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Shamli News: गन्ना भुगतान न होने पर धरने पर बैठे किसान
Fri, 20 Jan 2023 09:07 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 20 Jan 2023 09:07 PM IST
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ऊन बाईपास मार्ग पर धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ता।
- सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड मिल पर लगाया समझौते के अनुसार गन्ना भुगतान न करने का आरोप
- तहसीलदार पहुंचे, किसानों से वार्ता विफल, भुगतान के बाद धरना खत्म करने का एलान
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊन। सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड के समझौते के बाद भी गन्ना भुगतान न करने के विरोध में किसानों ने बाईपास मार्ग पर धरना प्रदर्शन किया। शाम को तहसीलदार धरनारत किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने मिल प्रशासन पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए नवंबर का भुगतान देने की मांग की। लेकिन मिल प्रशासन के भुगतान के बारे में कोई आश्वासन न देने पर किसानों ने धरने को अनिश्चितकालीन करने की घोषणा कर दी।
किसानों ने 10 जनवरी को बाईपास मार्ग पर गन्ना बकाया भुगतान की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। जिसमें सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया ने पहुंचकर 10 दिन का गन्ना भुगतान और शेष भुगतान 16 जनवरी तक करने का आश्वासन दिया था, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। किसानों ने 18 जनवरी को एक बार फिर प्रशासन को ज्ञापन देकर भुगतान की मांग की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। जिसके बाद किसान शुक्रवार को बाईपास मार्ग पर धरने पर बैठ गए।
किसानों ने मिल में जाने वाले गन्ना वाहनों को भी रोक दिया। शाम को किसानों के बीच तहसीलदार सचिन कुमार वर्मा तथा मिल के उप गन्ना महाप्रबंधक बलराज सिंह पहुंचे। किसानों ने मिल प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए बताया कि चार दिन बाद भी मात्र आठ दिन का ही भुगतान मिल ने किया है। जिसे वह स्वीकार नहीं करते। किसानों ने नवंबर का पूरा भुगतान 30 जनवरी तक करने की मांग की। जिस पर मिल प्रशासन ने कोई सहमति नहीं दी तो वार्ता विफल हो गई। किसानों ने अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी और धरनारत किसानों ने सभी किसानों से शनिवार से मिल में गन्ना न डालने की अपील की है। धरना प्रदर्शन में राजवीर सिंह, अशोक कुमार, देवेंद्र कुमार मंत्री, सुमित कुमार, ऋषि पाल, मोनू चिकारा, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र प्रधान, सुरेश कुमार आदि शामिल थे।
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- तहसीलदार पहुंचे, किसानों से वार्ता विफल, भुगतान के बाद धरना खत्म करने का एलान
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊन। सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड के समझौते के बाद भी गन्ना भुगतान न करने के विरोध में किसानों ने बाईपास मार्ग पर धरना प्रदर्शन किया। शाम को तहसीलदार धरनारत किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने मिल प्रशासन पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए नवंबर का भुगतान देने की मांग की। लेकिन मिल प्रशासन के भुगतान के बारे में कोई आश्वासन न देने पर किसानों ने धरने को अनिश्चितकालीन करने की घोषणा कर दी।
किसानों ने 10 जनवरी को बाईपास मार्ग पर गन्ना बकाया भुगतान की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। जिसमें सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया ने पहुंचकर 10 दिन का गन्ना भुगतान और शेष भुगतान 16 जनवरी तक करने का आश्वासन दिया था, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। किसानों ने 18 जनवरी को एक बार फिर प्रशासन को ज्ञापन देकर भुगतान की मांग की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। जिसके बाद किसान शुक्रवार को बाईपास मार्ग पर धरने पर बैठ गए।
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किसानों ने मिल में जाने वाले गन्ना वाहनों को भी रोक दिया। शाम को किसानों के बीच तहसीलदार सचिन कुमार वर्मा तथा मिल के उप गन्ना महाप्रबंधक बलराज सिंह पहुंचे। किसानों ने मिल प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए बताया कि चार दिन बाद भी मात्र आठ दिन का ही भुगतान मिल ने किया है। जिसे वह स्वीकार नहीं करते। किसानों ने नवंबर का पूरा भुगतान 30 जनवरी तक करने की मांग की। जिस पर मिल प्रशासन ने कोई सहमति नहीं दी तो वार्ता विफल हो गई। किसानों ने अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी और धरनारत किसानों ने सभी किसानों से शनिवार से मिल में गन्ना न डालने की अपील की है। धरना प्रदर्शन में राजवीर सिंह, अशोक कुमार, देवेंद्र कुमार मंत्री, सुमित कुमार, ऋषि पाल, मोनू चिकारा, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र प्रधान, सुरेश कुमार आदि शामिल थे।
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