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दवा खाते ही विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ी
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:32 AM IST
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health
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली/कांधला। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर एलबेंडाजोल की गोली खाने से जिले में 47 विद्यार्थियों की सेहत बिगड़ गई। कांधला क्षेत्र के गांव किवाना स्थित आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज में एलबेंडाजॉल की गोली खाने से 40 छात्राएं और शामली के सत्यनारायण इंटर कॉलेज में सात छात्र बीमार पड़ गए। छात्र-छात्राओं का अस्पताल में उपचार कराया गया।
बृहस्पतिवार की सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एएनएम और आंगनबाड़ी की टीम राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर कांधला क्षेत्र के गांव किवाना स्थित आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज में एलबेंडाजॉकी गोलियां खिलाने पहुंची। एएनएम मिथलेश ने बताया कि पेट के कीडे़ मारने के लिए छात्राओं को गोलियां खिलाई गई।
विद्यालय के प्रधान लिपिक कंवरपाल शर्मा ने बताया कि दवाई देने के कुछ समय बाद ही छात्राओं की तबीयत खराब होने लगी। छात्राओं को उल्टी, चक्कर, पेट और सिर दर्द होने लगा।
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आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर छात्राओं को कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। छात्राओं में कक्षा नौ की फरमाना, कक्षा दस की शाईन, कक्षा नौ की अल्का, अरुणा, बेबी, शालूू, रेखा, कुसुम, प्रीति, नीशू सहित 40 छात्राओं का उपचार कराया गया। इसके बाद छात्राओं के परिवारीजनों को सूचना दी गई।
उधर, छात्राओं के परिजनों के अस्पताल पहुंचने पर हंगामा हो गया। छात्राओं के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर बच्चों के सेहत से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
तीन छात्राओं को गंभीर हालत के चलते भर्ती कर लिया गया, बाकी छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। चिकित्सा केंद्र प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि कॉलेज में 868 छात्राओं को गोलियां खिलाई गई थीं। यह दवाई खाली पेट नहीं दी जाती है। उधर, शामली के सत्यनारायण इंटर कॉलेज में भी एलबेंडाजॉल खाने से छात्र रितिक, अनमोल, वाशु, कन्हैया, निर्देश, चेतन और शिवम की हालत बिगड़ गई। उक्त छात्रों को उल्टी लगने, पेट दर्द और सिर दर्द की शिकायत करने लगे।
इसके बाद छात्रों को शामली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार कराया गया। स्वास्थ्य में लाभ होने पर छात्रों को घर भेज दिया गया। उधर, डीएम ने कहा कि जिलेभर के स्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चों को एलबेंडाजॉल गोली खिलाई गई। दवा में किसी तरह की दिक्कत नहीं थी। किवाना स्थित स्कूल में कुछ छात्राओं को पेट दर्द की शिकायत हुई, उन्हें उपचार दिला दिया गया।
खाली पेट नहीं खानी चाहिए एलबेंडाजॉल
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉक्टर सुशील कुमार के मुताबिक कृमि मुक्ति के लिए दी जाने वाली एलबेंडाजोल खिलाने के दौरान कुछ सावधानी बरतनी भी जरूरी हैं। खाली पेट दवा नहीं खानी चाहिए। गोली चबाकर खानी चाहिए।
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बृहस्पतिवार की सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एएनएम और आंगनबाड़ी की टीम राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर कांधला क्षेत्र के गांव किवाना स्थित आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज में एलबेंडाजॉकी गोलियां खिलाने पहुंची। एएनएम मिथलेश ने बताया कि पेट के कीडे़ मारने के लिए छात्राओं को गोलियां खिलाई गई।
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विद्यालय के प्रधान लिपिक कंवरपाल शर्मा ने बताया कि दवाई देने के कुछ समय बाद ही छात्राओं की तबीयत खराब होने लगी। छात्राओं को उल्टी, चक्कर, पेट और सिर दर्द होने लगा।
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आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर छात्राओं को कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। छात्राओं में कक्षा नौ की फरमाना, कक्षा दस की शाईन, कक्षा नौ की अल्का, अरुणा, बेबी, शालूू, रेखा, कुसुम, प्रीति, नीशू सहित 40 छात्राओं का उपचार कराया गया। इसके बाद छात्राओं के परिवारीजनों को सूचना दी गई।
उधर, छात्राओं के परिजनों के अस्पताल पहुंचने पर हंगामा हो गया। छात्राओं के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर बच्चों के सेहत से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
तीन छात्राओं को गंभीर हालत के चलते भर्ती कर लिया गया, बाकी छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। चिकित्सा केंद्र प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि कॉलेज में 868 छात्राओं को गोलियां खिलाई गई थीं। यह दवाई खाली पेट नहीं दी जाती है। उधर, शामली के सत्यनारायण इंटर कॉलेज में भी एलबेंडाजॉल खाने से छात्र रितिक, अनमोल, वाशु, कन्हैया, निर्देश, चेतन और शिवम की हालत बिगड़ गई। उक्त छात्रों को उल्टी लगने, पेट दर्द और सिर दर्द की शिकायत करने लगे।
इसके बाद छात्रों को शामली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार कराया गया। स्वास्थ्य में लाभ होने पर छात्रों को घर भेज दिया गया। उधर, डीएम ने कहा कि जिलेभर के स्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चों को एलबेंडाजॉल गोली खिलाई गई। दवा में किसी तरह की दिक्कत नहीं थी। किवाना स्थित स्कूल में कुछ छात्राओं को पेट दर्द की शिकायत हुई, उन्हें उपचार दिला दिया गया।
खाली पेट नहीं खानी चाहिए एलबेंडाजॉल
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉक्टर सुशील कुमार के मुताबिक कृमि मुक्ति के लिए दी जाने वाली एलबेंडाजोल खिलाने के दौरान कुछ सावधानी बरतनी भी जरूरी हैं। खाली पेट दवा नहीं खानी चाहिए। गोली चबाकर खानी चाहिए।