{"_id":"5a43e37a4f1c1bce6d8b67cc","slug":"farmer-lying-on-the-dco-office-in-the-cold-night","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्द रात में डीसीओ दफ्तर पर डटे रहे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्द रात में डीसीओ दफ्तर पर डटे रहे किसान
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
Updated Wed, 27 Dec 2017 11:46 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। कांधला क्षेत्र के किवाना गांव के गन्ना खरीद केंद्र शुरू कराने की मांग को लेकर किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीसीओ को सौंपकर गन्ना खरीद केंद्र खोले जाने की मांग की हैं। मांग पूरी न होने पर रात भर किसान धरने पर ही डटे रहे।
बुधवार को दोपहर दो बजे के किवाना गांव के किसानों ने शामली सहकारी गन्ना समिति कार्यालय में स्थित जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। डीसीओ डॉक्टर अनिल भारती की गैैरमौजूदगी में किसानों ने अवगत कराया कि किवाना गांव में दो गन्ना खरीद केंद्र किवाना ए और बी के नाम से है। किवाना गांव के ए व बी त्रिवेणी शुगर मिल खतौली व बजाज शुगर मिल थानाभवन से स्वीकृत है।
गन्ना खरीद केंद्र जिस गांव के नाम से स्वीकृत है, उसी मजरे में संचालित कराने के आदेश शासन से पारित है। किसानों ने आरोप लगाया कि किवाना बी का संचालन अन्य दूूसरे गांव के मजरे मे संचालित किया जा रहा है। दूसरे गांव मखमूलपुर में किवाना गांव के किसानो का गन्ना नहीं तौलने नहीं दिया जा रहा है।
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किसानों ने किवाना बी गन्ना खरीद केंद्र को किवाना गांव में खोले जाने की मांग की है। धरने पर किसानों में तेजपाल सिंह, कृष्णपाल, देशपाल सिंह, वेदपाल सिंह, अमरपाल सिंह, जगवीर सिंह, विनोद कुमार, बलजोर सिंह, ओमपाल सिह, ओम सिंह, ब्रजपाल सिंह, राजवीर सिंह, सुक्रमपाल, मास्टर महेंद्र सिंह, रमेश, राजपाल, नरेंद्र, इंद्रपाल सिंह, विनोद, प्रीतम सिंह, महावीर सिंह, हरेंद्र,विशाल, रणधीर सिंह सल्फा, हरपाल सिंह मौजूद रहे। उधर, जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने बताया कि किसानों की मांग औचित्यपूर्ण नहीं है। क्योंकि किसानों ने न्यायालय में रिट भी दायर की थी, लेकिन वह भी खारिज हो गई। उन्होंने बताया कि किवाना गांव में दो क्रय केंद्र थे, जिनमें से एक क्रय केंद्र को किसानों की मांग पर ही मखमूलपुर गांव में स्थापित किया गया था, उसमें विभाग का कोई हित नहीं है।
डीसीओ ने समझाया, नहीं माने किसान
शामली। जिला गन्ना अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया, जिससे गरमागरमी हो गई। पुलिस भी मौके पर बुलानी पड़ी, लेकिन किसानों ने धरना समाप्त नहीं किया। इसके चलते देर रात तक भी जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय किसानों के कब्जे में ही रहा। किसानों का कहना है कि मांग पूरी हुए बगैर धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। रात में किसानों ने रजाई और गद्दे मंगा लिए, ताकि रात में धरने के दौरान सर्दी से बचा जा सके। वहीं, पहले तो किसान कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे, लेकिन रात में उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के भीतर ही कब्जा कर लिया।
आपूर्ति सुचारु नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
कांधला। बढ़ती विद्युत कटौती से परेशान ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने पंचायत कर समस्या का समाधान न होने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी है। बुधवार सुबह 10 बजे थाना क्षेत्र के गांव गढ़ीदौलत स्थित मदरसा बदरूल उलूम में ग्रामीणों ने गांव में लगातार विद्युत कटौती की परेशानी से आहत होकर विभाग के खिलाफ पंचायत की।
पंचायत में पूर्व प्रधान मतलूब जंग ने कहा कि पिछले काफी दिनों से लगातार उनके गांव में विद्युत कटौती की जा रही है, जिसके कारण सभी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थी समय से अपनी पढ़ाई नही कर पा रहे हैं तो पशुओं के लिए चारा समय पर नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही अन्य रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी आ रही है।
लगातार अपनी समस्या को लेकर विभाग के लोगों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन मामले में कोई सुनवाई नहीं है। पावर कारपोरेशन के अधिकारी उनकी समस्या सुनने को तैयार नही हैं। इससे ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार आसपास के गांव में 18 घंटे तक विद्युत सप्लाई दी जा रही है, लेकिन उनके गांव के लोगों को 4 घंटे भी बिजली नही मिल पाती है।
