैगास में आग लग गई थी। एक एक करके बैगास के छह ढेरों में दहकी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। इसके चलते शामली के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बागपत और हरियाणा के करनाल और पानीपत जिले से दमकल वाहन आग बुझाने को बुलाए गए थे।
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शुक्रवार दोपहर तक चले बचाव कार्य के बाद आग की लपटें तो शांत हो गई, लेकिन बैगास के भीतर आग सुलगती रही। शनिवार शाम छह बजे हरियाणा के चार दमकल वाहन वापस भेज दिए गए। मुजफ्फरनगर की एक, बागपत के दो, मेरठ की दो, सहारनपुर की एक और शामली के चार दमकल वाहन बैगास के ढेरों पर पानी बरसाने में लगे रहे। फायर स्टेशन आफिसर सुरेशपाल ढाका ने बताया कि बैगास (खोई) के ढेर में ऊपर की आग तो बुझ जाती है, लेकिन भीतर आग सुलगने के कारण धुआं उठता रहा।
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जेसीबी लगाकर बिखेरी गई बैगास
हवा चलने के कारण बैगास के भीतर सुलगी आग भड़क सकती थी। इसी वजह से बैगास के भीतर सुलग रही आग को बुझाने के लिए शनिवार शाम छह बजे शुगर मिल प्रबंधन ने जेसीबी मशीन मंगाई। जेसीबी के जरिये बैगास के ढेर के हटाकर पानी बरसाया गया। ताकि बैगास के भीतर लग रही आग पूरी तरह शांत हो सके। वहीं, अपर दोआब शुगर मिल के बैगास में आग लगने के कारण आसपास के इलाके में रहने वाले लोग भी भयभीत रहे। पड़ोस के मोहल्ले दयानंदनगर में रात 12 बजे तक भी लोगों की आंखों से नींद उड़ी रही, क्योंकि रात में बैगास से आग की ऊंची लपटें उठ रही थीं। तेज हवा के कारण आग की चिंगारी आसपास इलाके में फैलने का खतरा बना हुआ था।