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समान कार्य के लिए समान वेतन चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:03 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। शिक्षामित्रों का अनिश्चितकालीन धरना पांचवें दिन भी बनत बीएसए कार्यालय पर जारी रहा। शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार से अध्यादेश आने तक सभी को समान कार्य के लिए समान वेतन दिलाने की मांग की है।
रविवार को शिक्षामित्रों का बीएसए कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना संगठन के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा और चैनपाल शर्मा के नेतृत्व में जारी रहा। धरनास्थल पर हुई सभा में कांग्रेस के पूर्व विधायक पंकज मलिक ने कहा कि सभी एक साथ मिलकर धरना प्रदर्शन जारी रखा।
उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों की इस दुख की घड़ी में सभी एक साथ मिलकर संघर्ष करने की जरूरत है। शांतिपूर्ण आंदोलन के बल पर कामयाबी हासिल की जा सकती है। शिक्षामित्र अनुज शर्मा ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पिछले 17 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों के साथ प्रदेश सरकार ने अच्छा नहीं किया है।
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आज एक लाख 78 हजार शिक्षकों के बच्चों का भविष्य संकट में पड़ गया है। जिलाध्यक्ष चैनपाल ने प्रदेश सरकार से शिक्षामित्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द अध्यादेश लाकर शिक्षकों का समायोजन बरकरार रखने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अध्यादेश आने तक सभी शिक्षामिक्षों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिलाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र और राज्य सरकार दोनों मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं करती तो संगठन को मजबूरन आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होना पडेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मान सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस दौरान उपकार चौधरी, तनसीफ अहमद, इरफान अहमद, आदेश चौधरी, सपना, उमा, सविता, शारिका, प्रवीन, रेनू, आदि मौजूद रहे।
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रविवार को शिक्षामित्रों का बीएसए कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना संगठन के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा और चैनपाल शर्मा के नेतृत्व में जारी रहा। धरनास्थल पर हुई सभा में कांग्रेस के पूर्व विधायक पंकज मलिक ने कहा कि सभी एक साथ मिलकर धरना प्रदर्शन जारी रखा।
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उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों की इस दुख की घड़ी में सभी एक साथ मिलकर संघर्ष करने की जरूरत है। शांतिपूर्ण आंदोलन के बल पर कामयाबी हासिल की जा सकती है। शिक्षामित्र अनुज शर्मा ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पिछले 17 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों के साथ प्रदेश सरकार ने अच्छा नहीं किया है।
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आज एक लाख 78 हजार शिक्षकों के बच्चों का भविष्य संकट में पड़ गया है। जिलाध्यक्ष चैनपाल ने प्रदेश सरकार से शिक्षामित्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द अध्यादेश लाकर शिक्षकों का समायोजन बरकरार रखने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अध्यादेश आने तक सभी शिक्षामिक्षों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिलाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र और राज्य सरकार दोनों मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं करती तो संगठन को मजबूरन आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होना पडेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मान सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस दौरान उपकार चौधरी, तनसीफ अहमद, इरफान अहमद, आदेश चौधरी, सपना, उमा, सविता, शारिका, प्रवीन, रेनू, आदि मौजूद रहे।