{"_id":"5bad29d0867a557f565e57bc","slug":"downgradation-on-chc-charges","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचसी प्रभारियों पर गिरी गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचसी प्रभारियों पर गिरी गाज
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Fri, 28 Sep 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
meeting
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं का आम जनता तक कुछ अधिकारियों की लापरवाही के कारण समय से लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। जननी शिशु सुरक्षा योजना में समय से पात्र प्रसूताओं को सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि उनके एकाउंट में नहीं पहुंचने पर थानाभवन, ऊन, कैराना व कांधला सीएचसी प्रभारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए शासन को कठोर कार्रवाई करने की संस्तुति की। डीएम ने कांधला के डाक्टर की संविदा समाप्त करने के निर्देश दिए है।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कांधला में जननी शिशु सुरक्षा योजना द्वारा लाभार्थियों को लाभ न पहुंचने की जांच तहसीलदार शामली को करने के आदेश दिए। रिपोर्ट गलत मिलने पर कांधला प्रभारी को निलंबित करने की चेतावनी दी। इस दौरान कांधला सीएचसी के सामने प्राइवेट नर्सिंग होम चलाने वाली कांधला सीएचसी की एक संविदा महिला चिकित्सक की सेवा समाप्त करने के आदेश जारी किए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनपद की ग्रेडिंग 74 नंबर पर पहुंच गई है।
उन्होंने सभी सीएचसी की जननी शिशु सुरक्षा योजना की समीक्षा की, जिस पर थानाभवन सीएचसी प्रभारी ने बताया कि उनके यहां पर 102 प्रसूताओं के खाते प्राप्त न होने के कारण उनकी धनराशि आज तक नहीं पहुंच पाई है। बस फिर क्या था इतना सुनते ही डीएम ने थानाभवन सीएचसी प्रभारी को जमकर फटकार लगाते हुए उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए।
विज्ञापन
उन्होंने ऊन सीएचसी प्रभारी से जननी शिशु सुरक्षा योजना द्वारा महिलाओं को लाभ दिए जाने की जानकारी दी। इस पर सीएचसी प्रभारी ने उन्हें बताया कि 115 प्रसूता महिलाओं को अब तक खाता नंबर न प्राप्त होने के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं पहुंच पाया हैं। जिस पर डीएम ने उन्हें भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए। उन्होंने कैराना, कांधला, शामली की भी इसी प्रकार समीक्षा की। इस पर कैराना सीएचसी प्रभारी ने बताया की उनके यहां 101 पात्र अभी भी शेष थे, जिनमें से 52 का एकाउंट प्राप्त न होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पाया। इसके अलावा कांधला सीएचसी प्रभारी ने तो संतोषजनक जवाब ही नहीं दिया।
कांधला सीएचसी प्रभारी ने बताया कि उनके यहां 78 पात्र का एकाउंट न होने तथा आधार से नहीं जुड़ने के कारण पैसा नहीं पहुंच पाया। 50 का पैसा पहुंच चुका हैं। इस पर डीएम ने कांधला व कैराना सीएचसी प्रभारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। कांधला के 50 प्रसूताओं की जांच तहसीलदार को करने के आदेश दिए। रिपोर्ट गलत पाए जाने पर सीएचसी कांधला प्रभारी रमेशचंद्रा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान एनएचएम की टीम ने बताया कि शामली सीएचसी का भी यही हाल है कि अस्पताल पर डाक्टर के पास में प्राइवेट आदमी रखा मिला, जो बाहर की दवाइयों को लिख रहा था। इस पर डीएम ने शामली सीएचसी प्रभारी डा. रमेशचंद्रा को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने जांच कर डाक्टर के खिलाफ खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बताया कि