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Shamli News: ईसीजी की सुविधा उपलब्ध, न फिजिशियन और न हृदय रोग विशेषज्ञ
Tue, 09 Jan 2024 12:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 09 Jan 2024 12:17 AM IST
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शामली। जिला अस्पताल में मरीजों के लिए ईसीजी की जांच की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन उपचार के लिए न फिजिशियन है और न ही हृदय रोग विशेषज्ञ। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण दिल व श्वास के मरीजों को प्राइवेट में महंगा उपचार कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ठंड के मौसम में हृदय रोग और श्वास संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन जिला अस्पताल में इन मरीजों के उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल में ईसीजी की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन मरीजों के उपचार के लिए चिकित्सक उपलब्ध नहीं है। जिला अस्पताल में फिजिशियन का पद सृजित है, लेकिन अभी तक किसी फिजिशियन की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इसके अलावा हृदय रोग विशेषज्ञ भी नहीं है। इस वजह से श्वास और दिल के रोगियों को प्राइवेट में महंगा उपचार कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। सीएमएस डॉ. अंजू जोधा ने बताया कि फिजिशियन का पद रिक्त चल रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञ का पद जिला अस्पताल में सृजित नहीं है। रिक्त पदों पर चिकित्सकाें की नियुक्ति के लिए शासन को कई बार पत्राचार किया गया है।
10 से 15 लोगों की रोज होती है ईसीजी
जिला अस्पताल में ईसीजी जांच की सुविधा मरीजों को दी जा रही है। ओपीडी में चिकित्सक मरीज के लक्षण के आधार पर ईसीजी जांच के लिए लिख देते हैं। अगर जांच रिपोर्ट में कोई गंभीर स्थिति आती है तो उस मरीज को मेरठ या दूसरे शहरों में उपचार कराने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा जिन लोगाें को शस्त्र लाइसेंस बनवाने या अन्य कार्य के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए ईसीजी की रिपोर्ट जरूरी होती है, उन लोगों की ईसीजी हो रही है। ज्यादातर ईसीजी जांच मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने वालाें की ही हो रही है।
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ठंड में नजला, जुकाम व खांसी के बढ़े मरीज
शामली। ठंड का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ठंड के कारण अस्पतालों में नजला, जुकाम, खांसी व बुखार के मरीजाें की संख्या ज्यादा है। सोमवार को जिला अस्पताल में करीब 700 मरीज आए। इनमें ज्यादातर मरीज सर्दी की वजह से बीमार होने वाले ज्यादा थे। चिकित्सक अशोक कुमार ने बताया कि इस समय ओपीडी में ठंड के मौसम की वजह से बीमार होने वाले मरीज ज्यादा आ रहे हैं। ज्यादातर मरीज नजला, जुकाम, खांसी और बुखार के ही आ रहे हैं। बच्चों में नजला, खांसी के साथ निमोनिया के केस भी आ रहे हैं। सभी मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
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ठंड के मौसम में हृदय रोग और श्वास संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन जिला अस्पताल में इन मरीजों के उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल में ईसीजी की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन मरीजों के उपचार के लिए चिकित्सक उपलब्ध नहीं है। जिला अस्पताल में फिजिशियन का पद सृजित है, लेकिन अभी तक किसी फिजिशियन की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इसके अलावा हृदय रोग विशेषज्ञ भी नहीं है। इस वजह से श्वास और दिल के रोगियों को प्राइवेट में महंगा उपचार कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। सीएमएस डॉ. अंजू जोधा ने बताया कि फिजिशियन का पद रिक्त चल रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञ का पद जिला अस्पताल में सृजित नहीं है। रिक्त पदों पर चिकित्सकाें की नियुक्ति के लिए शासन को कई बार पत्राचार किया गया है।
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10 से 15 लोगों की रोज होती है ईसीजी
जिला अस्पताल में ईसीजी जांच की सुविधा मरीजों को दी जा रही है। ओपीडी में चिकित्सक मरीज के लक्षण के आधार पर ईसीजी जांच के लिए लिख देते हैं। अगर जांच रिपोर्ट में कोई गंभीर स्थिति आती है तो उस मरीज को मेरठ या दूसरे शहरों में उपचार कराने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा जिन लोगाें को शस्त्र लाइसेंस बनवाने या अन्य कार्य के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए ईसीजी की रिपोर्ट जरूरी होती है, उन लोगों की ईसीजी हो रही है। ज्यादातर ईसीजी जांच मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने वालाें की ही हो रही है।
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ठंड में नजला, जुकाम व खांसी के बढ़े मरीज
शामली। ठंड का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ठंड के कारण अस्पतालों में नजला, जुकाम, खांसी व बुखार के मरीजाें की संख्या ज्यादा है। सोमवार को जिला अस्पताल में करीब 700 मरीज आए। इनमें ज्यादातर मरीज सर्दी की वजह से बीमार होने वाले ज्यादा थे। चिकित्सक अशोक कुमार ने बताया कि इस समय ओपीडी में ठंड के मौसम की वजह से बीमार होने वाले मरीज ज्यादा आ रहे हैं। ज्यादातर मरीज नजला, जुकाम, खांसी और बुखार के ही आ रहे हैं। बच्चों में नजला, खांसी के साथ निमोनिया के केस भी आ रहे हैं। सभी मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई जा रही है।