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Shamli News: बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसानों का धरना, आंदोलन की दी चेतावनी
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शामली। थानाभवन शुगर मिल से बकाया गन्ना भुगतान और ब्याज का हिसाब मांगने के लिए किसानों ने बुधवार को शामली गन्ना सहकारी समिति कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। किसानों का दावा है कि शुगर मिल पर करीब 90 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। वे वर्ष 1996-97 से अब तक के गन्ना भुगतान पर बने ब्याज का पूरा हिसाब उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
परमवीर सिंह शास्त्री के नेतृत्व में किसान समिति कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर बकाया भुगतान के साथ पुराने रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। किसानों का कहना है कि कई वर्षों से यह जानकारी मांगी जा रही है लेकिन उन्हें पूरा रिकॉर्ड नहीं दिया गया। किसानों ने 30 वर्षों के गन्ना भुगतान, ब्याज, शेयरधारकों और गन्ना आवंटन से जुड़े अभिलेखों की जानकारी सामने लाने को कहा। उन्होंने आवंटन रजिस्टर की प्रति और समिति के वित्तीय कामकाज में पारदर्शिता की भी मांग की। किसानों ने रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग रखी। जिला गन्ना अधिकारी रणजीत सिंह कुशवाहा ने किसानों से बातचीत की। हालांकि दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद किसानों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया।
किसान नेता परमवीर सिंह शास्त्री ने कहा कि किसानों को उनके गन्ने के भुगतान और ब्याज का पूरा हिसाब मिलना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि 30 वर्षों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए। किसानों ने बकाया भुगतान के संबंध में ठोस कार्रवाई की मांग की है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
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जिला गन्ना अधिकारी रणजीत सिंह कुशवाहा ने प्रदर्शनकारी किसानों से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच मांगों को लेकर बातचीत हुई। हालांकि इस वार्ता में कोई समाधान नहीं निकल सका। सहमति न बनने के कारण किसानों ने अपना धरना जारी रखने का फैसला किया है। इस माैके पर निखिल खैवाल, कर्मवीर सिंह, अमित मलिक, अरविंद शर्मा, अनिरुद्ध मलिक, अरविंद कुमार, पप्पन, पंकज चौहान, रविंद्र सिंह आदि माैजूद रहे।
-10 से अधिक बार की जा चुकी मांग
शामली। बकाया गन्ना भुगतान और अन्य मांगों को लेकर शामली के किसान आक्रोशित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
किसानों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर दस से अधिक बार जिला गन्ना अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से मिल चुके हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। इस अनदेखी से उनमें गहरा असंतोष व्याप्त है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है।
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परमवीर सिंह शास्त्री के नेतृत्व में किसान समिति कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर बकाया भुगतान के साथ पुराने रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। किसानों का कहना है कि कई वर्षों से यह जानकारी मांगी जा रही है लेकिन उन्हें पूरा रिकॉर्ड नहीं दिया गया। किसानों ने 30 वर्षों के गन्ना भुगतान, ब्याज, शेयरधारकों और गन्ना आवंटन से जुड़े अभिलेखों की जानकारी सामने लाने को कहा। उन्होंने आवंटन रजिस्टर की प्रति और समिति के वित्तीय कामकाज में पारदर्शिता की भी मांग की। किसानों ने रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग रखी। जिला गन्ना अधिकारी रणजीत सिंह कुशवाहा ने किसानों से बातचीत की। हालांकि दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद किसानों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया।
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किसान नेता परमवीर सिंह शास्त्री ने कहा कि किसानों को उनके गन्ने के भुगतान और ब्याज का पूरा हिसाब मिलना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि 30 वर्षों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए। किसानों ने बकाया भुगतान के संबंध में ठोस कार्रवाई की मांग की है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
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जिला गन्ना अधिकारी रणजीत सिंह कुशवाहा ने प्रदर्शनकारी किसानों से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच मांगों को लेकर बातचीत हुई। हालांकि इस वार्ता में कोई समाधान नहीं निकल सका। सहमति न बनने के कारण किसानों ने अपना धरना जारी रखने का फैसला किया है। इस माैके पर निखिल खैवाल, कर्मवीर सिंह, अमित मलिक, अरविंद शर्मा, अनिरुद्ध मलिक, अरविंद कुमार, पप्पन, पंकज चौहान, रविंद्र सिंह आदि माैजूद रहे।
-10 से अधिक बार की जा चुकी मांग
शामली। बकाया गन्ना भुगतान और अन्य मांगों को लेकर शामली के किसान आक्रोशित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
किसानों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर दस से अधिक बार जिला गन्ना अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से मिल चुके हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। इस अनदेखी से उनमें गहरा असंतोष व्याप्त है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है।