बदला ट्रेंड: तस्करी पर रोक लगी तो हथियारों से ज्यादा खपाई जा रही नकली नोटों की खेप, पाकिस्तान से जुड़े तार
यूपी के शामली में नकली नोटों के साथ पकड़े जाने के बाद कई बड़े खुलासे हुए हैं। नेपाल, पाकिस्तान और बिहार के रास्ते नकली नोटों की खेप पहुंच रही है। आलम यह है कि अब हथियारों से ज्यादा नकली नोटों की सप्लाई कमाई का जरिया बन गई है।
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नकली नोटों के साथ इमरान के पकड़े जाने के बाद एक बार फिर से शामली जिला सुर्खियों में हैं। 90 के दशक के बाद से गठरी व्यवसाय के बाद जिले के लोगों ने सोना तस्करी, हथियार, नशीले पदार्थों की सप्लाई को कमाई का जरिया बना लिया था, लेकिन इन तीनों की तस्करी पर पुलिस ओर सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसा तो शामली जिले के गिरोह के सदस्यों ने नकली नोटों को ही कमाई का जरिया बना लिया है। अब हथियारों से ज्यादा नोटों की खेप खपाई जा रही है।
90 के दशक के अंत में सोने की तस्करी बंद हो गई तो भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए पाकिस्तान ने नकली नोटों का सहारा लिया। सोने की तस्करी के बाद वर्ष 1995 के आसपास जिले के लोगों ने पाकिस्तान से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी शुरू कर दी थी।
लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने बार्डर पर हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाया, तो अब जिले के लोगों ने नकली नोटों को ही कमाई का जरिया बना लिया है।
एसटीएफ को आशंका है कि इकबाल काना गैंग के अन्य गिरोह के सदस्यों की मदद से नकली नोट तैयार कर यूपी के अलावा अन्य राज्यों में भेजे जा रहे हैं। या फिर सदस्यों को ट्रेनिंग देकर भारत में ही नकली नोट छापे जा रहे हैं। इसके अलावा एसटीएफ क जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है।
पकड़े गए आरोपी इमरान का चचेरा भाई पंजाब के जालंधर में पंजाब के लारेंस गैंग से जुड़ा हुआ है। वहीं पर हथियारों की तस्करी करता था। अभी भी वह पंजाब से वांछित चल रहा है। इमरान का चचेरा भाई और अन्य सदस्यों की मदद से हरियाणा ओर पंजाब में हथियार सप्लाई कर रहे हैं।
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पाकिस्तान से तो ऑपरेट नहीं हो रहा पूरा गिरोह
इमरान का एक भाई पिछले साल ही बाघा बाॅर्डर पर हथियारों की सप्लाई के मामले में पकड़ा गया था। वर्तमान में वह पाकिस्तान की किसी जेल में ही सजा काट रहा है। एसटीएफ को आशंका है कि पाकिस्तान से ही गिरोह को ऑपरेट किया जा रहा है।
हो सकता है कि इमरान और अन्य फरार आरोपी जेल में बंद आरोपी के संपर्क में हो और नकली नोटों के साथ-साथ हथियारों की भी तस्करी कर रहे हो। पकड़े गए आरोपी इमरान का पिता इकबाल काना गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है। हालांकि, अब उसके पिता की मौत हो चुकी है।
इमरान पर हो चुकी एनएसए की कार्रवाई
एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार ने बताया कि जांच में पता चला है कि पकड़े गए आरोपी इमरान के खिलाफ पूर्व में भी नकली नोटों का मामला दर्ज है। उस पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।