फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Elders sitting on a gradual fast

क्रमिक अनशन पर बैठे बुजुर्ग

Thu, 02 Dec 2021 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 12:21 AM IST
विज्ञापन
Elders sitting on a gradual fast
शामली सुभाष चौक पर अपनी मांगो को लेकर धरने पर बैठे वरिष्ट नागरिक सेवा समिति के लोग - फोटो : SHAMLI
क्रमिक अनशन पर बैठे बुजुर्ग
विज्ञापन

शामली। वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग को लेकर शहर के वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति की ओर से सुभाष चौक पर बेमियादी रुप से क्रमिक अनशन शुुरू कर दिया। चेतावनी दी कि उनकी मांगें पूरी न होने तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
बुधवार को शहर के सुभाष चौक पर सुबह दस बजे शहर के वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति की ओर से वरिष्ठ नागरिकों ने क्रमिक अनशन शुरू किया। पहले दिन क्रमिक अनशन पर वरिष्ठ नागरिक श्यामलाल शर्मा, महीपाल शर्मा, रामदेव शर्मा, विश्वनाथ शास्त्री, सतपाल सिंह आर्य, हरपाल सिंह, जियालाल, चमनलाल अरोरा, अशोक वशिष्ठ, विनोद अत्री, अरुण जैन, निरंजन सिंह व श्रीनिवास शर्मा सहित 13 वरिष्ठ नागरिक बैठे। उन्होंने सरकार से तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन में वृद्धि की मांग की है। बताया कि 24 नवंबर को सुभाष चौक पर ही धरना देकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी शामली को सौंपा था।
विज्ञापन

ज्ञापन में दिल्ली तथा हरियाणा आदि समीपवर्ती प्रदेशों में वृद्धावस्था व विधवा पेंशन 2500 रुपये प्रतिमाह मिलने का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश शासन से 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन जाने की मांग की गई थी तथा मांगें न माने जाने पर बेमियादी रुप से भूख हड़ताल की चेतावनी दी। मौके पर समिति के अध्यक्ष रमेशचंद विश्वकर्मा, सत्यप्रकाश अग्रवाल, देवेंद्र देव आचार्य, हरीश चंद अत्री, सुभाष चंद शर्मा, सुरेंद्र सरोहा, राजपाल सिंह पांचाल, पद्म सिंह, डॉ. ओमपाल सिंह, संतोष, अंगूरी देवी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed