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डोडा तस्करी के आरोपी को सात साल की सजा सुनाई
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डोडा तस्करी के आरोपी को सात साल की सजा सुनाई
कैराना। डोडा तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में एक आरोपी को दोष सिद्ध पाये जाने पर फास्ट ट्रैक कोर्ट विशेष सत्र न्यायधीश (एनडीपीएस) सुबोध सिंह ने सात साल एवं पांच साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 30 हजार रुपये तथा 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) के कोर्ट मोहर्रिर राहुल अहलावत ने बताया कि 18 अगस्त 2013 को कैराना पुलिस ने निजाम निवासी ग्राम भूरा को 10 किलो डोडा के साथ गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। जमानत पर छूटने के बाद निजाम पुन: 24 दिसंबर 2013 को फिर से 10 किलो डोडा रखने के आरोप में गिरफ्तार होकर जेल चला गया था। दोनों मुकदमों की सुनवाई कैराना स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली। मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से 18 अगस्त 2013 के मुकदमे में चार गवाह तथा 24 दिसंबर 2013 के मुकदमे में तीन गवाह पेश किए।
बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने तथा पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायधीश (एनडीपीएस) सुबोध सिंह ने दोष सिद्ध पाये जाने पर निजाम को 18 अगस्त 2013 को 10 किलो डोडे के साथ पकड़े जाने वाले मुकदमे में पांच साल की सजा तथा 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि 24 दिसंबर को फिर से 10 किलो डोडे के साथ पकडे जाने वाले मुकदमे में सात साल की सजा तथा 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी सहायक जिला एवं शासकीय अधिवक्ता अशोक पुंडीर द्वारा की गई।
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कैराना। डोडा तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में एक आरोपी को दोष सिद्ध पाये जाने पर फास्ट ट्रैक कोर्ट विशेष सत्र न्यायधीश (एनडीपीएस) सुबोध सिंह ने सात साल एवं पांच साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 30 हजार रुपये तथा 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) के कोर्ट मोहर्रिर राहुल अहलावत ने बताया कि 18 अगस्त 2013 को कैराना पुलिस ने निजाम निवासी ग्राम भूरा को 10 किलो डोडा के साथ गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। जमानत पर छूटने के बाद निजाम पुन: 24 दिसंबर 2013 को फिर से 10 किलो डोडा रखने के आरोप में गिरफ्तार होकर जेल चला गया था। दोनों मुकदमों की सुनवाई कैराना स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली। मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से 18 अगस्त 2013 के मुकदमे में चार गवाह तथा 24 दिसंबर 2013 के मुकदमे में तीन गवाह पेश किए।
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बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने तथा पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायधीश (एनडीपीएस) सुबोध सिंह ने दोष सिद्ध पाये जाने पर निजाम को 18 अगस्त 2013 को 10 किलो डोडे के साथ पकड़े जाने वाले मुकदमे में पांच साल की सजा तथा 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि 24 दिसंबर को फिर से 10 किलो डोडे के साथ पकडे जाने वाले मुकदमे में सात साल की सजा तथा 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी सहायक जिला एवं शासकीय अधिवक्ता अशोक पुंडीर द्वारा की गई।
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