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पार्किंग की जगह तलाशने में ही बीत गया पूरा साल
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शामली कोतवाली में खडे वाहन
- फोटो : SHAMLI
पार्किंग की जगह तलाशने में ही बीत गया पूरा साल
शामली। शहर में पार्किंग न होना बड़ी समस्या है। शहर की आबादी बढ़ी, बाजार बढ़े, शहर देहात से लोगों के आवागमन की संख्या में बढ़ोतरी हुई, लेकिन कई दशक से पार्किंग की समस्या का समाधान नहीं हो सका। हर बार की तरह साल 2019 भी बीत गया, लेकिन शहर में पार्किंग की सुविधा नहीं मिल सकी। पूरा साल प्रशासन इसके लिए जमीन तलाशने में ही लगा दिया।
शहर में पार्किंग न होने से लोगों को अपने वाहन सड़क किनारे या बाजार में दुकानों के बाहर सड़क पर ही खड़े करने को मजबूर होना पड़ता है। इससे जहां लोगों को वाहन चोरी होने का डर रहता है, वहीं जाम की समस्या से भी जूझना पड़ता है। शामली को जनपद बनने के आठ साल बाद भी यह सुविधा नहीं मिल सकी। लोगों को हर बार उम्मीद रहती है कि इस साल तो पार्किंग की सुविधा मिल जाएगी, लेकिन हर बार की तरह साल 2019 भी बीत गया, लेकिन पार्किंग का सपना पूरा नहीं नहीं हो सका।
हनुमान रोड बैंक के बाहर वाहनों की भीड़
शहर के बीच में मुख्य मार्ग हनुमान रोड पर एसबीआई और ओबीसी दो बैंक हैं। इन बैंकों में बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को अपने दुपहिया और चार पहिया वाहन बैंक के बाहर खड़े करने पड़ते हैं। वाहनों की भीड़ सड़क तक आ जाती है। इस मार्ग पर दुपहिया, चार पहिया और बसों के साथ गन्ना वाहन भी गुजरते हैं। नतीजतन अक्सर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार तो वाहनों के भिड़ने से लोगों के बीच कहासुनी और मारपीट तक की नौबत आ जाती है।
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वर्मा मार्केट में दुपहिया वाहनों की लाइन
वर्मा मार्केट में कई बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम का कार्यालय और मोबाइल की दुकानें है। इस मार्केट में भी लोगों का बड़ी संख्या में आवागमन होता है। सभी लोग दुपहिया वाहन मार्केट में दुकानों के बाहर सड़क पर खड़ा करते हैं, जिससे यहां पर पैदल निकलना भी मुश्किल रहता है।
कोतवाली परिसर बना पार्किंग स्थल
शहर के नेहरू मार्केट, मिल रोड, अस्पताल रोड समेत आसपास के बाजार में जाने वाले लोगों को अपने वाहन खड़े करने के लिए कोई स्थान नहीं है। दुपहिया वाहन तो बाजार में ले जाते हैं, लेकिन चार पहिया वाहनों को खड़े करने के लिए कोई जगह नहीं है। मजबूरी में लोग चार पहिया वाहनों को कोतवाली परिसर मेें खड़े करते हैं। वहां पर जब पुलिस का मन आता है तो वाहनों को वहां से हटवा देती है और कभी मन आया तो घुसने नहीं देती। नतीजतन लोगों को सड़क पर ही वाहन खड़े करने पड़ते हैं। इसके अलावा गांधी चौक, बड़ा बाजार, कबाड़ी बाजार, दिल्ली रोड, बस अड्डा समेत प्रमुख स्थान है, जहां पर पार्किंग की जरूरत है, लेकिन लोगों को यह सुविधा नहीं मिल रही है।
साल 2020 से उम्मीदें
नए साल 2020 में शहर में नगरपालिका द्वारा पार्किंग के लिए भूमि का चयन कर लिया जाएगा। भूमि का चयन होने के बाद शहर में पार्किंग का निर्माण होने पर लोगों को यह सुविधा मिल जाएगी।
कोट
शहर में पार्किंग न होने की समस्या है, लेकिन शहर में अभी तक कोई ऐसी जगह नहीं मिली, जहां पर पार्किंग बनाई जाए। पार्किंग के लिए जगह की तलाश की जा रही है। जगह मिलते ही लोगों को पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
-सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका शामली।