पंचायत में निर्णय लिया गया कि गांव से पांच लोगों का एक प्रतिनिधि मंडल मामले में जिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या के समाधान की मांग करेगा । ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर उसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया तो ग्रामीण सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। पंचायत की अध्यक्षता मंजूर हसन व संचालन इरशाद ने किया । इस दौरान वहां पर मुस्तकीम, हम्माद, सरफराज, सरताज, अहसान, आनम, शहजाद आदि लोग मौजूद रहे।
भारतीय किसान संगठन ने किया प्रदर्शन
शामली। भारतीय किसान संगठन ने बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध सहित कई मुद्दों पर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। अपर जिलाधिकारी को छह सूत्री ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें समय पर गन्ना मूल्य भुगतान दिलाने, ट्रैक्टर को एनजीटी के आदेशों से मुक्त कराने आदि मांग की गई। बुधवार को भारतीय किसान संगठन के पदाधिकारी किसानों के साथ कलक्ट्रेट में पहुंचे। जोरदार नारेबाजी के साथ धरना प्रदर्शन किया।
इसके बाद अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह को ज्ञापन देकर बताया कि प्रदेश में बढ़ाई गई बिजली दरें वापस ली जाएं, क्योंकि इससे आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। इसके अलावा एनजीटी के आदेशों से ट्रैक्टर को मुक्त किया जाए, गन्ना मूल्य भुगतान 14 दिन के भीतर कराया जाए तथा बकाया भुगतान पर किसानों को ब्याज दिलाया जाए। साथ ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कराने की मांग भी की गई। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष हाजी अफसर अली, नरेश तोमर, राजू, अजय, कंवरपाल, सुरेंद्र सिंह, अक्षय आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। ब्यूरो
भारतीय किसान संगठन ने नाराजगी जताई
ऊन। भारतीय किसान संगठन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को ऊन तहसील में धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के मंडल अध्यक्ष यशपाल सिंह के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन हुआ, जिसकी अध्यक्षता उग्र सिंह और संचालन सुभाष शर्मा ने किया। इसके बाद एसडीएम विनोद कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर बढ़ी बिजली दरों को वापस लेने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान दिलाने, ट्रैक्टर को एनजीटी के दायरे से बाहर किए जाने आदि मांगे की गई। इस दौरान सत्यपाल प्रधान, रूप सिंह, महताब, विनोद चौधरी, रमेश , नदीम , नीरज राणा, डाक्टर रामपाल ,मोहर सिंह , मांगेराम आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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बुधवार को दोपहर दो बजे के किवाना गांव के किसानों ने शामली सहकारी गन्ना समिति कार्यालय में स्थित जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। डीसीओ डॉक्टर अनिल भारती की गैैरमौजूदगी में किसानों ने अवगत कराया कि किवाना गांव में दो गन्ना खरीद केंद्र किवाना ए और बी के नाम से है। किवाना गांव के ए व बी त्रिवेणी शुगर मिल खतौली व बजाज शुगर मिल थानाभवन से स्वीकृत है।
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गन्ना खरीद केंद्र जिस गांव के नाम से स्वीकृत है, उसी मजरे में संचालित कराने के आदेश शासन से पारित है। किसानों ने आरोप लगाया कि किवाना बी का संचालन अन्य दूूसरे गांव के मजरे मे संचालित किया जा रहा है। दूसरे गांव मखमूलपुर में किवाना गांव के किसानो का गन्ना नहीं तौलने नहीं दिया जा रहा है।
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किसानों ने किवाना बी गन्ना खरीद केंद्र को किवाना गांव में खोले जाने की मांग की है। धरने पर किसानों में तेजपाल सिंह, कृष्णपाल, देशपाल सिंह, वेदपाल सिंह, अमरपाल सिंह, जगवीर सिंह, विनोद कुमार, बलजोर सिंह, ओमपाल सिह, ओम सिंह, ब्रजपाल सिंह, राजवीर सिंह, सुक्रमपाल, मास्टर महेंद्र सिंह, रमेश, राजपाल, नरेंद्र, इंद्रपाल सिंह, विनोद, प्रीतम सिंह, महावीर सिंह, हरेंद्र,विशाल, रणधीर सिंह सल्फा, हरपाल सिंह मौजूद रहे। उधर, जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने बताया कि किसानों की मांग औचित्यपूर्ण नहीं है। क्योंकि किसानों ने न्यायालय में रिट भी दायर की थी, लेकिन वह भी खारिज हो गई। उन्होंने बताया कि किवाना गांव में दो क्रय केंद्र थे, जिनमें से एक क्रय केंद्र को किसानों की मांग पर ही मखमूलपुर गांव में स्थापित किया गया था, उसमें विभाग का कोई हित नहीं है।
डीसीओ ने समझाया, नहीं माने किसान
