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Shamli News: खाली पिंजरे से खूंखार तेंदुए को पकड़ने की कवायद
Tue, 11 Jun 2024 03:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 11 Jun 2024 03:54 AM IST
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कैराना के मंडावर में तेंदुए को पकडने के लिए मंगाया गया पिंजरा-संवाद
शामली। बिजनौर के बाद तेंदुए ने शामली का रुख कर लिया है। करीब आठ माह से कई गांवों में तेंदुए का आतंक पसरा हुआ है। उदपुर, युसुफपुर चौतरा और मंडावर गांव में तेंदुआ लगातार दिखाई दे रहा है। मंडावर में रविवार की रात तेंदुए एक बच्ची को मार चुका है। मगर वन विभाग के अधिकारी तेंदुए को पकड़ने में पूरी तरह से नाकाम है। वनाधिकारी खाली पिंजरे में तेंदुए को पकड़ने की कवायद में जुटे हुए है। जबकि दहशत के कारण तीनों गांवों में दो दिन से तो ग्रामीणों ने जहां घर से निकलना ही बंद कर रखा है, वहीं बच्चों ने खेलना छोड़ दिया है।
मंडावर गांव, समय- दोपहर 1 बजे
यहां पर रविवार को ही चार साल की बच्ची अंशा उर्फ इंशा को तेंदुए ने नोचकर मार डाला। बच्ची की मौत के बाद गांव में दहशत है। साजिद, मनोज,, आमिर ने बताया कि लोगों ने खेतों में जाना ही छोड़ दिया है। अगर कुछ जा भी रहे हैं तो लाठी डंडों से लैस होकर टोली बनाकर जा रहे हैं। कहते हैं कि रात में यदि कुत्ता भी बाहर से निकलता है तो ऐसा लगता है कि तेंदुआ आ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा तो ले आई है मगर पिंजरे को गांव के बीच में रखा गया है। हैरत की बात है कि दो दिन बीतने के बाद भी पिंजरे में बकरी तक को नहीं बांधा गया। अब बिना चारा डाले तेंदुआ कैसे आएगा।
युसुफपुर चौतरा गांव, समय- 12 बजे
पिछले चार दिनों से ग्रामीणों द्वारा लगातार तेंदुआ देखे जाने की बात कहीं जा रही है। जिसके कारण ग्रामीण दहशत में है। ग्रामीण रामबीर, अनुज और समीर ने बताया कि दहशत के कारण बच्चों ने गलियों और मैदान में खेलना छोड़ दिया है। वन विभाग की टीम सिवाय खानापूर्ति के कुछ नहीं कर रही। महिलाएं भी दहशत में है।
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उदपुर गांव, समय- सुबह 11 बजे
यहां पर भी तीन दिन तक लगातार तेंदुए देखा गया। ग्रामीणों ने बताया कि सूचना पर वन विभाग की टीम तो मौके पर पहुंची थी मगर खानापूर्ति करके लौट गई। ग्रामीण खेतों में जाने से भी हिचक रहे हैं।
पकड़ने के बजाए गांव में रखा है पिंजरा, बकरी तक का पता नहीं
सुन्ना में तेंदुआ का रेस्क्यू किया था
जिले में पिछले आठ माह से लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। कांधला के सुन्ना क्षेत्र में जनवरी में वन विभाग की टीम ने तेंदुए को रेस्क्यू किया मगर इसके बाद कोई भी तेंदुए पकड़ में नहीं आ सका है।
जिले में इन स्थानों पर दिखाई दे चुके तेंदुए
: 11 दिसंबर को भैंसवाल गांव में तेंदुआ देखा गया
: 1 जून को कांधला में तेंदुआ देखा गया
: 2 जून को कांधला क्षेत्र के सुन्ना गांव में तेंंदुआ देखा गया
: 27 जनवरी को सुन्ना गांव में ग्रामीणों की मदद से वन विभाग की टीम ने तेंदुए को रेस्क्यू किया था।
14 फरवरी को भनेड़ा गांव में पेड़ पर मादा तेंदुए का शव लटका मिला था।
तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 15 लोगों की टीमें लगी है। जल्द ही पिंजरे को लगाया जाएगा। अभी तक तेंदुए के मिलने के बारे में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।
जयदेव सिंह, डीएफओ, वन विभाग, शामली
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मंडावर गांव, समय- दोपहर 1 बजे
यहां पर रविवार को ही चार साल की बच्ची अंशा उर्फ इंशा को तेंदुए ने नोचकर मार डाला। बच्ची की मौत के बाद गांव में दहशत है। साजिद, मनोज,, आमिर ने बताया कि लोगों ने खेतों में जाना ही छोड़ दिया है। अगर कुछ जा भी रहे हैं तो लाठी डंडों से लैस होकर टोली बनाकर जा रहे हैं। कहते हैं कि रात में यदि कुत्ता भी बाहर से निकलता है तो ऐसा लगता है कि तेंदुआ आ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा तो ले आई है मगर पिंजरे को गांव के बीच में रखा गया है। हैरत की बात है कि दो दिन बीतने के बाद भी पिंजरे में बकरी तक को नहीं बांधा गया। अब बिना चारा डाले तेंदुआ कैसे आएगा।
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युसुफपुर चौतरा गांव, समय- 12 बजे
पिछले चार दिनों से ग्रामीणों द्वारा लगातार तेंदुआ देखे जाने की बात कहीं जा रही है। जिसके कारण ग्रामीण दहशत में है। ग्रामीण रामबीर, अनुज और समीर ने बताया कि दहशत के कारण बच्चों ने गलियों और मैदान में खेलना छोड़ दिया है। वन विभाग की टीम सिवाय खानापूर्ति के कुछ नहीं कर रही। महिलाएं भी दहशत में है।
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उदपुर गांव, समय- सुबह 11 बजे
यहां पर भी तीन दिन तक लगातार तेंदुए देखा गया। ग्रामीणों ने बताया कि सूचना पर वन विभाग की टीम तो मौके पर पहुंची थी मगर खानापूर्ति करके लौट गई। ग्रामीण खेतों में जाने से भी हिचक रहे हैं।
पकड़ने के बजाए गांव में रखा है पिंजरा, बकरी तक का पता नहीं
सुन्ना में तेंदुआ का रेस्क्यू किया था
जिले में पिछले आठ माह से लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। कांधला के सुन्ना क्षेत्र में जनवरी में वन विभाग की टीम ने तेंदुए को रेस्क्यू किया मगर इसके बाद कोई भी तेंदुए पकड़ में नहीं आ सका है।
जिले में इन स्थानों पर दिखाई दे चुके तेंदुए
: 11 दिसंबर को भैंसवाल गांव में तेंदुआ देखा गया
: 1 जून को कांधला में तेंदुआ देखा गया
: 2 जून को कांधला क्षेत्र के सुन्ना गांव में तेंंदुआ देखा गया
: 27 जनवरी को सुन्ना गांव में ग्रामीणों की मदद से वन विभाग की टीम ने तेंदुए को रेस्क्यू किया था।
14 फरवरी को भनेड़ा गांव में पेड़ पर मादा तेंदुए का शव लटका मिला था।
तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 15 लोगों की टीमें लगी है। जल्द ही पिंजरे को लगाया जाएगा। अभी तक तेंदुए के मिलने के बारे में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।
जयदेव सिंह, डीएफओ, वन विभाग, शामली