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Shamli News: डिजिटल मीटर में भी छेद कर बिजली चोरी, 200 मीटरों में मिली छेड़छाड़

Tue, 23 Jun 2026 12:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Tue, 23 Jun 2026 12:59 AM IST
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Electricity theft by drilling holes in digital meters; tampering found in 200 meters.
शामली। बिजली चोरी रोकने के लिए ऊर्जा निगम ने जहां स्मार्ट मीटर लगाने पर जोर दिया है, वहीं बिजली चोर भी तकनीक के साथ कदमताल करते हुए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं।
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जिले में डिजिटल मीटरों में छेड़छाड़ के चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। मीटरों में बारीक छेद कर सर्किट लगाने, मीटर को बायपास करने और रीडिंग कम दिखाने के लिए तकनीकी हस्तक्षेप जैसे तरीके अपनाकर बिजली चोरी की जा रही है। ऊर्जा निगम के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले पांच माह यानी जनवरी से मई माह में जिले भर से 900 मीटर जांच के लिए निगम की लैब में भेजे गए। इनमें से 200 मीटरों में छेड़छाड़ की पुष्टि हुई, जबकि 700 मीटर सही पाए गए। इसके अलावा करीब 100 मीटर ऐसे मिले जिनमें तकनीकी गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधियों के चलते विस्तृत जांच करानी पड़ी।
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लैब जांच में सामने आया कि कुछ उपभोक्ताओं ने मीटर की रीडिंग कम करने के लिए उसमें इलेक्ट्रॉनिक सर्किट लगाए। कई मामलों में मीटर को पूरी तरह बायपास कर सीधे लाइन से बिजली का उपयोग किया गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कई मीटरों की पिछली बॉडी को इतनी सफाई से काटा गया कि बाहरी निरीक्षण में छेड़छाड़ का पता तक नहीं चल सका। जांच के दौरान ही ऐसे मामलों का खुलासा हुआ।
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ऊर्जा निगम अधिकारियों के अनुसार डिजिटल मीटरों में छेड़छाड़ के मामले हर माह सामने आ रहे हैं। नियमित जांच अभियान और लैब परीक्षण में टैम्पर्ड मीटर पकड़े जा रहे हैं। ऐसे मामलों में विभाग बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज करने के साथ आर्थिक दंड भी वसूल रहा है।
यह होते हैं टैम्पर्ड मीटर
टैम्पर्ड मीटर ऐसे बिजली मीटर होते हैं जिनमें जानबूझकर छेड़छाड़ की गई हो ताकि वास्तविक बिजली खपत कम दर्ज हो।

पांच हजार मीटर अब भी खराब
जिले में खराब मीटरों की समस्या भी बरकरार है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में करीब पांच हजार बिजली मीटर खराब पड़े हैं। इनमें तीन हजार मीटर शहरी क्षेत्रों और दो हजार मीटर ग्रामीण इलाकों में हैं। विभाग इन्हें बदलने का अभियान चला रहा है। जब तक मीटर बदले नहीं जाते, तब तक उपभोक्ताओं को औसत खपत के आधार पर बिल जारी किए जा रहे हैं।


फैक्ट फाइल
जिले में लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर 1.10 लाख
उपभोक्ताओं की संख्या 2.52 लाख

जांच के लिए भेजे गए मीटरों में यदि छेड़छाड़ पाई जाती है तो संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ बिजली चोरी का केस दर्ज किया जाता है। नियमानुसार रिकवरी और जुर्माना वसूला जाता है तथा राशि जमा होने के बाद ही री-कनेक्शन किया जाता है।
— वीरेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम
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