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शामली। शहर में पार्किंग न होना बड़ी समस्या है। शहर की आबादी बढ़ी, बाजार बढ़े, शहर देहात से लोगों के आवागमन की संख्या में बढ़ोतरी हुई, लेकिन कई दशक से पार्किंग की समस्या का समाधान नहीं हो सका। हर बार की तरह साल 2019 भी बीत गया, लेकिन शहर में पार्किंग की सुविधा नहीं मिल सकी। पूरा साल प्रशासन इसके लिए जमीन तलाशने में ही लगा दिया।
शहर में पार्किंग न होने से लोगों को अपने वाहन सड़क किनारे या बाजार में दुकानों के बाहर सड़क पर ही खड़े करने को मजबूर होना पड़ता है। इससे जहां लोगों को वाहन चोरी होने का डर रहता है, वहीं जाम की समस्या से भी जूझना पड़ता है। शामली को जनपद बनने के आठ साल बाद भी यह सुविधा नहीं मिल सकी। लोगों को हर बार उम्मीद रहती है कि इस साल तो पार्किंग की सुविधा मिल जाएगी, लेकिन हर बार की तरह साल 2019 भी बीत गया, लेकिन पार्किंग का सपना पूरा नहीं नहीं हो सका।
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हनुमान रोड बैंक के बाहर वाहनों की भीड़
शहर के बीच में मुख्य मार्ग हनुमान रोड पर एसबीआई और ओबीसी दो बैंक हैं। इन बैंकों में बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को अपने दुपहिया और चार पहिया वाहन बैंक के बाहर खड़े करने पड़ते हैं। वाहनों की भीड़ सड़क तक आ जाती है। इस मार्ग पर दुपहिया, चार पहिया और बसों के साथ गन्ना वाहन भी गुजरते हैं। नतीजतन अक्सर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार तो वाहनों के भिड़ने से लोगों के बीच कहासुनी और मारपीट तक की नौबत आ जाती है।
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वर्मा मार्केट में दुपहिया वाहनों की लाइन
वर्मा मार्केट में कई बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम का कार्यालय और मोबाइल की दुकानें है। इस मार्केट में भी लोगों का बड़ी संख्या में आवागमन होता है। सभी लोग दुपहिया वाहन मार्केट में दुकानों के बाहर सड़क पर खड़ा करते हैं, जिससे यहां पर पैदल निकलना भी मुश्किल रहता है।
कोतवाली परिसर बना पार्किंग स्थल
शहर के नेहरू मार्केट, मिल रोड, अस्पताल रोड समेत आसपास के बाजार में जाने वाले लोगों को अपने वाहन खड़े करने के लिए कोई स्थान नहीं है। दुपहिया वाहन तो बाजार में ले जाते हैं, लेकिन चार पहिया वाहनों को खड़े करने के लिए कोई जगह नहीं है। मजबूरी में लोग चार पहिया वाहनों को कोतवाली परिसर मेें खड़े करते हैं। वहां पर जब पुलिस का मन आता है तो वाहनों को वहां से हटवा देती है और कभी मन आया तो घुसने नहीं देती। नतीजतन लोगों को सड़क पर ही वाहन खड़े करने पड़ते हैं। इसके अलावा गांधी चौक, बड़ा बाजार, कबाड़ी बाजार, दिल्ली रोड, बस अड्डा समेत प्रमुख स्थान है, जहां पर पार्किंग की जरूरत है, लेकिन लोगों को यह सुविधा नहीं मिल रही है।
साल 2020 से उम्मीदें
नए साल 2020 में शहर में नगरपालिका द्वारा पार्किंग के लिए भूमि का चयन कर लिया जाएगा। भूमि का चयन होने के बाद शहर में पार्किंग का निर्माण होने पर लोगों को यह सुविधा मिल जाएगी।
कोट
शहर में पार्किंग न होने की समस्या है, लेकिन शहर में अभी तक कोई ऐसी जगह नहीं मिली, जहां पर पार्किंग बनाई जाए। पार्किंग के लिए जगह की तलाश की जा रही है। जगह मिलते ही लोगों को पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
-सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका शामली।

शामली वर्मा मार्किट में बाइको से लगा जाम- फोटो : SHAMLI

शामली वर्मा मार्किट में बाइको से लगा जाम- फोटो : SHAMLI