निरीक्षण में उन्होंने यह भी देखा कि थानाभवन के एक महिला मरीज को शामली में ब्लड बैंक की शाखा होने के बाद भी मुजफ्फरनगर के लिए रेफर किया गया। जहां पर उसकी रास्ते में मौत हो गई, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई। इस दौरान बैठक में एडीएम केवी सिंह, सीएमओ राजकुमार, डाक्टर. सफल कुमार, डाक्टर सुशील कुमार, डाक्टर . नेतराम, डाक्टर केपी सिंह, डाक्टर आरके सागर, डाक्टर अशोक अनिल कुमार ,डीपीएम आशुतोष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कांधला में जननी शिशु सुरक्षा योजना द्वारा लाभार्थियों को लाभ न पहुंचने की जांच तहसीलदार शामली को करने के आदेश दिए। रिपोर्ट गलत मिलने पर कांधला प्रभारी को निलंबित करने की चेतावनी दी। इस दौरान कांधला सीएचसी के सामने प्राइवेट नर्सिंग होम चलाने वाली कांधला सीएचसी की एक संविदा महिला चिकित्सक की सेवा समाप्त करने के आदेश जारी किए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनपद की ग्रेडिंग 74 नंबर पर पहुंच गई है।
उन्होंने सभी सीएचसी की जननी शिशु सुरक्षा योजना की समीक्षा की, जिस पर थानाभवन सीएचसी प्रभारी ने बताया कि उनके यहां पर 102 प्रसूताओं के खाते प्राप्त न होने के कारण उनकी धनराशि आज तक नहीं पहुंच पाई है। बस फिर क्या था इतना सुनते ही डीएम ने थानाभवन सीएचसी प्रभारी को जमकर फटकार लगाते हुए उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए।
विज्ञापन
उन्होंने ऊन सीएचसी प्रभारी से जननी शिशु सुरक्षा योजना द्वारा महिलाओं को लाभ दिए जाने की जानकारी दी। इस पर सीएचसी प्रभारी ने उन्हें बताया कि 115 प्रसूता महिलाओं को अब तक खाता नंबर न प्राप्त होने के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं पहुंच पाया हैं। जिस पर डीएम ने उन्हें भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए। उन्होंने कैराना, कांधला, शामली की भी इसी प्रकार समीक्षा की। इस पर कैराना सीएचसी प्रभारी ने बताया की उनके यहां 101 पात्र अभी भी शेष थे, जिनमें से 52 का एकाउंट प्राप्त न होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पाया। इसके अलावा कांधला सीएचसी प्रभारी ने तो संतोषजनक जवाब ही नहीं दिया।
कांधला सीएचसी प्रभारी ने बताया कि उनके यहां 78 पात्र का एकाउंट न होने तथा आधार से नहीं जुड़ने के कारण पैसा नहीं पहुंच पाया। 50 का पैसा पहुंच चुका हैं। इस पर डीएम ने कांधला व कैराना सीएचसी प्रभारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। कांधला के 50 प्रसूताओं की जांच तहसीलदार को करने के आदेश दिए। रिपोर्ट गलत पाए जाने पर सीएचसी कांधला प्रभारी रमेशचंद्रा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान एनएचएम की टीम ने बताया कि शामली सीएचसी का भी यही हाल है कि अस्पताल पर डाक्टर के पास में प्राइवेट आदमी रखा मिला, जो बाहर की दवाइयों को लिख रहा था। इस पर डीएम ने शामली सीएचसी प्रभारी डा. रमेशचंद्रा को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने जांच कर डाक्टर के खिलाफ खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बताया कि निरीक्षण में उन्होंने यह भी देखा कि थानाभवन के एक महिला मरीज को शामली में ब्लड बैंक की शाखा होने के बाद भी मुजफ्फरनगर के लिए रेफर किया गया। जहां पर उसकी रास्ते में मौत हो गई, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई। इस दौरान बैठक में एडीएम केवी सिंह, सीएमओ राजकुमार, डाक्टर. सफल कुमार, डाक्टर सुशील कुमार, डाक्टर . नेतराम, डाक्टर केपी सिंह, डाक्टर आरके सागर, डाक्टर अशोक अनिल कुमार ,डीपीएम आशुतोष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।