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किसानों ने घेरा विकास प्राधिकरण कार्यालय
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शामली में माजरा रोड स्थित विकास प्रधिकरण कार्यालय में अधिकारियों की कुर्सी कब्जा कर हंगामा प्रद
- फोटो : SHAMLI
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शामली। शामली महायोजना 2031 में अनियमितताओं के विरोध में भारतीय किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह मुंडेट के साथ किसानों ने मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के शामली कार्यालय का घेराव किया। अफसरों की अनुपस्थिति में उनकी कुर्सी कब्जा ली और तीन घंटे से ज्यादा समय तक कर्मचारियों को घेरे रखा। प्राधिकरण के सचिव महेंद्र प्रसाद से मोबाइल पर वार्ता करते हुए महायोजना में आई आपत्तियों को स्वीकार करते हुए तथ्यों की जांच करने की मांग की। मांगें पूरी न होने पर एक अप्रैल से प्राधिकरण के शामली कार्यालय पर बेमियादी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
धरने पर मौजूद राजवीर सिहं मुंडेट ने कहा कि सचिव ने कहा कि सोमवार को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक सहारनपुर में व्यस्त थे। दो बजे के लगभग प्राधिकरण के सचिव के आश्वासन पर किसानों का धरना स्थगित हो गया। प्राधिकरण के टंकी रोड प्राधिकरण कार्यालय में धरने के दौरान योगेंद्र पंवार, विनय कुमार भैंसवाल, राजेंद्र पंवार, ब्रजवीर सिंह, विवेक कालखंडे, सुरेंद्र कुमार मान, अजीत सिंह, देशपाल राणा, ओमपाल निर्वाल, विनोद निर्वाल, दीपक चौधरी, विवेक वर्मा, सोहनपाल सिंह लिलौन, बाबू पहलवान, सोनू निर्वाल, विक्रेंद्र निर्वाल, मोहित कुमार मौजूद रहे।
प्राधिकरण के शामली कार्यालय प्रभारी और अवर अभियंता राजीव कुमार त्यागी ने बताया कि उनकी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगी हुई है। इसलिए कार्यालय नहीं जा पा रहे है। किसानों की आपत्तियों और सुझाव के मामले में अधिकारी निर्णय लेंगे।
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दो माह 22 दिन में आईं 207 आपत्तियां
शामली। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से बोर्ड की बैठक करके शामली महायोजना 2031 का प्रकाशन कर दिया गया था। जनवरी के प्रथम सप्ताह में जिले के व्यापारियों, किसानों, उद्यमियों आम नागरिकों से आपत्तियां और सुझाव छह फरवरी तक मांगे गए थे। किसानों दबाव और फरवरी में विधानसभा चुनाव होने के चलते आपत्तियों का छह मार्च से प्राधिकरण ने आपत्तियों को 31 मार्च तक बढ़ा दिया था। 31 मार्च में तीन दिन शेष हैं, अभी तक दो माह 22 दिन में 207 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
ये हैं महायोजना के ड्राफ्ट में आपत्ति
प्रस्तावित महायोजना 2031 ड्राफ्ट अस्पष्ट व अपूर्ण तैयार किया गया है। इसमें शहर में बन रहे सभी बाईपास, मास्टर सड़कों, कार्यालयों, सामुदायिक भवनों को भी दर्शाया नहीं किया गया है। शहर में आए दिन लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए नए रास्तों, सड़कों आदि के संबंध में विचार नहीं किया गया है, जो शहर के नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता है।
नगर पालिका शामली व विकास प्राधिकरण की सीमा दर्शाई गई है, वह भी वास्तविक सीमाओं से भिन्न है। ड्राफ्ट सर्वे शीट पर तैयार किया गया है। पूर्व में कोई सर्वे प्लान उपलब्ध नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि महायोजना ड्राफ्ट भ्रामक है। सामुदायिक स्थल क्षेत्र दर्शित किए गए हैं, उन क्षेत्रों के लिए आवागमन के लिए पर्याप्त सड़कें व रास्ते आदि भी ड्राफ्ट में नहीं दर्शाए गए हैं। करनाल रोड पर नहर पुल के पास बस स्टैंड दर्शाया गया है, जहां 1968 से प्राकृतिक चिकित्सा आश्रम संचालित है।
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धरने पर मौजूद राजवीर सिहं मुंडेट ने कहा कि सचिव ने कहा कि सोमवार को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक सहारनपुर में व्यस्त थे। दो बजे के लगभग प्राधिकरण के सचिव के आश्वासन पर किसानों का धरना स्थगित हो गया। प्राधिकरण के टंकी रोड प्राधिकरण कार्यालय में धरने के दौरान योगेंद्र पंवार, विनय कुमार भैंसवाल, राजेंद्र पंवार, ब्रजवीर सिंह, विवेक कालखंडे, सुरेंद्र कुमार मान, अजीत सिंह, देशपाल राणा, ओमपाल निर्वाल, विनोद निर्वाल, दीपक चौधरी, विवेक वर्मा, सोहनपाल सिंह लिलौन, बाबू पहलवान, सोनू निर्वाल, विक्रेंद्र निर्वाल, मोहित कुमार मौजूद रहे।
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प्राधिकरण के शामली कार्यालय प्रभारी और अवर अभियंता राजीव कुमार त्यागी ने बताया कि उनकी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगी हुई है। इसलिए कार्यालय नहीं जा पा रहे है। किसानों की आपत्तियों और सुझाव के मामले में अधिकारी निर्णय लेंगे।
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दो माह 22 दिन में आईं 207 आपत्तियां
शामली। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से बोर्ड की बैठक करके शामली महायोजना 2031 का प्रकाशन कर दिया गया था। जनवरी के प्रथम सप्ताह में जिले के व्यापारियों, किसानों, उद्यमियों आम नागरिकों से आपत्तियां और सुझाव छह फरवरी तक मांगे गए थे। किसानों दबाव और फरवरी में विधानसभा चुनाव होने के चलते आपत्तियों का छह मार्च से प्राधिकरण ने आपत्तियों को 31 मार्च तक बढ़ा दिया था। 31 मार्च में तीन दिन शेष हैं, अभी तक दो माह 22 दिन में 207 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
ये हैं महायोजना के ड्राफ्ट में आपत्ति
प्रस्तावित महायोजना 2031 ड्राफ्ट अस्पष्ट व अपूर्ण तैयार किया गया है। इसमें शहर में बन रहे सभी बाईपास, मास्टर सड़कों, कार्यालयों, सामुदायिक भवनों को भी दर्शाया नहीं किया गया है। शहर में आए दिन लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए नए रास्तों, सड़कों आदि के संबंध में विचार नहीं किया गया है, जो शहर के नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता है।
नगर पालिका शामली व विकास प्राधिकरण की सीमा दर्शाई गई है, वह भी वास्तविक सीमाओं से भिन्न है। ड्राफ्ट सर्वे शीट पर तैयार किया गया है। पूर्व में कोई सर्वे प्लान उपलब्ध नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि महायोजना ड्राफ्ट भ्रामक है। सामुदायिक स्थल क्षेत्र दर्शित किए गए हैं, उन क्षेत्रों के लिए आवागमन के लिए पर्याप्त सड़कें व रास्ते आदि भी ड्राफ्ट में नहीं दर्शाए गए हैं। करनाल रोड पर नहर पुल के पास बस स्टैंड दर्शाया गया है, जहां 1968 से प्राकृतिक चिकित्सा आश्रम संचालित है।