{"_id":"60f8600f8ebc3e6a5953cf6f","slug":"dpr-of-ambala-shamli-expressway-will-take-two-years-shamli-news-mrt5484190157","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंबाला-शामली एक्सप्रेस-वे की डीपीआर में लगेंगे दो साल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंबाला-शामली एक्सप्रेस-वे की डीपीआर में लगेंगे दो साल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। अंबाला-शामली इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे को थानाभवन क्षेत्र के भैसानी इस्लामपुर और हसनपुर लुहारी के पास दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। देहरादून कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जबकि अंबाला-शामली कॉरिडोर की (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) डीपीआर तैयार होने में दो साल लगेंगे। जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया के लिए सक्षम अधिकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार को नामित किया गया है।
भारत माला परियोजना के तहत हरियाणा के अंबाला और वेस्ट यूपी के सहारनपुर को जोड़ते हुए शामली जिले तक छह लेन का इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित है। 110 किमी लंबे इस एक्सप्रेस-वे को शामली जिले मेें थानाभवन के पास दिल्ली-शामली सहारनपुर हाईवे को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही भैसानी इस्लामपुर और हसनपुर लुहारी गांव के पास दिल्ली-देहारादून इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे से भी यह जुड़ेगा। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जबकि अंबाला-शामली इकनामिक कॉरिडोर की डीपीआर बनाने का कार्य अंबाला डिविजन की पीआईयू को सौंपा गया है। अंबाला डिविजन की पीआईयू के उप प्रबंधक रविंद्र दलाल ने बताया कि अंबाला-शामली नए इकनॉमिक कॉरिडोर की डीपीआर तैयार होने में दो साल लगेंगे। इसकी तीन-ए की अधिसूचना का प्रकाशन होने में भी काफी समय लगेगा।
विज्ञापन
भारत माला परियोजना के तहत हरियाणा के अंबाला और वेस्ट यूपी के सहारनपुर को जोड़ते हुए शामली जिले तक छह लेन का इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित है। 110 किमी लंबे इस एक्सप्रेस-वे को शामली जिले मेें थानाभवन के पास दिल्ली-शामली सहारनपुर हाईवे को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही भैसानी इस्लामपुर और हसनपुर लुहारी गांव के पास दिल्ली-देहारादून इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे से भी यह जुड़ेगा। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जबकि अंबाला-शामली इकनामिक कॉरिडोर की डीपीआर बनाने का कार्य अंबाला डिविजन की पीआईयू को सौंपा गया है। अंबाला डिविजन की पीआईयू के उप प्रबंधक रविंद्र दलाल ने बताया कि अंबाला-शामली नए इकनॉमिक कॉरिडोर की डीपीआर तैयार होने में दो साल लगेंगे। इसकी तीन-ए की अधिसूचना का प्रकाशन होने में भी काफी समय लगेगा।
विज्ञापन