शामली। जिला गन्ना अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया, जिससे गरमागरमी हो गई। पुलिस भी मौके पर बुलानी पड़ी, लेकिन किसानों ने धरना समाप्त नहीं किया। इसके चलते देर रात तक भी जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय किसानों के कब्जे में ही रहा। किसानों का कहना है कि मांग पूरी हुए बगैर धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। रात में किसानों ने रजाई और गद्दे मंगा लिए, ताकि रात में धरने के दौरान सर्दी से बचा जा सके। वहीं, पहले तो किसान कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे, लेकिन रात में उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के भीतर ही कब्जा कर लिया।
आपूर्ति सुचारु नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
कांधला। बढ़ती विद्युत कटौती से परेशान ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने पंचायत कर समस्या का समाधान न होने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी है। बुधवार सुबह 10 बजे थाना क्षेत्र के गांव गढ़ीदौलत स्थित मदरसा बदरूल उलूम में ग्रामीणों ने गांव में लगातार विद्युत कटौती की परेशानी से आहत होकर विभाग के खिलाफ पंचायत की।
पंचायत में पूर्व प्रधान मतलूब जंग ने कहा कि पिछले काफी दिनों से लगातार उनके गांव में विद्युत कटौती की जा रही है, जिसके कारण सभी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थी समय से अपनी पढ़ाई नही कर पा रहे हैं तो पशुओं के लिए चारा समय पर नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही अन्य रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी आ रही है।
लगातार अपनी समस्या को लेकर विभाग के लोगों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन मामले में कोई सुनवाई नहीं है। पावर कारपोरेशन के अधिकारी उनकी समस्या सुनने को तैयार नही हैं। इससे ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार आसपास के गांव में 18 घंटे तक विद्युत सप्लाई दी जा रही है, लेकिन उनके गांव के लोगों को 4 घंटे भी बिजली नही मिल पाती है।
पंचायत में निर्णय लिया गया कि गांव से पांच लोगों का एक प्रतिनिधि मंडल मामले में जिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या के समाधान की मांग करेगा । ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर उसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया तो ग्रामीण सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। पंचायत की अध्यक्षता मंजूर हसन व संचालन इरशाद ने किया । इस दौरान वहां पर मुस्तकीम, हम्माद, सरफराज, सरताज, अहसान, आनम, शहजाद आदि लोग मौजूद रहे।
भारतीय किसान संगठन ने किया प्रदर्शन
शामली। भारतीय किसान संगठन ने बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध सहित कई मुद्दों पर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। अपर जिलाधिकारी को छह सूत्री ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें समय पर गन्ना मूल्य भुगतान दिलाने, ट्रैक्टर को एनजीटी के आदेशों से मुक्त कराने आदि मांग की गई। बुधवार को भारतीय किसान संगठन के पदाधिकारी किसानों के साथ कलक्ट्रेट में पहुंचे। जोरदार नारेबाजी के साथ धरना प्रदर्शन किया।
इसके बाद अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह को ज्ञापन देकर बताया कि प्रदेश में बढ़ाई गई बिजली दरें वापस ली जाएं, क्योंकि इससे आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। इसके अलावा एनजीटी के आदेशों से ट्रैक्टर को मुक्त किया जाए, गन्ना मूल्य भुगतान 14 दिन के भीतर कराया जाए तथा बकाया भुगतान पर किसानों को ब्याज दिलाया जाए। साथ ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कराने की मांग भी की गई। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष हाजी अफसर अली, नरेश तोमर, राजू, अजय, कंवरपाल, सुरेंद्र सिंह, अक्षय आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। ब्यूरो
भारतीय किसान संगठन ने नाराजगी जताई
ऊन। भारतीय किसान संगठन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को ऊन तहसील में धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के मंडल अध्यक्ष यशपाल सिंह के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन हुआ, जिसकी अध्यक्षता उग्र सिंह और संचालन सुभाष शर्मा ने किया। इसके बाद एसडीएम विनोद कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर बढ़ी बिजली दरों को वापस लेने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान दिलाने, ट्रैक्टर को एनजीटी के दायरे से बाहर किए जाने आदि मांगे की गई। इस दौरान सत्यपाल प्रधान, रूप सिंह, महताब, विनोद चौधरी, रमेश , नदीम , नीरज राणा, डाक्टर रामपाल ,मोहर सिंह , मांगेराम आदि मौजूद रहे। ब्यूरो