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आड़े नहीं आई मुफलिसी की बेड़ियां, लिखी कामयाबी की इबारत
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
Updated Mon, 30 Apr 2018 12:37 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। अगर किसी काम को पूरी लगन के साथ ठान लिया जाए, तो मजबूरी की बेड़ियां टूट जाती हैं और कामयाबी जरूर मिलती है। बस जरूरत होती है कड़ी मेहनत की और लिख दी जाती है कामयाबी की इबारत। यूपी बोर्ड हाईस्कूल के घोषित परिणाम में कई छात्रों ने इसे साबित भी किया है, जिनके परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। एक छात्र की मां धागा फैक्ट्री में मजदूरी करती है और छात्र तथा उसकी बहनें भी उसमें सहयोग करती हैं, तो दूसरे छात्र के पिता दर्जी हैं।
80 गज के जर्जर मकान में छिपी प्रतिभा
शामली के मोहल्ला रामशाला निवासी हर्ष सिंघल ने सत्यनारायण इंटर कॉलेज से 10 वीं की परीक्षा में 90.17 अंक प्राप्त किए हैं। हर्ष के पिता विनीज कुमार अपनी जिम्मेदारी को ठीक से नहीं निभा पाते हैं। रिक्शा चलाकर जो कमाते हैं, वह अपने ऊपर ही खर्च कर लेते हैं। परिवार महज 80 वर्ग गज के खस्ताहाल मकान में रहता है।
मजबूरी में हर्ष की मां मंजूलता को इसी मोहल्ले की धागा फैक्ट्री में मजदूरी करनी पड़ रही है। वहां से उन्हें दो से ढाई हजार रुपये प्रति माह तक मिल पाते हैं। बावजूद इसके मंजू ने हर्ष के साथ ही उसकी बहन बहन वर्षा सिंघल और नेहा सिंघल को भी पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रखी है। वर्षा सिंघल कैराना स्थित विजय सिंह पथिक महाविद्यालय से बीएससी कर रही हैं, तो नेहा सिंघल शामली के सत्यनारायण इंटर कॉलेज में 12 वीं की छात्रा है। यह परिवार जिस मकान में रहता है, वह जर्जर हो चुका है। आगे एक कमरा है, जबकि पीछे बरामदा है। एक कमरे में ही परिवार रहकर जीवनयापन कर रहा है। छात्र हर्ष ने कहा कि हमारी मां ही हमारी प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने हमें मेहनत से पढ़ने और परिवार का नाम रोशन करने की सीख दी है। हालांकि उनकी मां मंजूलता और पिता आठवीं तक ही पढ़े हैं।
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बच्चों ने अरमानों को पूरा किया
फुगाना के पास गांव खेड़ामस्तान निवासी विपुल रुहेला ने शामली के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज से हाईस्कूल में 88 अंक प्राप्त कर कॉलेज टॉप किया है। उसके बड़े भाई विशाल रुहेला ने 2017 में इसी विद्यालय में पढ़ाई करते हुए 12 वीं के परीक्षा परिणाम में जिला टॉप किया था। विपुल के पिता अवधेश रुहेला गांव में ही दर्जी हैं। किराये की दुकान से अपना किसी तरह परवरिश करने के लिए काम चलाते हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपने दोनों बेटों को पढ़ा-लिखाने का बीड़ा उठाया और बच्चों ने भी पिता के अरमानों पर पानी नहीं फिरने दिया। कड़ी मेहनत करके दोनों बेटों ने पिता के साथ ही परिवार का नाम रोशन किया। रविवार को जब यूपी बोर्ड हाईस्कूल का रिजल्ट घोषित हुआ और उसमें विपुल रुहेला के कॉलेज टॉपर बनने की जानकारी पिता अवधेश रुहेला को हुई, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह खुद ही विपुल को साथ लेकर विद्यालय में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि दोनों बेटों की वजह से सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।
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80 गज के जर्जर मकान में छिपी प्रतिभा
शामली के मोहल्ला रामशाला निवासी हर्ष सिंघल ने सत्यनारायण इंटर कॉलेज से 10 वीं की परीक्षा में 90.17 अंक प्राप्त किए हैं। हर्ष के पिता विनीज कुमार अपनी जिम्मेदारी को ठीक से नहीं निभा पाते हैं। रिक्शा चलाकर जो कमाते हैं, वह अपने ऊपर ही खर्च कर लेते हैं। परिवार महज 80 वर्ग गज के खस्ताहाल मकान में रहता है।
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मजबूरी में हर्ष की मां मंजूलता को इसी मोहल्ले की धागा फैक्ट्री में मजदूरी करनी पड़ रही है। वहां से उन्हें दो से ढाई हजार रुपये प्रति माह तक मिल पाते हैं। बावजूद इसके मंजू ने हर्ष के साथ ही उसकी बहन बहन वर्षा सिंघल और नेहा सिंघल को भी पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रखी है। वर्षा सिंघल कैराना स्थित विजय सिंह पथिक महाविद्यालय से बीएससी कर रही हैं, तो नेहा सिंघल शामली के सत्यनारायण इंटर कॉलेज में 12 वीं की छात्रा है। यह परिवार जिस मकान में रहता है, वह जर्जर हो चुका है। आगे एक कमरा है, जबकि पीछे बरामदा है। एक कमरे में ही परिवार रहकर जीवनयापन कर रहा है। छात्र हर्ष ने कहा कि हमारी मां ही हमारी प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने हमें मेहनत से पढ़ने और परिवार का नाम रोशन करने की सीख दी है। हालांकि उनकी मां मंजूलता और पिता आठवीं तक ही पढ़े हैं।
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बच्चों ने अरमानों को पूरा किया
फुगाना के पास गांव खेड़ामस्तान निवासी विपुल रुहेला ने शामली के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज से हाईस्कूल में 88 अंक प्राप्त कर कॉलेज टॉप किया है। उसके बड़े भाई विशाल रुहेला ने 2017 में इसी विद्यालय में पढ़ाई करते हुए 12 वीं के परीक्षा परिणाम में जिला टॉप किया था। विपुल के पिता अवधेश रुहेला गांव में ही दर्जी हैं। किराये की दुकान से अपना किसी तरह परवरिश करने के लिए काम चलाते हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपने दोनों बेटों को पढ़ा-लिखाने का बीड़ा उठाया और बच्चों ने भी पिता के अरमानों पर पानी नहीं फिरने दिया। कड़ी मेहनत करके दोनों बेटों ने पिता के साथ ही परिवार का नाम रोशन किया। रविवार को जब यूपी बोर्ड हाईस्कूल का रिजल्ट घोषित हुआ और उसमें विपुल रुहेला के कॉलेज टॉपर बनने की जानकारी पिता अवधेश रुहेला को हुई, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह खुद ही विपुल को साथ लेकर विद्यालय में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि दोनों बेटों की वजह से सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।